गुजरात के वडोदरा में पुल गिरने के मामले में एक्शन, 4 इंजीनियर निलंबित, सीएम पटेल ने सभी पुलों की जांच के दिए आदेश
वडोदरा के मुजपुर-गंभीरा पुल के ढहने के बाद गुजरात सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उच्च स्तरीय जांच और राज्य के सभी पुलों के निरीक्षण के आदेश दिए हैं. लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
गुजरात के वडोदरा जिले में स्थित मुजपुर-गंभीरा पुल के ढहने से हुई दर्दनाक दुर्घटना के बाद राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सड़क एवं भवन विभाग के चार इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच और प्रदेश भर के सभी पुलों के गहन निरीक्षण के आदेश दिए हैं.
हादसे के बाद मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि राज्य सरकार जन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी और इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने हादसे की सूचना मिलते ही संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाते हुए बचाव और राहत कार्यों की निगरानी की और लगातार अपडेट लेते रहे.
हादसे की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई
वडोदरा-आनंद को जोड़ने वाले इस पुल के गिरने की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मरम्मत और निरीक्षण कार्य में लापरवाही बरती गई थी. मुख्यमंत्री ने जांच के आधार पर चार इंजीनियरों को तत्काल निलंबित करने का निर्णय लिया. इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई:-
- एनएम नायकवाला कार्यकारी अभियंता
- यूसी पटेल उप कार्यकारी अभियंता
- आरटी पटेल उप कार्यकारी अभियंता
- जेवी शाह सहायक अभियंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी अधिकारी प्रारंभिक जांच में दुर्घटना के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार पाए गए हैं और इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
विशेषज्ञ समिति को सौंपी गई जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस हादसे के बाद विशेषज्ञों की एक टीम को नियुक्त किया है जो दुर्घटना स्थल का दौरा कर अब तक की गई मरम्मत, निरीक्षण और गुणवत्ता जांच की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी. इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को चिन्हित किया जाएगा.
राज्यभर में पुलों की सुरक्षा जांच के आदेश
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि जनहित में गुजरात के सभी पुलों का तत्काल और व्यापक निरीक्षण किया जाए. उन्होंने कहा कि सभी जिला कलेक्टरों और लोक निर्माण विभाग को सतर्क किया गया है और पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तेजी से कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है, “हम एक-एक पुल की तकनीकी स्थिति की समीक्षा करेंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.”
हादसे के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया था और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी. मुख्यमंत्री की ओर से की गई त्वरित कार्रवाई को जनता और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सकारात्मक कदम बताया है, हालांकि यह भी मांग की जा रही है कि पूरे मामले में पारदर्शिता बरती जाए और अंतिम जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए.



