‘बैटरी खत्म होने वाली है’, 75 करोड़ भारतीयों को सता रहा एक ही डर: रिपोर्ट
भारत में ज्यादातर लोग स्मार्टफोन की लो बैटरी की समस्या से परेशान हैं और स्मार्टफोन अब जरूरत से ज्यादा निर्भरता बन चुका है. नई रिपोर्ट में ये दावा किया गया है.
Battery Anxiety in India: भारतीय स्मार्टफोन यूजर्स को स्मार्टफोन बैटरी से संबंधित चिंता सताने लगी है. काउंटरपॉइंट रिसर्च की नई रिपोर्ट ने यह दावा किया गया है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश में करीब 75 करोड़ स्मार्टफोन यूजर्स में से लगभग 90 प्रतिशत लोग बैटरी कम होने पर चिंता महसूस करते हैं. जैसे ही बैटरी 50 से 30 प्रतिशत के बीच आती है, लोगों में बेचैनी बढ़ने लगती है. यह दिखाता है कि आज स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का कितना अहम हिस्सा बन चुका है.
लो बैटरी का डर: हर स्तर पर बढ़ती चिंता
काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे बैटरी प्रतिशत घटता है, यूजर्स की चिंता तेजी से बढ़ती जाती है. करीब 72 प्रतिशत लोग तब ज्यादा घबराते हैं जब बैटरी 20 प्रतिशत से नीचे चली जाती है. लगभग 65 प्रतिशत यूजर्स ने माना कि बैटरी खत्म होने पर उन्हें भावनात्मक असहजता महसूस होती है. इतना ही नहीं, करीब 65 प्रतिशत लोग नया फोन खरीदते समय बैटरी परफॉर्मेंस को सबसे बड़ा कारण मानते हैं. यह आंकड़े बताते हैं कि बैटरी अब सिर्फ एक फीचर नहीं बल्कि यूजर एक्सपीरियंस का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुकी है.
दिन में कई बार चार्ज और लगातार यूज
भारत में स्मार्टफोन इस्तेमाल की आदतें भी इस समस्या को बढ़ा रही हैं. रिपोर्ट के मुताबिक 90 प्रतिशत यूजर्स दिन में कम से कम दो बार फोन चार्ज करते हैं. वहीं करीब 40 प्रतिशत लोग फोन को चार्ज करते समय भी लगातार इस्तेमाल करते रहते हैं. इसके अलावा 40 प्रतिशत लोग सुबह उठते ही सबसे पहले और रात को सोने से पहले आखिरी बार फोन जरूर चेक करते हैं. औसतन भारतीय यूजर रोजाना लगभग 6 घंटे फोन पर बिताता है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा में से एक है. इससे बैटरी पर दबाव बढ़ता है और चिंता भी बढ़ती है.
AI का बढ़ता असर: अब स्मार्ट फीचर्स बन रहे हैं जरूरी
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि अब लोग स्मार्टफोन खरीदते समय सिर्फ कीमत या स्टोरेज नहीं देखते, बल्कि AI फीचर्स पर भी ध्यान दे रहे हैं. करीब 89 प्रतिशत यूजर्स ने कहा कि AI फीचर्स उनके खरीदने के फैसले को प्रभावित करते हैं. लगभग 58 प्रतिशत लोग रोजाना AI फीचर्स का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें वॉयस असिस्टेंट सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है. अलग-अलग उम्र के लोग AI का अलग तरह से उपयोग कर रहे हैं, जैसे युवा कंटेंट बनाने और एडिटिंग के लिए, जबकि अन्य लोग रोजमर्रा के काम जैसे प्लानिंग और सलाह के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं.
EMI पर महंगे फोन खरीदना हुआ आसान
स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों के बीच EMI एक बड़ा विकल्प बनकर सामने आया है. रिपोर्ट के अनुसार, करीब 43 प्रतिशत यूजर्स फोन खरीदते समय EMI का सहारा लेते हैं. वहीं 79 प्रतिशत लोगों का मानना है कि EMI के जरिए महंगे फोन खरीदना आसान हो जाता है. इससे साफ है कि लोग अब एक बार में पूरी रकम खर्च करने के बजाय आसान किस्तों में भुगतान करना पसंद कर रहे हैं. यह ट्रेंड दिखाता है कि टेक्नोलॉजी के साथ साथ फाइनेंसिंग ऑप्शन भी यूजर्स के फैसले में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
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