कभी सुसाइड के बारे में सोचने लगे थे उदित नारायण, इस गाने ने बदल दी थी किस्मत

कभी सुसाइड के बारे में सोचने लगे थे उदित नारायण, इस गाने ने बदल दी थी किस्मत

Udit Narayan Birthday Special: बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने के लिए उदित नारायण को 10 साल तक स्ट्रगल करना पड़ा था. हिंदी के साथ ही कई भाषाओं में उन्होंने हजारों गाने गाए हैं. उनकी जिंदगी में एक वक्त तो ऐसा भी आया था जब वो सुसाइड के बारे में सोचने लगे थे.

बॉलीवुड में 80 और 90 के दशक में जहां कई एक्टर्स और एक्ट्रेसेस ने बड़ा और खास नाम कमाया था तो वहीं उस दौर में हिंदी सिनेमा को सिंगिंग के क्षेत्र में भी कई बेहतरीन कलाकार मिले थे. 80 और 90 के दशक में बॉलीवुड में एक से बढ़कर एक सिंगर आए थे. ऐसा ही एक नाम है उदित नारायण का, जो आज 70 साल के हो चुके हैं. उन्होंने हिंदी के अलावा और भी कई भाषाओं में हजारों गाने गाए हैं. आइए आज आपको उदित के बर्थडे पर उनसे जुड़ी कुछ खास बातें बताते हैं.

उदित नारायण का जन्म 1 दिसंबर 1955 को नेपाल के भारदह में हुआ था. उनका पूरा नाम उदित नारायण झा है. सिंगर के पिता का नाम हरे कृष्ण झा और मां का नाम भुवनेश्वरी झा था. 1988 की एक फिल्म ने उनकी किस्मत का सितारा चमका दिया था. लेकिन बॉलीवुड में सक्सेस होने के बाद भी उदित को कभी सुसाइड करने तक के ख्याल आते थे.

10 साल तक किया स्ट्रगल

उदित नारायण बॉलीवुड के सबसे ज्यादा पसंद किए गए सिंगर्स में से एक हैं. उनकी मखमली आवाज सीधे लोगों के दिलों में उतरती है. उन्होंने ‘सिंदूर’ नाम की नेपाली फिल्म से अपने सिंगिंग करियर का आगाज किया था. वहीं बॉलीवुड में उनकी शुरुआत साल 1978 की फिल्म ‘उन्नीस-बीस’ से हुई थी. हालांकि बॉलीवुड में उन्हें पहचान बनाने में 10 साल लग गए थे. 1988 की फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ में उन्होंने ‘पापा कहते हैं’ गाना गाया था, जिसने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई थी. उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. इस गाने के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था.

उदित को आते थे सुसाइड के ख्याल

उदित नारायण ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्हें साल 1998 से लेकर 2019 तक हर महीने लोगों द्वारा धमकी भरे फोन आते थे और उनसे पैसों की मांग की जाती थी. इन सबके चलते सिंगर तनाव में रहने लगे थे. उन्होंने खुलासा किया था कि इसी बीच वो सुसाइड करने के बारे में भी सोचने लगे थे.

उड़ जा काले कांवा, पहला नशा, हम साथ-साथ हैं, घनन घनन, सुन मितवा, ऐसा देस है मेरा और ये बंधन तो प्यार का बंधन है सहित एक से बढ़कर एक बेहतरीन गानों को उदित ने अपनी सुरीली आवाज से सजाया है. उन्होंने मलयालम, तेलुगू, कन्नड़, तमिल, बंगाली, उड़िया, भोजपुरी, नेपाली, असमी और मैथिली भाषाओं में गाने गाकर भी फैंस के दिलों पर राज किया.