अपनों ने छोड़ा, दुश्मनों ने घेरा! गोल्डी बराड़ से शहजाद भट्टी तक, लॉरेंस बिश्नोई के 10 जानी दुश्मन कौन?
कभी लॉरेंस बिश्नोई के सबसे करीबी रहे गोल्डी बराड़-रोहित गोदारा से रिश्तों में दरार की खबरें हैं तो दूसरी तरफ बंबीहा गैंग जैसे विरोधी भी चुनौती बने हुए हैं. जानिए कौन हैं लॉरेंस के 10 बड़े दुश्मन...
Lawrence Bishnoi: गुजरात की साबरमती जेल की सलाखों के पीछे बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई इन दिनों 24 घंटे कड़ी निगरानी में है, लेकिन इस बार जांच एजेंसियों को डर लॉरेंस के अगले वार का नहीं बल्कि उसकी जान को लेकर है. हालिया इनपुट के मुताबिक, लॉरेंस को साबरमती जेल में जान का खतरा है, लेकिन खतरा किससे है, कौन है जो खूंखार गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की जान का दुश्मन बन बैठा? इसके लिए उसके दुश्मनों की फेहरिस्त को जानना और हमले की वजह समझना बेहद जरूरी है.
कभी साथ मिलकर अपराध की दुनिया में नेटवर्क खड़ा करने वाले गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा जैसे नामों से रिश्तों में दरार की खबरें हैं. दूसरी तरफ बंबीहा गैंग, दिल्ली-हरियाणा के विरोधी गैंग और विदेश में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क लॉरेंस के लिए चुनौती बने हुए हैं. लॉरेंस बिश्नोई का नाम देश के कई बड़े हत्याकांड, रंगदारी और गैंगवार की जांच में सामने आता रहा है.
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लॉरेंस का नेटवर्क पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और विदेशों तक फैला बताया जाता है, लेकिन इस नेटवर्क के साथ-साथ उसकी दुश्मनियों का दायरा भी बड़ा होता गया. विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या से लेकर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड तक, कई घटनाओं ने अलग-अलग गैंगों के बीच दुश्मनी को और गहरा किया. अब सवाल यह है कि क्या लॉरेंस को अपने ही पुराने साथियों और विरोधी गैंगों से जान का खतरा है?
आइए जानते हैं कौन हैं लॉरेंस के 10 जानी दुश्मन, जिनसे है लॉरेंस को जान का खतरा….
1- गोल्डी बराड़- दोस्ती टूटी तो बदल गए गैंग के समीकरण
गोल्डी बराड़ कभी लॉरेंस बिश्नोई का सबसे भरोसेमंद साथी माना जाता था. सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में दोनों के नाम प्रमुखता से सामने आए, लेकिन जून 2025 में दोनों के अलग होने की खबरों ने गैंग की दुनिया में नए समीकरण पैदा कर दिए. खुफिया एजेंसियों के हवाले से आई रिपोर्टों में दोनों के रास्ते अलग होने की बात कही गई. अब गोल्डी का नाम लॉरेंस के पुराने सहयोगी से अलग हुए एक प्रभावशाली प्रतिद्वंद्वी के तौर पर चर्चा में है.
2- रोहित गोदारा- पुराने साथी से अलग हुआ नेटवर्क
राजस्थान के रोहित गोदारा का नाम लंबे समय तक लॉरेंस और गोल्डी के नेटवर्क से जुड़ता रहा. सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया. अब उसे गोल्डी बराड़ के करीबी खेमे से जुड़ा बताया जाता है. पुराने नेटवर्क में दरार के बाद रोहित का नाम भी लॉरेंस के विरोधी समीकरणों में अहम हो गया है.
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3- लकी पटियाल- बंबीहा गैंग का विदेश में सक्रिय चेहरा
लकी पटियाल को देविंदर बंबीहा गैंग का प्रमुख चेहरा माना जाता है. लॉरेंस और बंबीहा नेटवर्क की दुश्मनी काफी पुरानी है. विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या के बाद दोनों गुटों के बीच टकराव और तेज हुआ. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्टों में बंबीहा नेटवर्क को लॉरेंस सिंडिकेट का बड़ा प्रतिद्वंद्वी बताया गया है.
4- कौशल चौधरी- हरियाणा से दिल्ली-NCR तक गैंगवार का नेटवर्क
हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर कौशल चौधरी का नाम बंबीहा नेटवर्क से जुड़ता रहा है. दिल्ली-NCR और हरियाणा में रंगदारी, हत्या और आपराधिक वर्चस्व को लेकर उसके नेटवर्क की गतिविधियां चर्चा में रही हैं. लॉरेंस के विरोधी गैंगों के साथ उसके संबंध इस टकराव को और गंभीर बनाते हैं.
5- शहजाद भट्टी- पाकिस्तान से सामने आई खुली चुनौती
शहजाद भट्टी का नाम लॉरेंस बिश्नोई के लिए एक अलग तरह की चुनौती के तौर पर सामने आया. कभी दोनों के बीच दोस्ताना संबंध होने की चर्चा थी. जून 2024 में ईद के मौके पर लॉरेंस और भट्टी की बातचीत का वीडियो भी सामने आया था, लेकिन अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों के रिश्तों में दरार आ गई. भट्टी ने वीडियो जारी कर लॉरेंस को चुनौती दी और उसके खिलाफ बयान दिए. उसने लॉरेंस को पाकिस्तान आकर मुकाबला करने तक की चुनौती दी थी.
6- नीरज बवाना- दिल्ली का पुराना विरोधी गैंगस्टर
नीरज बवाना दिल्ली के कुख्यात गैंगस्टरों में शामिल है. उसका नाम बंबीहा गैंग और लॉरेंस विरोधी नेटवर्क के साथ जोड़ा जाता रहा है. सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद विरोधी गैंगों की तरफ से बदले की धमकियां सामने आई थीं. दिल्ली के आपराधिक नेटवर्क में नीरज बवाना का नाम लॉरेंस के लिए एक पुराने और प्रभावशाली विरोधी गुट के तौर पर देखा जाता है.
7- अरश डल्ला- विदेश में बैठा विरोधी नेटवर्क
अरशदीप सिंह गिल उर्फ अरश डल्ला का नाम पंजाब के कई गंभीर आपराधिक और आतंकी मामलों में सामने आया है. भारतीय एजेंसियों ने उसे वांछित बताया है. बंबीहा नेटवर्क और लॉरेंस विरोधी गुटों के साथ उसके संबंधों की वजह से उसका नाम भी इस गैंगवार के समीकरणों में शामिल है. विदेश में मौजूद नेटवर्क के चलते उसकी गतिविधियों पर भारतीय एजेंसियों की नजर रही है.
8- देविंदर बंबीहा- मरने के बाद भी जिंदा है गैंग की दुश्मनी
देविंदर बंबीहा की 2016 में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी, लेकिन उसकी मौत के बाद भी उसके नाम से गैंग का नेटवर्क चलता रहा. लकी पटियाल समेत कई लोगों ने इस नेटवर्क को आगे बढ़ाया. लॉरेंस और बंबीहा गैंग के बीच दुश्मनी की जड़ें पुरानी हैं. यह नाम मौजूदा व्यक्तिगत खतरे के तौर पर नहीं, बल्कि उस गैंगवार की शुरुआत और विरासत के तौर पर अहम है.
9- हिमांशु भाऊ- लॉरेंस के खिलाफ हरियाणा का बड़ा नाम
रोहतक का हिमांशु भाऊ लॉरेंस बिश्नोई का प्रतिद्वंद्वी माना जाता है. हत्या, रंगदारी और गोलीबारी के कई मामलों में उसका नाम सामने आया. दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित बर्गर किंग आउटलेट में हुई हत्या की जिम्मेदारी लेने के बाद उसका नाम देशभर में चर्चा में आया. उसके नेटवर्क को नीरज बवाना और बंबीहा गैंग से जुड़े लोगों के साथ भी जोड़ा गया. 22 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी एजेंसियों ने हरियाणा STF से मिले इनपुट के आधार पर हिमांशु भाऊ को लास वेगास में हिरासत में लिया. अब भारतीय एजेंसियां उसे भारत लाने की प्रक्रिया में जुटी हैं.
10- नीरज फरीदपुरिया- बंबीहा नेटवर्क का अहम नाम
हरियाणा के पलवल का नीरज फरीदपुरिया बंबीहा गैंग से जुड़ा अहम नाम माना जाता है. हत्या और रंगदारी के कई मामलों में उसका नाम सामने आया है. उसका नेटवर्क कौशल चौधरी और दूसरे लॉरेंस विरोधी गुटों के साथ जोड़ा जाता रहा है. हिमांशु भाऊ के साथ उसकी गतिविधियों की भी जांच होती रही है. 22 अक्टूबर 2026 को उसे भी हिमांशु भाऊ के साथ लास वेगास में अमेरिकी एजेंसियों ने हिरासत में लिया. दोनों को भारत लाने के लिए एजेंसियों के बीच कॉर्डिनेशन जारी है.




