बुलंदशहर स्याना हिंसा: 7 साल बाद आया कोर्ट का फैसला, इंस्पेक्टर की हत्या के सभी 38 आरोपी दोषी करार

बुलंदशहर स्याना हिंसा: 7 साल बाद आया कोर्ट का फैसला, इंस्पेक्टर की हत्या के सभी 38 आरोपी दोषी करार

स्याना हिंसा मामले में पुलिस ने जांच के बाद 44 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. इस मामले में 5 लोगों की मुकदमे के दौरान मौत हो चुकी है. कोर्ट ने प्रशांत नट, डेविड, जोनी, राहुल, लोकेंद्र मामा को सुबोध सिंह की हत्या का दोषी माना है.

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के स्याना थाना क्षेत्र में 7 साल पहले हुई हिंसा के मामले में सभी आरोपी दोषी पाए गए हैं. अपर सत्र न्यायालय-12 के न्यायमूर्ति गोपाल ने इस मामले में 38 आरोपियों को दोषी करार दिया है. हिंसा के दौरान स्याना कोतवाली के प्रभारी इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और एक स्थानीय युवक की गोली लगने से मौत हो गई थी. कोर्ट ने प्रशांत नट, डेविड, जोनी, राहुल, लोकेंद्र मामा को सुबोध सिंह को हत्या का दोषी माना है. इस मामले में कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है, 1 अगस्त को फैसला सुनाएगी.

मामला 3 दिसंबर 2018 का है, जब स्याना कोतवाली के महाव गांव में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद हिंसा भड़क गई थी. हिंसा के दौरान भीड़ ने चिंगरावठी पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिया था. वहीं थाने पर भी पथराव किया गया था. हिंसा के दौरान तत्कालीन इंस्पेक्टर सुबोध कुमार और एक युवक की मौत हो गई थी.

इन आरोपियों को माना हत्या का दोषी

बुलंदशहर एडीजे-12 न्यायमूर्ति गोपाल जी ने दोषियों को न्यायिक हिरासत में भेजा है. हालांकि इस मामले में अभी कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. 1 अगस्त को सभी दोषियों के खिलाफ एडीजे 12 की कोर्ट फैसला सुनाएगी. स्याना ने में 3 दिसम्बर 2018 को हिंसा हुई थी. हिंसा में तत्कालीन थाना प्रभारी सुबोध सिंह की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में कोर्ट ने प्रशांत नट, डेविड, जोनी, राहुल, लोकेंद्र मामा को सुबोध सिंह को हत्या का दोषी माना है.

स्याना हिंसा मामले में पुलिस ने जांच के बाद 44 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. इस मामले में 5 लोगों की मुकदमे के दौरान मौत हो चुकी है. जिनकी मौत हो चुकी है और जो नाबालिग हैं, उनके अलावा सभी आरोपियों को कोर्ट ने दोषी माना है.

पुलिस ने दर्ज किया था मुकदमा

3 दिसंबर 2018 को स्याना क्षेत्र के गांव महाव के जंगल में गोकशी की घटना के बाद लोगों का आक्रोश फूट पड़ा था. गुस्साएं लोगों ने जाम लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया था. पुलिस से भिड़ंत के दौरान स्याना कोतवाल सुबोध कुमार सिंह और गांव चिंगरावठी का युवक सुमित की गोली लगने से मौत हो गई थी. पुलिस में 27 नामजद और 50-60 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या, हिंसा समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था.

(रिपोर्ट- सुमित शर्मा/बुलंदशहर)