वैभव सूर्यवंशी की टीम के लिए 3 दिन काफी, Ranji Trophy में जीता पहला ही मैच, 37 चौके जमाने वाला बना स्टार
वैभव सूर्यवंशी के लिए रणजी ट्रॉफी 2025 सीजन का पहला मैच कुछ खास नहीं रहा और वो सिर्फ 5 गेंदों के अंदर आउट हो गए. मगर आउट होने से पहले 4 गेंदों में जैसा आगाज उन्होंने किया, वो इस सीजन में आगे आने वाले मुकाबलों में गेंदबाजों के लिए अच्छी खबर नहीं है.
IPL 2025 और अंडर-19 लेवल पर भारतीय टीम के लिए वनडे, टी20 से लेकर टेस्ट जैसे फॉर्मेट में धमाल मचाने के बाद अब 14 साल के युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी रणजी ट्रॉफी में भी अपना दम दिखाने उतर चुके हैं. रणजी ट्रॉफी 2025 सीजन में टीम के सबसे युवा उप-कप्तान बनाए गए वैभव की इस रोल में शुरुआत भी दमदार रही, जहां नए कप्तान सकीबुल गनी के साथ उनकी नेतृत्व वाली जोड़ी ने पहले मैच में ही टीम को जीत दिला दी. बिहार ने सीजन के अपने पहले ही मैच में अरुणाचल प्रदेश को सिर्फ 3 दिन के अंदर ही एक पारी और 165 रन के बड़े अंतर से रौंद दिया.
सिर्फ 3 दिन में जीत लिया मैच
पटना में रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप के इस मुकाबले में शुक्रवार 17 अक्टूबर को तीसरे दिन ही खेल खत्म हो गया. पहली पारी में सिर्फ 105 रन बनाने वाली अरुणाचल प्रदेश की टीम ने दूसरी पारी में थोड़ा बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन ये फिर भी नाकाफी था और पूरी टीम सिर्फ 272 रन पर ढेर हो गई. यानि दोनों पारियों में मिलाकर भी अरुणाचल की पूरी टीम बिहार के पहली पारी के 542 रन के स्कोर की बराबरी नहीं कर सकी. अरुणाचल को दूसरी पारी में जल्दी निपटाने में 20 साल के पेसर साकिब हुसैन का सबसे बड़ा योगदान रहा, जिन्होंने 16 ओवर में 4 विकेट हासिल किए.
कैसा रहा वैभव का प्रदर्शन?
इस तरह सिर्फ 14 साल की उम्र में उप-कप्तान बनाए गए वैभव सूर्यवंशी की शुरुआत शानदार रही है. हालांकि इस मैच में वो बतौर बल्लेबाज अपनी खास छाप नहीं छोड़ पाए और अपनी पारी के पहले ही ओवर में आउट हो गए. मगर सिर्फ 5 गेंदों की अपनी पारी में बाएं हाथ के इस युवा बल्लेबाज ने 2 चौके और एक छक्का जड़कर 14 रन कूट दिए थे. फिर दूसरी पारी में उनकी बैटिंग ही नहीं आई क्योंकि अरुणाचल की बिहार के स्कोर को पार नहीं कर सकी. मगर अब वैभव की नजरें दूसरे मैच में जोरदार वापसी पर होंगी, जहां 25 अक्टूबर से उनकी टीम का सामना मणिपुर से होगा.
22 साल के बल्लेबाज ने लूटी महफिल
वैभव भले ही नहीं चल सके लेकिन उनके 22 साल के साथी आयुष लोहारुका, जिन्होंने अपने फर्स्ट क्लास करियर के छठे मैच में ही बल्ले का ऐसा जादू चलाया कि अरुणाचल प्रदेश के गेंदबाज सरेंडर करते दिखे. आयुष ने सिर्फ 247 गेंदों की पारी में 37 चौके और 1 छक्का जमाते हुए ताबड़तोड़ 226 रन बनाए. इसके दम पर ही बिहार ने अपनी पहली पारी 9 विकेट खोकर 542 रन के बड़े स्कोर के साथ घोषित की थी. ये आयुष के करियर की सबसे बड़ी पारी भी है, जबकि दूसरी बार उन्होंने शतक जमाया है. इससे पहले पिछले साल रणजी ट्रॉफी में ही उत्तर प्रदेश के खिलाफ इस युवा बल्लेबाज ने सेंचुरी जमाई थी.



