बंगाल में एक्शन मोड में दिखे शुभेंदु अधिकारी, अफसरों को निर्देश जारी, जवाबदेही-पारदर्शिता पर जोर

बंगाल में एक्शन मोड में दिखे शुभेंदु अधिकारी, अफसरों को निर्देश जारी, जवाबदेही-पारदर्शिता पर जोर

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उन्हें प्रसन्न करने के लिए हर आधिकारिक मामले में बार-बार 'मुख्यमंत्री की प्रेरणा से' का जिक्र न करें. बता दें कि ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री रहते हुए लगभग सभी सरकारी घोषणाओं में 'मुख्यमंत्री की प्रेरणा से' वाक्यांश मौजूद रहता था.

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को वरिष्ठ अधिकारियों को शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा. राज्य में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने के एक दिन बाद अधिकारी ने राज्य सचिवालय नबान्न में अपनी पहली प्रशासनिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की.

दरअसल मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने कार्यभार संभालने के पहले ही दिन जिला मजिस्ट्रेटों, पुलिस प्रशासन और विधायकों को निर्देश जारी किए.

सीएम शुभेंदु ने क्या दिया निर्देश?

  • व्यक्तियों को अपने-अपने धर्मों का पालन करने की पूरी स्वतंत्रता है. किसी को भी अशांति नहीं फैलानी चाहिए. हालांकि, धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बजाना, जिससे दूसरों को असुविधा हो, निषिद्ध है. इसके अलावा, सार्वजनिक सड़कों को अवरुद्ध करके प्रार्थना करना भी मना है.
  • कुछ विशेष अवसरों पर- जैसे दुर्गा पूजा, रमजान या ईद के दौरान- सार्वजनिक सड़कों पर उत्सव आयोजित किए जा सकते हैं, बशर्ते आवश्यक कानूनी अनुमति प्राप्त कर ली गई हो.
  • हवाई अड्डे पर, तीन में से दो रनवे वर्तमान में बंद हैं. यह स्थिति परिसर में स्थित एक मस्जिद से संबंधित समस्याओं के कारण उत्पन्न हुई है. सरकार मस्जिद को किसी वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित करने की संभावना तलाशने के लिए संबंधित अधिकारियों से परामर्श करेगी, जिससे रनवे पर परिचालन फिर शुरू हो सके.
  • संविधान के अनुसार, सिख धर्म के अनुयायियों को हेलमेट पहनना अनिवार्य नहीं है. हालांकि, यह सुनिश्चित करने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए कि इस विशेष धार्मिक समुदाय के अलावा कोई भी व्यक्ति हेलमेट पहने बिना दोपहिया वाहन न चलाए.
  • पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई या समझौता नहीं किया जाएगा.
  • सभी लंबित सरकारी परियोजनाओं और कार्यों का व्यापक पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा.
  • जिला मजिस्ट्रेटों को सभी स्कूलों और कॉलेजों के शासी निकायों को भंग करने का निर्देश दिया गया है.
  • ‘स्वास्थ्य साथी’ सहित सभी सरकारी कल्याणकारी योजनाएं जारी रहेंगी. हालांकि, जिन व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं और जिन्होंने न तो नागरिकता के लिए आवेदन किया है और न ही न्यायाधिकरण में याचिका दायर की है, वे किसी भी लाभ के पात्र नहीं होंगे. इसके विपरीत, जिन व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं, लेकिन जिन्होंने न्यायाधिकरण में याचिका दायर की है, वे वैध दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत करने पर सभी लागू लाभों का लाभ उठा सकते हैं.
  • मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उन्हें प्रसन्न करने के लिए हर आधिकारिक मामले में बार-बार ‘मुख्यमंत्री की प्रेरणा से’ का उल्लेख न करें.

रवि भूतड़ा
रवि भूतड़ा

रवि भूतड़ा 18 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. रवि छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के रहने वाले हैं. इन्होंने अपने पत्रकारिता की शुरुआत छत्तीसगढ़ के आखिरी छोर और बस्तर संभाग के कोंटा से एक सांध्य दैनिक अखबार चैनल इंडिया से की थी. इन्होंने विभिन्न प्रिंट, इलेक्ट्रानिक, वेब एवं डिजिटल मीडिया में कार्य किया है. प्रिंट में हरिभूमि, सेंट्रल क्रॉनिकल, द हितवाद, पायनियर में काम किया और नई दुनिया में जिला ब्यूरो के पद पर रहे. इलेक्ट्रनिक मीडिया में सहारा समय, जी मीडिया, इंडिया न्यूज चैनल में बतौर स्ट्रिंगर काम किया. इन्हें क्राइम, समाजिक एवं राजनीति खबरों में दिलचस्पी है. इन्हें ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है. लिखने और घूमने का शौक रखते हैं. इन्होंने पंडित रवि शंकर यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है.

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