ईरानी शासन ने 42 हजार लोगों को मारा…अब समझौते को बेताब, ट्रंप का बड़ा दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के शासन पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ईरानी शासन ने 42,000 लोगों को मार डाला. अब मैं किसी न किसी तरह से उस देश को बचाने की कोशिश कर रहा हूं.
मिडिल ईस्ट तनाव पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान समझौते के लिए बेताब है. ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जंग को लेकर कहा कि सैन्य अभियान के बावजूद, मैं इसे युद्ध नहीं कहता हूं. उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना, वायु सेना और से हर तरह के उपकरण नष्ट हो चुके हैं. उनके ड्रोन कारखाने लगभग 82% ठप हो चुके हैं. ट्रंप ने कहा कि अब ईरान समझौता करना चाहता है. हमने उनकी परमाणु क्षमता को पूरी तरह नष्ट कर दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के शासन पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ईरानी शासन ने 42,000 लोगों को मार डाला. अब मैं किसी न किसी तरह से उस देश को बचाने की कोशिश कर रहा हूं. यह एक क्रूर समूह है, लेकिन हमने उन्हें पूरी तरह से खत्म कर दिया है. उनकी अर्थव्यवस्था भी पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है, इसलिए हम देखेंगे कि वो कब तक टिक पाएंगे.
#WATCH | On the Iranian regime, US President Donald J Trump says, “They killed 42,000 people… I am trying to save that country in a certain way… This is a rough group, but we have decimated them, and their economy is a disaster, so we will see how long they hold out.” pic.twitter.com/Lu1sqlaDlJ
— ANI (@ANI) April 30, 2026
परमाणु और मिसाइल क्षमताओं की रक्षा करेगा ईरान
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने गुरुवार को कहा कि इस्लामिक गणराज्य अपनी ‘परमाणु और मिसाइल क्षमताओं’ को राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में संरक्षित रखेगा. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्धविराम को स्थायी बनाने के लिए व्यापक समझौते की कोशिश कर रहे हैं. सरकारी टेलीविजन पर पढ़े गए लिखित बयान में खामेनेई ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि फारस की खाड़ी में अमेरिकियों की जगह केवल ‘इसके पानी की तह में’ है और क्षेत्र के इतिहास में ‘नया अध्याय’ लिखा जा रहा है.
ईरान के तेल उद्योग पर दबाव बढ़ा
इस बीच, अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी के कारण ईरान के तेल उद्योग पर दबाव बढ़ गया है, जिससे उसके तेल टैंकर समुद्र में नहीं जा पा रहे हैं.वहीं, ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखने के कारण जून आपूर्ति के लिए बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (कच्चा तेल) की कीमत गुरुवार के कारोबार में 126 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के लगभग पांचवें हिस्से के व्यापार का प्रमुख मार्ग है.
अमेरिका के लिए भी चुनौती खड़ी
इन परिस्थितियों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है और अमेरिका के लिए भी चुनौती खड़ी कर दी है.खामेनेई ने एक बयान में कहा, ईश्वर की मदद से फारस की खाड़ी क्षेत्र का भविष्य अमेरिका के बिना होगा. एक ऐसा भविष्य जो यहां के लोगों की प्रगति और समृद्धि के लिए होगा. उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी से जुड़े देशों का साझा भविष्य है और बाहरी शक्तियों का यहां कोई स्थान नहीं है.
युद्धविराम के बीच बढ़ा तनाव
युद्धविराम को लेकर संशय की स्थिति के बीच अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर टकराव जारी है. अमेरिकी नाकेबंदी का उद्देश्य ईरान की तेल बिक्री को रोकना है, जिससे उसकी आय प्रभावित हो सके. वहीं, होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से तेल और गैस की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे अमेरिका और उसके खाड़ी सहयोगियों पर दबाव बढ़ा है. ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता को टालने का प्रस्ताव भी दिया है. हालांकि, अमेरिका का कहना है कि वह ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना चाहता है.
परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण
ईरान लंबे समय से यह दावा करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है, हालांकि उसने लगभग 60 प्रतिशत तक हथियार-स्तरीय यूरेनियम का संवर्धन किया है.मुजतबा खामेनेई ने बयान में कहा, देश के अंदर और बाहर रहने वाले नौ करोड़ गौरवान्वित और सम्मानित ईरानी, ईरान की पहचान पर आधारित सभी आध्यात्मिक, मानवीय, वैज्ञानिक, औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं को – नैनो तकनीक तथा जैव प्रौद्योगिकी से लेकर परमाणु और मिसाइल क्षमताओं तक- राष्ट्रीय संपत्ति मानते हैं.



