Anurag Dobhal: क्या आज की पीढ़ी अटेंशन की भूखी है? अनुराग डोभाल मामले ने उठाए कई सवाल
Anurag Dobhal News: डिजिटल दुनिया की चकाचौंध में इन्फ्लुएंसर्स किस हद तक गिर सकते हैं? अनुराग डोभाल की हालिया हरकत ने न सिर्फ सड़क सुरक्षा, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
Anurag Dobhal News: मशहूर यूट्यूबर अनुराग डोभाल, जिन्हें दुनिया ‘बाबू भैया’ के नाम से जानती है, उनके एक कदम ने पूरे इंटरनेट जगत को हिलाकर रख दिया है. डिप्रेशन और मानसिक प्रताड़ना का हवाला देते हुए अनुराग ने रविवार को लाइव आकर 150 की रफ्तार से गाड़ी चलाते हुए जान देने की कोशिश की. उन्होंने अपनी कार को डिवाइडर से टकरा दिया था. इस खौफनाक मंजर को लाखों लोगों ने लाइव देखा. इस एक्सीडेंट में महंगी गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और अनुराग को गंभीर चोटें आईं. लेकिन इस घटना के बाद सहानुभूति से ज्यादा सवालों का सैलाब उमड़ पड़ा है. सवाल पूछा जा रहा है कि क्या यह वाकई डिप्रेशन था या फिर 17 मिलियन फॉलोअर्स के लिए रचा गया एक ‘खतरनाक’ पब्लिसिटी स्टंट?
अनुराग की इस हरकत पर जहां कुछ सेलेब्स ने सहानुभूति जताई, वहीं एक्टर सिद्धार्थ भारद्वाज ने उन्हें आड़े हाथों लिया है. सिद्धार्थ ने बड़ी ही बेबाकी से कहा कि डिप्रेशन के नाम पर दूसरों की जान जोखिम में डालना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है.
View this post on Instagram
सिद्धार्थ ने साधा निशाना
सिद्धार्थ ने कहा था कि मेरी सहानुभूति उनके साथ है, लेकिन डिप्रेशन कानून से बड़ा नहीं है. अगर आप कल को कोर्ट में जाकर कहेंगे कि मैं डिप्रेशन में था इसलिए किसी को मार दिया, तो जज साहब जेल में डालकर आपका सारा डिप्रेशन ठीक कर देंगे. आप अपनी मानसिक स्थिति के चक्कर में सड़क पर चल रहे मासूमों की जान खतरे में कैसे डाल सकते हैं? वो भी 150 की स्पीड पर गाड़ी चलाकर और उसे लाइव स्ट्रीम करके!” सिद्धार्थ ने अपने संघर्षों का जिक्र करते हुए आगे कहा कि उन्होंने भी जिंदगी में बहुत बुरा दौर देखा है, गरीबी, घरेलू हिंसा और मानसिक शोषण झेला है, लेकिन उन्होंने कभी इसका तमाशा नहीं बनाया. सिद्धार्थ के मुताबिक, अनुराग नौजवानों को गलत संदेश दे रहे हैं और डिप्रेशन जैसे गंभीर मुद्दे का मजाक बना रहे हैं.
अटेंशन अब एक बीमारी बन चुका है
मशहूर पॉडकास्टर और अपने अलग कंटेंट के लिए मशहूर इंटरनेट पर्सनालिटी श्रवण शाह, जो अपनी गहरी समझ के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने इस मुद्दे को आज की पीढ़ी की ‘अटेंशन’ पाने की भूख से जोड़ा. श्रवण का मानना है कि सोशल मीडिया अब सिर्फ एक जरिया नहीं, बल्कि लोगों की पूरी दुनिया बन चुका है. टीवी9 हिंदी डिजिटल के साथ की बातचीत में श्रवण शाह ने कहा, “आज की पीढ़ी की सबसे बड़ी समस्या ‘अटेंशन’ की है.”
श्रवण आगे बोलते हैं, “हर कोई हर पल कैमरे के सामने रहना चाहता है. ये कब आपकी हॉबी से एक जूनून और फिर एक ऑब्सेशन में बदल जाता है, इसका पता ही नहीं चलता. हालांकि, अनुराग के मामले में हमें एक थर्ड पर्सन की तरह जजमेंटल होने से बचना चाहिए. उन्हें कोसना, ट्रोल करना, जज करना ये इस समस्या का समाधान नहीं है. डिप्रेशन एक ऐसी स्थिति है, जिसे अनदेखा करने या जज करने के बजाय इलाज और प्यार की जरूरत है. हमें अनुराग के प्रति हमदर्दी दिखानी चाहिए और उनकी मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाना चाहिए. ‘सोशल मीडिया रिहैबिलिटेशन’ समय की जरूरत है.”
इजी मनी और सेंसरशिप की कमी
वरिष्ठ पत्रकार लिपिका वर्मा ने इस पूरे मामले को असुरक्षा और ‘ईजी मनी’ (आसानी से आने वाले पैसे) से जोड़ा. उनका मानना है कि सोशल मीडिया की चकाचौंध ने वास्तविकता और दिखावे के बीच की लकीर को मिटा दिया है. उन्होंने कहा, “एंजायटी और असुरक्षा (इन्सेक्योरिटी) इस तरह के व्यवहार का मुख्य कारण हैं. पुराने दौर के कलाकारों को हकीकत पता थी, क्योंकि तब पैसा इतनी आसानी से नहीं आता था.”
View this post on Instagram
आगे लिपिका वर्मा में ने कहा.”आज जब आसानी से पैसा और शोहरत मिल जाती है, तब न परिवार की कद्र रहती है और न ही जिंदगी की. सिर्फ अनुराग ही नहीं, जिस तरह का कंटेंट सोशल मीडिया पर परोसा जा रहा है, अब समय आ गया है कि इस पर ‘सेंसर’ लगे. मुमकिन है कि अनुराग की स्थिति सच हो, लेकिन जिस तरह से इस घटना को ‘हाइप’ मिल रही है, कल को उन्हें फॉलो करने वाले कई और ‘अनुराग’ पैदा होंगे जो व्यूज के लिए ऐसा खतरनाक स्टंट करेंगे. इसे कंट्रोल करने के लिए हमें बिल्कुल जीरो से काम करना होगा.”
जरीन खान ने उठाया ‘एस्थेटिक दुख’ पर सवाल
इसी बीच एक्ट्रेस जरीन खान का एक पुराना वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘दिखावे वाले दुख’ पर चोट की थी. जरीन ने सवाल उठाया था कि लोग ब्रेकडाउन होने के दौरान भी सही कैमरा एंगल और लाइटिंग कैसे सेट कर लेते हैं? क्या उन्हें पता होता है कि अब उन्हें रोना आने वाला है तो पहले ट्राइपॉड लगा लेते हैं? जरीन का ये वीडियो अनुराग की लाइव स्ट्रीमिंग वाली घटना पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है.
खुद के भाई भी हुए खिलाफ
अनुराग डोभाल के खुद के भाई ने भी इसे ‘व्यूज’ और ‘सिम्पैथी’ के लिए किया गया एक्शन बताया है. सवाल यही है कि क्या 17 मिलियन की फैन फॉलोइंग वाले इन्फ्लुएंसर को अपनी जिम्मेदारी का अहसास नहीं होना चाहिए? डिप्रेशन एक गंभीर बीमारी है, इसका इलाज डॉक्टर के पास है, 150 की रफ्तार वाली गाड़ी के स्टीयरिंग पर नहीं. अनुराग की इस हरकत ने इंटरनेट पर एक ऐसी बहस छेड़ दी है जिसका अंत शायद सख्त सोशल मीडिया नियमों के साथ ही होगा.



