रिस्की सिनेमा का दौर लौट रहा, जॉम्बी फिल्म में ‘धुरंधर’ रणवीर, कोई सुपरहीरो तो कोई बन रहा नाग

रिस्की सिनेमा का दौर लौट रहा, जॉम्बी फिल्म में ‘धुरंधर’ रणवीर, कोई सुपरहीरो तो कोई बन रहा नाग

भारत में इस समय जिस तरह की फिल्में बन रही हैं, अगर उस पर नजर डालें तो पता चलता है कि एक्सपेरिमेंटल सिनेमा का दौर लौट रहा है. कुछ बड़े एक्टर्स लीक से हटकर फिल्में बना रहे हैं. वो जिस तरह की फिल्में करते आए हैं, अब उससे कुछ अलग कर रहे हैं. इसस सबसे ज्यादा फायदा ऑडियंस को होगा.

इंडियन सिनेमा के 113 सालों के इतिहास में हर दशक में एक ऐसा दौर आया जब कलाकारों ने लीक से हटकर कुछ एक्सपेरिमेंट करने की कोशिश की. कई बार ये एक्सपेरिमेंट कामयाब रहा तो कई बार दांव उल्टा भी पड़ा. पर सितारे और फिल्मकारों ने रिस्क लेना कभी छोड़ा नहीं. इसलिए एक्सपेरिमेंटल सिनेमा को रिस्की सिनेमा भी कहते हैं. ऋतिक रोशन से लेकर सलमान खान और शाहरुख खान तक, कई एक्टर पर्दे पर कुछ नया पेश करने का रिस्क लेते रहे हैं. पर अब ऐसा लगता है वो दौर एक बार फिर वापस आ रहा है और भारत में एक बार फिर बड़े सितारे कुछ हटकर बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

इस समय कौन-कौन सी फिल्में मेकिंग में हैं, जिसके जरिए पर्दे पर कुछ नया अनुभव मिलेगा, वो जानने से पहले चलिए कुछ ऐसे ही पुराने प्रोजेक्ट पर नजर डाल लेते हैं, जिसमें बड़ा रिस्क लिया गया था.

एक्सपेरिमेंट में ऋतिक रोशन पास

हीरो को लेकर हमारे दिमाग में जो छवि बनी हुई है, वो कुछ इस तरह है कि हीरो मार नहीं खा सकता है, वो मजबूत और हर चीज में बिल्कुल परफेक्ट होगा, लेकिन राकेश रोशन ने साल 2003 में अपने बेटे ऋतिक रोशन के साथ ‘कोई मिल गया’ बनाई. ये एक साई-फाई फिल्म थी, जहां हीरो आम लोगों की तरह नहीं था, वो थोड़ा कम समझदार था, उसकी सोचने और समझने की क्षमता कम थी. ये एक्सपेरिमेंट सफल हुआ और फिल्म सुपरहिट हुई. आगे चलकर राकेश रोशन ने ‘कृष’ के रूप में इस फिल्म को फ्रेंचाइजी का रूप दे दिया और साई-फाई जॉनर को सुपरहीरो में तब्दील कर दिया. ये प्रोजेक्ट भी सफल रहा. लोगों ने पहले ऋतिक को ‘कोई मिल गया’ में भी कुबूल किया और फिर उन्हें सुपरहीरो अवतार में भी देखा.

रिस्की सिनेमा में शाहरुख खान फेल

शाहरुख खान ‘रा.वन’ (2011) और ‘जीरो’ (2018) जैसी फिल्मों के जरिए प्रयोग कर चुके हैं, लेकिन फेल हुए. ‘रा.वन’ के जरिए उन्होंने उस दौर में VFX देने की कोशिश की, जब भारत में VFX का जिक्र तक नहीं होता था. जैसे-तैसे इस फिल्म ने अपना बजट निकाला. वर्ल्डवाइड फिल्म हिट तो हो गई थी, लेकिन मेकर्स की उम्मीदों पर बिल्कुल खरी नहीं उतर पाई थी. ‘जीरो’ में उन्होंने बौने आदमी का कैरेक्टर प्ले किया, लेकिन लोगों ने उन्हें यहां नकार दिया. बॉक्स ऑफिस पर हाल- फ्लॉप.

मासूम सलमान लोगों को नहीं भाए

साल 2015. सलमान खान की भी एक एक्सपेरिमेंटल फिल्म आती है. बजरंगी भाईजान. वो अपने दबंग अवतार से बाहर निकलते हैं और थोड़ा इमोशनल रोल निभाते हैं. फिल्म ब्लॉकबस्टर होती है और उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म बन जाती है. 2017 में वो एक बार फिर से रिस्क लेते हैं और अपने भाई सोहेल खान के साथ मिलकर ‘ट्यूबलाइट’ बनाते हैं. इस बार वो अपने हीरो वाले अवतार से पूरी तरह बाहर निकल जाते हैं और लक्ष्मण नाम के एक ऐसे लड़के का रोल निभाते हैं, जो बेहद मासूम है और भोला है, वो आम लोगों से अलग है. लेकिन फैंस सलमान को पर्दे पर दबंग किरदार में देखना पसंद करते हैं, ऐसे में उनका ये एक्सपेरिमेंट फेल हो जाता है.

अब चलिए बात करते हैं उन एक्टर्स की, जो इस समय कुछ नया प्रयोग कर रहे हैं.

  • कार्तिक आर्यन

शुरुआत कार्तिक आर्यन से. अब तक उन्होंने ज्यादातर रोमांटिक और कॉमेडी जॉनर की फिल्में की हैं, लेकिन अब वो हमें पर्दे पर नाग के किरदार में दिखेंगे. करण जौहर की कंपनी धर्मा प्रोडक्शन के बैनर तले कार्तिक ‘नागजिला’ नाम की फिल्म ला रहे हैं. एक हीरो, जो पर्दे पर रोमांस करता है, कॉमेडी करता है, थोड़ा बहुत एक्शन भी कर लेता है, उसे एक नाग के रोल में देखना बिल्कुल नया एक्सपीरियंस होगा.

Kartik Naagzilla Pic

  • रणवीर सिंह

रणवीर सिंह, जैसे रियल लाइफ में हैं, वैसे ही पर्दे पर. एनर्जी से भरपूर. ‘सिंबा’ और ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ जैसी फिल्मों में जब आप उन्हें थोड़ा कॉमेडी करते देखते हैं, तो लगता है कि आप असल रणवीर को ही देख रहे हैं. ऐसे में फैंस को एक कनेक्शन भी महसूस होता है. उन्होंने ‘पद्मावत’ और ‘बाजीराव मस्तानी’ जैसी हिस्टोरिकल ड्रामा फिल्में भी की हैं और फिर ‘धुरंधर’ में स्पाई एजेंट बने. मतलब इंडियन ऑडियंस की डिमांड के हिसाब से वो एक्शन से लेकर रोमांटिक और कॉमेडी तक सबकुछ कर चुके हैं. पर अब वो कुछ ऐसा करने जा रहे हैं, जिसकी डिमांड भारत में कम है. इंडिया में उस तरह की फिल्मों का चलन नहीं है. दरअसल, वो एक जॉम्बी फिल्म में काम कर रहे हैं.

Ranveer

वो ‘प्रलय’ नाम की एक फिल्म पर काम कर रहे हैं, जो 300 करोड़ रुपये के बजट में बन रही है. ये एक एक्सपेरिमेंटल प्रोजेक्ट तो है, लेकिन अगर चल गया तो इंडियन फिल्ममेकर्स के लिए एक नए जॉनर का रास्ता खुल जाएगा. पहले इस जॉनर में भारत में ‘गो गोवा गॉन’ जैसी फिल्म बनी है. सैफ अली खान, कुणाल खेमू जैसे स्टार्स दिखे थे, लेकिन सफलता की दहलीज को पार नहीं कर पाए.

  • अल्लू अर्जुन

अल्लू अर्जुन और डायरेक्टर एटली एक साथ ‘राका’ नाम से फिल्म बना रहे हैं. बजट तकरीबन 800 करोड़ रुपये है. ये एक साई-फाई सुपरहीरो एक्शन फिल्म है. इस फिल्म की सबसे खास बात अल्लू अर्जुन का अवतार है. वो सुपहीरो का रोल कर रहे हैं. बजट से जाहिर है कि ये कितना बड़ा प्रोजेक्ट है. इसके लिए मेकर्स ने अमेरिकन VFX कंपनी Lola Visual Effects के साथ हाथ मिलाया. ये कंपनी कैप्टन अमेरिका जैसी फिल्मों पर काम कर चुकी है.

Raaka Movie

‘राका’ के जरिए अल्लू अर्जुन सुपहीरो बनकर कुछ नया जरूर कर रहे हैं, लेकिन जिस तरह से ‘पुष्पा 2’ के बाद विदेशों में भी उनकी पॉपुलैरिटी बढ़ी है, उनका ब्रांड बना है और मेकर्स ने जिस तरह की तैयारी की है, उससे जाहिर है कि ये एक्सपेरिमेंटल प्रोजेक्ट सफलता के द्वार पर खड़ा है. क्योंकि रिस्क वहां पर ज्यादा होता है, जहां पर एक्टर का ट्रैक रिकॉर्ड एवरेज हो या फिर पॉपुलैरिटी कम. अगर फिल्म में अल्लू अर्जुन जैसा एक्टर हो, जो भारत को सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तीसरी बड़ी फिल्म दे चुका है, तो दर्शकों को भी फिल्म का इंतज़ार होने लगता है. और सबसे खास बात सुपहीरो वाली फिल्मों की भारत में अच्छी डिमांड है. इसका उदाहरण ‘कृष’ और ‘रोबोट’ जैसी फिल्में हैं.

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सबसे ज्यादा फायदा किसको?

अब जब इन तीन फिल्मों के जरिए एक बार फिर भारतीय सिनेमा में एक्सपेरिमेंट का दौर लौट रहा है, तो इससे जाहिर है कि आगे भी दूसरे फिल्ममेकर्स इस राह पर कदम बढ़ाएंगे. ऐसे में सबसे ज्यादा फायदा ऑडियंस को होगा, क्योंकि ऑडियंस की हमेशा शिकायत होती है कि कुछ अलग नहीं आ रहा है. इन प्रोजेक्ट्स के जरिए वो कुछ नया अनुभव कर पाएंगे. साथ ही विदेशी सिनेमा पर हमारी निर्भरता भी कम होगी.

इसराफिल
इसराफिल

ज्ञान एवं मोक्ष की भूमि गया से ताल्लुक रखने वाले इसराफिल TV9 भारतवर्ष के हिंदी डिजिटल विंग में बतौर सीनियर सब-एडिटर काम कर रहे हैं. वो यहां दिसंबर 2022 से एंटरटेनमेंट सेक्शन में अपनी जिम्मदेरियां निभा रहे हैं और लोगों तक ताजातरीन खबरें पहुंचा रहे हैं. उनकी कोशिश होती है कि वो हर छोटी-बड़ी खबर की बारीकी को आसान शब्दों में समझा सकें. फिल्मी गॉसिप्स और बी-टाउन के सितारों से जुड़ी किस्से कहानियों में इसराफिल की खास दिलचस्पी है. किताबों और इंटरनेट के जरिए वो अलग-अलग किस्सों को जानने की कोशिश में लगे रहते हैं. उनमें से खास कहानियों को वो अपने पाठकों तक भी पहुंचाते हैं.अपने आबाई शहर से ही शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद इसराफिल ने दिल्ली NCR का रुख किया और चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से एफिलिएटिड IIMT कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट, ग्रेटर नोएडा से पत्रकारिता एवं जनसंचार (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई की. TV9 के साथ जुड़ने से पहले वो ABP न्यूज की हिंदी वेबसाइट में कंसल्टेंट राइटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उससे पहले उन्होंने और भी कुछ एंटरटेनमेंट वेबसाइट्स के लिए काम किया है. उनके पत्रकारिता करियर की शुरुआत JK24×7 न्यूज के साथ बतौर इंटर्न हुई थी."

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