हनी सिंह-बादशाह को दिल्ली हाई कोर्ट की फटकार, सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाना होगा 20 साल पुराना ये गाना

हनी सिंह-बादशाह को दिल्ली हाई कोर्ट की फटकार, सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाना होगा 20 साल पुराना ये गाना

Honey Singh And Badshah Song: दिल्ली हाई कोर्ट ने हनी सिंह और बादशाह के एक 20 साल पुराने गाने को तमाम डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि उनके गाने में कोई भी कलात्मक या सामाजिक मूल्य नहीं है.

Honey Singh And Badshah Song: दिल्ली हाई कोर्ट ने रैपर हनी सिंह और बादशाह को फटकार लगाई है. दोनों साल 2006 में ‘वॉल्यूम 1’ के नाम से एक गाना लेकर आए थे. कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ शब्दों में कहा है कि उन्हें सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से ये गाना हटाना होगा. कोर्ट ने उनके इस गाने को ‘अश्लील और अपमानजनक’ बताते हुए ऐसा करने का निर्देश दिया है.

कोर्ट का कहना है कि उनका ये गाना महिलाओं के प्रति अपमानजनक है. ऐसे मे इस गाने को इंटरनेट से हटाना होगा. दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को ये निर्देश दिया है. गाने पर आपत्ति जताते हुए कोर्ट ने कहा कि ये गाना शिष्टता के न्यूनतम मानकों की भी पूरी तरह से अवहेलना करता है. न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि हनी सिंह और बादशाह के इस गाने ने अदालत की अंतरात्मा को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है.

महिलाओं के प्रति अपमानजनक है गाना- कोर्ट

कोर्ट ने ये भी कहा कि कलात्मक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में ऐसे गाने बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किए जा सकते हैं. न्यायमूर्ति कौरव का कहना कि उन्होंने इस गाने को अपने केबिन में सुना और ऐसा पाया कि इस गाने में कोई कलात्मक या सामाजिक मूल्य नहीं है. साथ ही महिलाओं के प्रति अपमानजनक है.

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कोर्ट ने हनी सिंह और बादशाह को इस मामले में नोटिस जारी करते हुए सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से गाने को हटाने का निर्देश दिया है. इस मामले पर अगली सुनवाई 7 मई को होने वाली है. सभी सोशल मीडिया कंपनी और म्यूजिक प्लेटफॉर्म को भी कहा गया है कि वो इस गाने को अपने प्लेटफॉर्म से ब्लॉक करें. कोर्ट ने कहा कि इस बात का ख्याल रखा जाए कि किसी भी प्लेटफॉर्म पर ये गाना मौजूद न रहे.

हिंदू शक्ति दल की याचिका पर फैसला

दिल्ली हाई कोर्ट ने ये फैसला हिंदू शक्ति दल नाम के एक संगठन की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया है. दरअसल, इस संगठन ने गाने को महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताते हुए तमाम डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाने की मांग की थी. कोर्ट ने ये भी कहा कि अगर याचिकाकर्ता को भविष्य में कहीं भी ये गाना मिलता है तो वो इस बारे में सरकार, साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भी बता सकते हैं.