Rajpal Yadav: जेल पहुंचे राजपाल यादव, चेक बाउंस मामले में करना पड़ा सरेंडर, दिल्ली HC ने दिया था आदेश

Rajpal Yadav: जेल पहुंचे राजपाल यादव, चेक बाउंस मामले में करना पड़ा सरेंडर, दिल्ली HC ने दिया था आदेश

Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद चेक बाउंस मामले में फिल्म अभिनेता राजपाल यादव ने जेल में सरेंडर कर दिया है. वो 25 लाख रुपये का चेक लेकर पहुंचे और थोड़ा समय मांगा, लेकिन कोर्ट ने उन्हें समय देने से मना कर दिया.

Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: दिल्ली हाई कोर्ट ने 2 फरवरी को फैसला सुनाते हुए बॉलीवुड एक्टर और कॉमेडियन राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया था. अब खबर है कि राजपाल ने आत्मसमर्पण कर दिया है. उन्होंने एक याचिका दायर करते हुए मोहलत मांगी थी. 4 फरवरी को उनकी याचिका पर सुनवाई हुई थी और कोर्ट ने उन्हें मोहलत देने से साफ इनकार कर दिया था और कहा था कि उन्हें सरेंडर करना ही होगा.

राजपाल यादव एक बार फिर राहत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में खुद पेश हुए और उन्होंने अदालत को बताया कि वो 25 लाख रुपए का चेक लेकर आए हैं. बाकी का पैसा भी वो चुकता कर देंगे. लिहाजा राहत दे दी जाए. इस पर कोर्ट ने कहा कि पहले आप सरेंडर कीजिए. उसके बाद मेरिट के आधार पर कोर्ट विचार करेगा कि आपको राहत दी जाए या नहीं, जिसके बाद राजपाल ने सरेंडर कर दिया है.

साल 2010 का मामला

ये पूरा मामला साल 2010 का है. उन्होंने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था. हालांकि, उन्होंने पैसे लौटाए नहीं. उन्होंने कई बार पैसे लौटाने के नाम पर चेक दिए, लेकिन वो बाउंस हो गए. उसके बाद कंपनी ने उनपर केस कर दिया था.

ये भी पढ़ें-

एनिमल पार्क से पहले ही तीसरे पार्ट पर आए 3 धांसू अपडेट, रणबीर कपूर के लिए वांगा ने की सबसे बड़ी तैयारी!

धुरंधर का राहुल गांधी कौन? OTT पर फिल्म के आते ही चर्चा तेज

राजपाल चेक बाउंस मामले में दोषी पाए गए थे. ट्रायल कोर्ट ने उन्हें इस मामले में 6 महीने की सजा सुनाई थी. पर उनकी अपील के बाद 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट उनकी सजा पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी थी. समझौते के तौर पर उन्होंने शिकायतकर्ता को पैसे लौटाने की बात कही थी. लेकिन फिर भी लौटाए नहीं. ऐसे में अब दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया और कहा कि ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा उन्हें पूरी करनी होगी.