Women’s Day Special: ‘अस्सी’ से ‘थप्पड़’ तक, जब सिनेमा में दिखी महिलाओं की असली शक्ति

Women’s Day Special: ‘अस्सी’ से ‘थप्पड़’ तक, जब सिनेमा में दिखी महिलाओं की असली शक्ति

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के मौके पर उन फिल्मों की चर्चा हो रही है, जिन्होंने बड़े पर्दे पर महिलाओं की हिम्मत, आत्मनिर्भरता और संघर्ष की कहानियों को मजबूती से दिखाया. 'अस्सी', 'मर्दानी', 'क्वीन', 'गंगूबाई काठियावाड़ी' और 'थप्पड़' जैसी फिल्में आज भी दर्शकों को प्रेरित करती हैं.

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के मौके पर सिनेमा की दुनिया में उन फिल्मों को याद किया जा रहा है, जिन्होंने महिलाओं की हिम्मत, आत्मनिर्भरता और संघर्ष की प्रेरक कहानियों को बड़े पर्दे पर बेहद दमदार तरीके से पेश किया और दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया.

इस खास लिस्ट में हाल ही में रिलीज हुई तापसी पन्नू की फिल्म 'अस्सी' का भी नाम शामिल है. इस फिल्म में एक महिला वकील समाज से जुड़े बड़े सवालों को अदालत में उठाती है और न्याय के लिए डटकर लड़ती नजर आती है.

इसी तरह रानी मुखर्जी की लोकप्रिय फिल्म सीरीज 'मर्दानी' भी महिलाओं की ताकत का बेहतरीन उदाहरण है. जहां एक महिला पुलिस अधिकारी अपराधियों के खिलाफ मजबूती से खड़ी होती है और समाज में बदलाव का संदेश देती है.

कंगना रनौत की फिल्म 'क्वीन' भी इस लिस्ट में खास जगह रखती है, जिसमें एक नॉर्मल सी लड़की अपने टूटे रिश्ते के बाद अकेले दुनिया घूमने निकलती है और कॉन्फिडेंस के साथ खुद को पहचानने का सफर तय करती है.

तापसी पन्नू की फिल्म 'थप्पड़' भी महिलाओं के लिए आवाज उठाती है. ये कहानी अमृता की है, जो परिवार को संभालते हुए खुद के लिए लड़ना भूल जाती है फिर कुछ ऐसा होता है कि वो अपने सम्मान के लिए सभी के खिलाफ खड़ी हो जाती है.