LIVE : 19 साल बाद एक मंच पर उद्धव और राज ठाकरे, मराठी पर आए साथ
महाराष्ट्र में ठाकरे बंधु एक स्टेज पर आज दिख रहे हैं. दोनों 19 साल बाद साथ आए हैं. विक्ट्री रैली में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ शामिल हो रहे हैं. महाराष्ट्र में फडणवीस सरकार के तीन भाषा नीति से यू-टर्न लेने को ठाकरे बंधु ने अपनी जीत के रूप में पेश किया है. मुंबई के वर्ली स्थित एनएससीआई (NSCI) डोम में यह रैली की जा रही है.
महाराष्ट्र में आज कई सालों बाद एक सियासी तस्वीर नजर आ रही है. शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे आज पूरे 19 साल के बाद एक स्टेज पर एक साथ नजर आ रहे हैं. मराठी भाषा के लिए दोनों भाई सारे गिले-शिकवे भुलाकर एक मंच पर साथ आ चुके हैं. दोनों भाई एक साथ विक्ट्री रैली में शामिल हुए. महाराष्ट्र में भाषा के छिड़े विवाद के बाद यह रैली निकाली जा रही है.
दोनों भाइयों को मराठी भाषा से प्यार ने एक बार फिर एक स्टेज पर एक साथ आने का मौका दिया है. इससे पहले यह दोनों आखिरी बार साल 2005 में चुनाव के समय प्रचार करने के लिए एक मंच पर दिखे थे. इसी के बाद इसी साल राज ठाकरे ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था.
परिवार के साथ रैली में पहुंचे राज-उद्धव
रैली में शामिल होने के लिए राज ठाकरे अपने घर शिवतीर्थ से एनएससीआई डोम में पहुंच गए हैं. राज ठाकरे के साथ उनके बेटे अमित और उनकी पत्नी शर्मिला भी पहुंची हैं. तो वही उद्धव ठाकरे भी रैली में पहुंच चुके हैं. उद्धव के साथ उनके बेटे आदित्य उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे भी साथ रहेंगे. कार्यक्रम खत्म होने के बाद दोनों भाई मुंबई के शिवाजी पार्क में स्थित बालासाहेब ठाकरे की समाधि स्थल पर जा सकते हैं. इसी के चलते आज विक्ट्री रैली निकाली जा रही है. इस रैली में कई नेता जुड़ेंगे.
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: Shiv Sena (UBT) Chief Uddhav Thackeray and his son and party leader Aaditya Thackeray reach Worli Dome in Mumbai, where leaders of Uddhav Thackeray faction (UBT) and Maharashtra Navnirman Sena (MNS) are holding a joint rally as the Maharashtra pic.twitter.com/7TUYbBxu53
— ANI (@ANI) July 5, 2025
कहां होगी रैली?
मुंबई के वर्ली स्थित एनएससीआई (NSCI) डोम में 19 वर्ष में पहली बार ठाकरे बंधु एक साथ आ रहे हैं. अलगाव के बाद ये पहली बार होगा जब दोनों भाई साथ आएंगे. एनएससीआई डोम राज और उद्धव के समर्थकों से खचाखच भरा हुआ है.

क्यों निकाली जा रही विक्ट्री रैली?
हाल ही में महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार ने तीन भाषा नीति को लेकर एक शासनादेश जारी किया था. इसी को लेकर महाराष्ट्र में भाषा को लेकर विवाद छिड़ गया था. दोनों ठाकरे बंधु तीन भाषा नीति के खिलाफ खड़े हो गए. हालांकि, फिर सरकार ने इस शासनादेश पर यू-टर्न लिया. इसी यू-टर्न को ठाकरे बंधु अपनी विक्ट्री के रूप में पेश कर रहे हैं. महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले से कदम पीछे खींचने के बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे इसको मराठी अस्मिता की जीत की तरह पेश कर रहे हैं.
जश्न का माहौल
मुंबई के वर्ली डोम में जश्न का माहौल है. उद्धव ठाकरे गुट (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के नेता रैली में जश्न मना रहे हैं. रैली में शामिल होने के लिए एनसीपी-एससीपी नेता जीतेंद्र अव्हाड भी पहुंचे हैं.
#WATCH | Worli, Mumbai: On the joint rally of Shiv Sena (UBT) and Maharashtra Navnirman Sena (MNS), Shiv Sena (UBT) leader Arvind Sawant says, “This is a historic moment. After coming to power in the country, BJP propagated and spread divisive ideologies. But today, the process pic.twitter.com/uK636uCT8W
— ANI (@ANI) July 5, 2025
रैली से पहले मनसे और उद्धव सेना के सदस्य बड़ी संख्या में बैनर और पोस्टर लेकर नारे लगाते हुए डोम में इकट्ठा हो गए हैं. उन्हें “आहमची ओडख मराठी (हमारी पहचान मराठी है) के पोस्टर हाथों में हैं. पार्टी के कई नेताओं ने भी विजय रैली को “ऐतिहासिक क्षण” बताया और कहा कि भाई एक साथ आएंगे और ‘मराठी मानुस’ का मार्गदर्शन करेंगे.
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा, महाराष्ट्र में हम सभी के लिए यह एक त्योहार की तरह है कि अपनी राजनीतिक विचारधाराओं के कारण अलग हुए ठाकरे परिवार के दो प्रमुख नेता आखिरकार 19 साल बाद एक मंच शेयर करने के लिए एक साथ आ रहे हैं.



