नाबालिग ने चलाई गाड़ी तो घरवालों को होगी 3 महीने की जेल, 25 हजार जुर्माना भी
बिहार में नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त अभियान शुरू करने का फैसला किया है. पकड़े जाने पर ₹25,000 जुर्माना, अभिभावकों पर कानूनी कार्रवाई और वाहन की RC रद्द करने जैसे कड़े प्रावधान लागू किए जाएंगे.
बिहार में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने अब नाबालिग वाहन चालकों और उनके अभिभावकों के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त कदम उठाया है. विभागीय समीक्षा में यह पाया गया है कि राज्य में हो रही बड़ी संख्या में सड़क हादसों के पीछे नाबालिगों द्वारा बिना लाइसेंस और गलत तरीके से वाहन चलाना एक प्रमुख कारण बन चुका है, जबकि कई मामलों में अभिभावक स्वयं अपने बच्चों को बाइक और अन्य वाहन उपलब्ध कराते हैं, जिससे सड़क पर गंभीर और जानलेवा दुर्घटनाएं हो रही हैं.
इसी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने सभी जिलों के परिवहन पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया है कि जून माह से पूरे बिहार में स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर और प्रमुख सड़कों पर नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ विशेष सघन अभियान चलाया जाए और इस दौरान केवल चालकों पर ही नहीं, बल्कि उनके अभिभावकों पर भी कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
क्या-क्या होगी सजा?
नए निर्देशों के अनुसार, यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर ₹25,000 का भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उसके अभिभावक को सीधे तीन महीने तक की जेल की सजा का प्रावधान लागू किया जाएगा. इसके साथ ही अभिभावकों की काउंसलिंग भी अनिवार्य की गई है, ताकि भविष्य में वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी प्रकार का वाहन न सौंपें.
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मोटर वाहन अधिनियम में किए गए संशोधन के बाद ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर पहले से कई गुना अधिक सख्त दंड का प्रावधान लागू है, जिसमें बिना लाइसेंस वाहन चलाना, हेलमेट और सीट बेल्ट का उल्लंघन, ओवरस्पीडिंग, रेसिंग और खतरनाक ड्राइविंग जैसे मामलों में भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई शामिल है, लेकिन इसके बावजूद नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
सभी जिलों को निर्देश
सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि छात्रों को कम उम्र में वाहन न चलाने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा सके. वहीं दूसरी ओर पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों को सड़कों पर विशेष निगरानी रखने का आदेश दिया गया है.
पूर्णिया जिला परिवहन पदाधिकारी शंकर शरण ओमी ने बताया कि विभागीय निर्देश प्राप्त हो गया है. वैसे भी पहले से जिले में पुलिस के साथ लगातार चेकिंग की जा रही है, जिसमें स्कूल टाइम और भीड़भाड़ वाले इलाकों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है.
RC भी होगा रद्द
उन्होंने बताया कि बिना गियर की गाड़ी 16 साल से चलाने की अनुमति दी गई है, लेकिन गियर वाली कोई भी गाड़ी 18 साल के बाद ही चलाने की अनुमति यातायात नियमों के तहत दी गई है. इसलिए नाबालिग वाहन चालकों पर कार्रवाई के साथ-साथ अभिभावकों की जिम्मेदारी तय करना अब प्राथमिकता है, क्योंकि ज्यादातर मामलों में परिवार की लापरवाही ही बड़े हादसों की वजह बन रही है. अब वैसे वाहनों का एक साल के लिए RC भी रद्द किया जाएगा.




