78 साल का इंतजार खत्म! पहली बार घर में जला बल्ब, रोशनी देख छलक पड़े बुजुर्ग की आंखों से आंसू

78 साल का इंतजार खत्म! पहली बार घर में जला बल्ब, रोशनी देख छलक पड़े बुजुर्ग की आंखों से आंसू

बिहार के औरंगाबाद जिले में एक परिवार के घर आजादी के 80 साल बाद बिजली पहुंची, जिससे उनके जीवन का अंधेरा छंट गया. लोहड़ी पाल के परिवार को लंबे इंतजार के बाद मिली इस रोशनी ने उनकी आंखों में खुशी के आंसू ला दिए. गरीबी और संघर्ष के बावजूद, यह पल पूरे गांव के लिए भावुक कर देने वाला था, जब पहली बार उनके घर का बल्ब जला.

Aurangabad News: बिहार के औरंगाबाद जिले में एक परिवार के आंखों में उस समय आंसू छलक पड़े जब आजादी के करीब 80 साल बाद घर का बल्ब जला. आजादी के बाद से वर्षों तक अधेरे में जीवन गुजारने वाला ये परिवार अब खुशियों की रोशनी से जगमगा रहा है. परिवार के सदस्यों की आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े और उन्होंने भगवान का धन्यवाद करते हुए पूजा-अर्चना की.

आजादी के करीब 80 साल बाद औरंगाबाद जिले के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र देव प्रखंड स्थित कुंडा गांव के एक परिवार के घर बिजली पहुंची. इस दौरान परिवार के लोगों की आंखों में आंसू आ गए. लोगों ने कहा कि गरीब परिवार के घर आखिरकार बिजली पहुंच गई. वर्षों तक अंधेरे में जीवन गुजारने वाले लोहड़ी पाल के घर जब पहली बार बल्ब जला तो यह दृश्य पूरे गांव के लिए भावुक कर देने वाला था. परिवार के सदस्यों की आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े और उन्होंने भगवान का धन्यवाद करते हुए पूजा-अर्चना की। देव प्रखंड की

आजादी के करीब 80 साल बाद पहुंची बिजली

जानकारी के मुताबिक, औरंगाबाद जिले के हसौली पंचायत के कुंडा गांव में रहने वाले लोहड़ी पाल का परिवार लंबे समय से बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित था. गांव में बिजली पहुंचने के बावजूद उनके घर तक कनेक्शन नहीं पहुंच सका, जिसकी वजह से उनका परिवार अंधेरे में जीवन गुजराने को मजबूर था. वहीं जब उनके घर में बल्ब जला तो पूरे परिवार की आंखों में आसूं छलक पड़े. परिवार के सदस्यों ने भगवान का शुक्रिया अदाकर खुशी जाहिर की. इस दौरान उनके आंखों से छलकते आंसू उनकी खुशी को बयां कर रहे थे.

खुशी से छलक पड़े आंसू

परिवार के लिए आर्थिक तंगी और अशिक्षा की वजह से सरकारी काम को कैसे कराया जाए इसकी जानकारी का अभाव था. यही वजह रही कि बिजली का कनेक्शन उनके लिए एक सपना बनकर रह गया था. लोहड़ी पाल मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण किया. उम्र बढ़ने के साथ काम करने की क्षमता कम हुई तो उन्होंने बकरी पालन शुरू कर दिया. लोहड़ी पावल के सामने सीमित और कम आय में परिवार की जरूरतों को पूरा करना ही बड़ी चुनौती थी. ऐसे में बिजली कनेक्शन लेना उनके लिए संभव नहीं था.

आवेदन के 25 दिन बाद खत्म हुआ इंतजार

परिवार के लोगों ने कहा कि आवेदन के बाद करीब 25 दिनों तक परिवार इंतजार करता रहा. आखिरकार तमाम कोशिशों और मेहनत के बाद वो दिन आ गया जिसका परिवार को वर्षों से इंतजार था. बिजली विभाग की टीम गांव पहुंची और लोहड़ी पाल के घर मीटर लगाकर कनेक्शन चालू किया. जैसे ही स्विच दबाया और घर में बल्ब की रोशनी फैली, परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा.

Ashu mohammad
Ashu mohammad

राजनीति से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी, नई चीजों को पढ़ने और सीखने की ललख, पाठकों के सामने सरल भाषा व शब्दों में देश दुनिया से जुड़ी खबरों को परोसने का काम टीवी9 के साथ जारी है. वहीं अगर इससे पहले की बात की जाए तो कानपुर में जन्मे आशू मोहम्मद ने साइंस से ग्रेजुएशन करने के बाद कानपुर यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर, टीवी9 भारतवर्ष से 2022 में करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में करीब एक साल का अनुभव, अभी तक यह सिलसिला टीवी9 भारतवर्ष के साथ जारी है.  डिजिटल मीडिया की दुनिया में लिखने-पढ़ने, साथ ही 'न्यू मीडिया' की बारीकियों और चुनौतियों को समझने की कोशिश जारी है.

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