‘तुम्हारी याद आ रही, लेने आ जाओ न’… पति को फोन कर बुलाया घर, खुद प्रेमी संग भाग गई पत्नी

‘तुम्हारी याद आ रही, लेने आ जाओ न’… पति को फोन कर बुलाया घर, खुद प्रेमी संग भाग गई पत्नी

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक विवाहिता महिला ने अपने प्रेमी संग भागने के लिए खुद के अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह पूरा षड्यंत्र महिला ने ताई और भाई की सहमति से रचा था, ताकि पति को गुमराह किया जा सके.

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के तहत आने वाले मेडिकल कालेज से खुद के अपहरण की झूठी कहानी गढ़ने वाली प्रीति पढ़ी लिखी नहीं है, लेकिन उसका दिमाग काफी शातिर है. उसने अपने प्रेमी के साथ भागने से चंद मिनट पहले तक अपने पति अनिकेत परिहार को यह अहसास नहीं होने दिया कि वह उससे नफरत करती है. यह बात अनिकेत ने बताई. अनिकेत के अनुसार, जब वह मेडिकल कालेज आई थी तो उसने वहां से उसे फोन किया.

फोन करके पत्नी ने कहा कि मुझे तुम्हारी याद आ रही है, तुम मुझे लेने आ जाओ, तुम्हारे बिना मेरा दिल नहीं लग रहा है. इसके बाद उसने यह कहते हुए फोन काट दिया कि वह घर पहुंचकर उससे बात करेगी. खास बात यह है कि अनिकेत और प्रीति की शादी भले ही अप्रैल महीने में हुई हो, लेकिन सगाई एक साल पहले हो चुकी थी. वह पूरे एक साल से अनिकेत के साथ लगातार फोन पर बात कर रही थी और वह उसे ऐसा अहसास दिला रही थी जैसे उनकी लव मैरिज हो रही है.

कई सीम चला रही थी प्रीति

पुलिस सूत्रों की मानें तो दिखने में गांव की भोली भाली दिखने वाली प्रीति के अपहरण की कहानी के बाद जब पुलिस ने उसके मोबाइल और नंबर की पड़ताल की तो यह बात सामने आई है कि प्रीति मोबाइल में लगातार सिम कार्ड बदल रही थी. जब उसे अपने पति से बात करना होती थी तो वह पति द्वारा दिया गया नंबर उपयोग करती थी और प्रेमी से बात करने के लिए अन्य नंबर. वहीं अनिकेत का कहना है कि जब प्रीति बैराड़ रहती थी तो वह मोबाइल को हाथ ही नहीं लगाती थी.

ताई और भाई की मर्जी से प्रेमी के साथ गई प्रीति

सुबह चार बजे से उठकर एक अच्छी बहू की तरह घर के सारे काम करती थी. इसके अलावा मोबाइल में यू-ट्यूब पर कार्टून आदि देखकर खुश होती थी. ऐसे में वह इस बात का अहसास ही नहीं कर पाया कि उसके दिल और दिमाग में क्या चल रहा है, क्योंकि उसके और उसकी पत्नी के निजी संबंध भी काफी अच्छे चल रहे थे. टीआई कृपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि इस मामले की पड़ताल के दौरान सामने आया है कि प्रीति उसकी ताई मिथलेश और भाई दीपक की रजामंदी से अमन कश्यप के साथ गई है.

अपरहण की रची थी झूठी कहानी

चूंकि उसकी शादी हो चुकी थी, ऐसे में अगर वह प्रीति के जाने पर कोई कहानी नहीं रचते तो उसका पति लगातार उन पर दबाव बनाकर अपनी पत्नी का पता पूछता. यही कारण था कि उन्होंने अपहरण की कहानी गढ़ी. चक्का जाम का षड़यंत्र पुलिस को भटकाने के लिए किया, ताकि पुलिस इधर उलझी रहे और प्रीति व अमन सुरक्षित कानपुर पहुंच जाएं. अपहरण कहानी झूठी थी, प्रीति के परिजनों ने अपहरण का जो मामला दर्ज करवाया है, उसमें एफईआर के लिए न्यायालय में पेश करेंगे.

वहां से न्यायालय की अनुमति मिलने के बाद ही झूठा मामला दर्ज करवाने और पुलिस को परेशान करने के मामले में प्रीति के स्वजनों के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा.