Thalapathy Vijay: जब घर छोड़कर चले गए थलपति विजय, पिता ने ऐसे लगाया था पता

Thalapathy Vijay: जब घर छोड़कर चले गए थलपति विजय, पिता ने ऐसे लगाया था पता

Thalapathy Vijay: थलपति विजय ने अपने पिता और फिल्ममेकर एस. ए. चंद्रशेखर की फिल्म से बाल कलाकार के रूप में अपना करियर शुरू किया था. फिर पिता की फिल्म से ही बतौर लीड एक्टर डेब्यू भी किया था. लेकिन, पहले उनके पिता उन्हें फिल्मों में लाने के खिलाफ थे. ऐसे में नाराज होकर विजय ने घर छोड़ दिया था. आइए जानते हैं कि इसके बाद क्या हुआ था?

Thalapathy Vijay: दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार थलपति विजय अपनी आखिरी फिल्म ‘जन नायगन’ को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं. ये पिक्चर 9 जनवरी को रिलीज होने जा रही थी, लेकिन रिलीज से ठीक पहले फिल्म सेंसर बोर्ड के साथ कानूनी लड़ाई में फंस गई और अब तक इस मुद्दे का कोई हल नहीं निकल पाया है. थलपति विजय का पूरा फोकस अब राजनीति पर है. क्योंकि इस फिल्म के बाद उनका फिल्मी सफर खत्म हो जाएगा और वो अपनी पार्टी तमिलगा वेट्ट्री कजगम (टीवीके) के जरिए समाज सेवा का काम करेंगे.

थलपति विजय का शुरू से ही फिल्मी दुनिया से नाता रहा है. उनके पिता एस. ए. चंद्रशेखर मशहूर फिल्ममेकर हैं. विजय ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट कई फिल्मों में काम किया था. बाल कलाकार के रूप में उनका करियर पिता की ही फिल्म वेट्री (1984) से शुरू हुआ था. जबकि बतौर लीड एक्टर भी उन्होंने डेब्यू पिता के डायरेक्शन में ही बनी फिल्म ‘नालैया थीरपू’ (1992) से किया था. लेकिन, कभी उनके पिता ने उन्हें फिल्मों में लाने से इनकार कर दिया था. इससे नाराज होकर विजय अपना घर छोड़कर चले गए थे.

जब घर छोड़कर चले गए विजय

थलपति विजय का जन्म 22 जून 1974 को चेन्नई में हुआ था. चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम करने के बाद थलपति विजय ने जब लीड हीरो बनने की इच्छा जाहिर की तो उनके पिता ने पहले इनकार कर दिया था.

Thalapathy Vijat Parents

माता-पिता के साथ विजय

इसके चलते वो घर छोड़कर उधयम थिएटर चले गए थे. ये खुलासा खुद विजय ने अपने एक इंटरव्यू में किया था. वो एक चिट्ठी भी छोड़कर गए थे, जिसमें उन्होंने लिखा था कि उन्हें ढूंढा ना जाए.

ये भी पढ़ें: इस मामले में बॉलीवुड का नामोनिशान नहीं, नंबर 1 से नंबर 10 तक सिर्फ साउथ ही साउथ की धूम

पिता ने ऐसे लगाया था पता

विजय का प्लान था कि वो थिएटर में फिल्म देखने के बाद वापस अपने घर लौट जाएंगे, लेकिन सुबह से शाम हो गई और विजय घर ही नहीं आए. उनके पिता एस. ए. चंद्रशेखर उनकी तलाश में निकल गए. उन्हें जानकारी मिली कि विजय थिएटर में फिल्म देख रहे हैं. जब वो थिएटर पहुंचे तो वॉचमैन ने बताया कि विजय अंदर है. इसके बाद चंद्रशेखर अपने बेटे को मनाकर वापस घर ले आए. ये किस्सा चंद्रशेखर ने भी अपने एक इंटरव्यू में शेयर किया था.