Chanakya Niti : इन लोगों से कभी नहीं करनी चाहिए दोस्ती, बनेंगे दु:ख का कारण
आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में कुछ ऐसी बातों का जिक्र किया है जो आज के समय में भी प्रासंगिक मानी जाती हैं. उन्होंने कुछ ऐसे लोगों का जिक्र किया है जिनसे किसी भी प्रकार की उम्मीद रखना मूर्खता माना जाता है.
हर व्यक्ति का स्वाभाव एक समान नहीं होता, लेकिन आचार्य चाणक्य के अनुसार कुछ व्यक्ति ऐसे होते हैं जिनका स्वाभाव, आचर्ण और प्रवृत्ति दूसरों के मुकाबले काफी ज्यादा खराब होती है. उनका मानना है कि ऐसे लोगों से जितना संभव हो दूरी बनाकर रखें, साथ ही उनसे किसी प्रकार की उम्मीद भी न रखें. क्योंकि, इनके लिए सबसे पहले खुद की खुशी मायने रखती है. तो आइए जानते हैं कि किन लोगों से दया की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए.
- चोर जब चोरी करता है तो उसका मुख्य उद्देश्य यह होता है कि वह जितनी जल्दी चोरी कर सके और समान लेकर भाग सके. उस वक्त चोर से किसी भी प्रकार का दया भाव रखने की उम्मीद करना व्यर्थ है. उसे इस बात का फर्क नहीं पड़ता कि चोरी के बाद उसकी क्या हालत होगी. ऐसे ही स्वाभाव उस व्यक्ति का होता है जो सिर्फ अपने ऊपर ध्यान देता है बिना समाज के चिंता किए.
- छोटे बच्चे जब खेल-कूद में व्यस्त होते हैं तो उस वक्त वे पूरी तरह उसी में मग्न हो जाते है. दुनिया में क्या चल रहा है उनसे कोई मतलब नहीं होता. उन्हें किसी के भी दुख, दर्द का कोई अहसास नहीं होता. ऐसे ही कुछ लोग भी होते हैं जो दूसरो के कष्टों को कभी समझते नहीं है.
- जो लोग सिर्फ अपने से मतलब रखते हैं, जो न तो दूसरों से ज्यदा घुलते-मिलते हैं और न ही उनके दुख-सुख में साथ देते हैं उनसे जितना संभव हो दूरी बनाकर रखनी चाहिए. क्योंकि ये आपकी खुशी में तो हमेशा शामिल रहेंगे लेकिन दुख में कभी साथ नहीं निभायेंगे.
- अक्सर उस व्यकि में अहंकार आ जाता है जिसे बिना मेहनत के सफलता मिल जाती है. ऐसे लोग दूसरों की मेहनत का भी सम्मान करना नहीं जानते हैं. इसलिए कोशिश करें कि इन लोगों से दूरी बनाकर रखें.
- जो व्यक्ति सिर्फ धन का लोभी होता है वो कभी भी किसी का लाभ होता नहीं देख सकता है. आप चाहे जितने भी खास हों, वा आपका भला कभी नही कर सकता है. ऐसे लोग सिर्फ अपने मतलब की बात ही सोच सकती है.



