ACP मनस्वी वशिष्ठ सस्पेंड, वकीलों से लड़ाई विवाद में दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर दिया था धरना

ACP मनस्वी वशिष्ठ सस्पेंड, वकीलों से लड़ाई विवाद में दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर दिया था धरना

ACP मनस्वी वशिष्ठ को दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व करने पर सस्पेंड कर दिया गया है. यह कार्रवाई पुलिस-वकील झड़प विवाद के बाद हुई.

दिल्ली पुलिस के एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया है. दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शन के बाद यह कार्रवाई की गई है. एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था. यह विवाद 23 अक्टूबर को पूर्वी दिल्ली के शाहदरा थाने से शुरू हुआ था, जहां पुलिसकर्मियों और कड़कड़डूमा कोर्ट के वकीलों के बीच झड़प की घटना सामने आई थी.

जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत एक आम नागरिक और वकील के बीच हुए झगड़े से हुई थी. दोनों पक्ष शाहदरा थाने पहुंचे थे जहां मारपीट की स्थिति बन गई. इस दौरान ACP पर पिस्तौल दिखाने के भी आरोप लगे. मामला बढ़ने पर ACP और SHO का तबादला कर दिया गया. इसी से नाराज होकर ACP मनस्वी वशिष्ठ ने करीब 50 पुलिसकर्मियों के साथ पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था.

वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी

पूरे विवाद की नींव शाहदरा थाने में हुई एक झड़प के दौरान पड़ी. आरोप था कि इस झड़प में वकील ललित बंसल को सिर में चोट आई थी. वकीलों ने एसीपी मनस्वी वशिष्ठ पर रिवॉल्वर दिखाकर धमकी देने का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी. हालांकि, पुलिस का कहना है कि घटना के दौरान ACP अपनी सर्विस पिस्टल बदल रहे थे, इसीलिए उनके हाथ में पिस्टल थी.

मामला बढ़ता देख और वकीलों के भारी दबाव के बीच 28 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस प्रशासन ने एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को गांधी नगर के पद से हटाकर ‘स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर वूमेन एंड चिल्ड्रन’ (SPUWAC) में ट्रांसफर कर दिया. जबकि SHO अरुण कुमार का तबादला सिक्योरिटी ब्रांच में कर दिया गया. इसके बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल वापस ली थी.

पुलिस मुख्यालय के बाहर एकजुट होकर विरोध जताया

मामला में ACP और SHO पर एक्शन के बाद पुलिसकर्मियों में नाराजगी बढ़ गई. ACP मनस्वी वशिष्ठ के नेतृत्व में करीब 50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने सोमवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर पहुंच गए और जमकर विरोध जताया. पुलिसकर्मियों की मांग थी कि ड्यूटी के दौरान उनके साथ होने वाली बदसलूकी और मारपीट की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाए.

ACP मनस्वी वशिष्ठ ने इसको लेकर दिल्ली पुलिस कमिश्नर के सामने चार मांगें रखी थी. पहली, एक SOP बनाई जाए, ताकि पुलिसकर्मियों को ऐसे हालात में यह स्पष्ट हो कि उन्हें क्या करना चाहिए. दूसरी, हमारे द्वारा जो केस दर्ज किया गया है उसकी निष्पक्ष जांच हो. तीसरी, हमारे खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई न की जाए. चौथी, पुलिस के साथ हाथापाई करने वाले को गिरफ्तार किया जाए.

जितेन्द्र कुमार शर्मा
जितेन्द्र कुमार शर्मा

साल 2002 से क्राइम और इन्वेस्टिगेशन रिपोर्टिंग का अनुभव। नवभारत टाइम्स, अमर उजाला, शाह टाइम्स के अलावा टीवी मीडिया में BAG Films के नामी शो सनसनी और रेड अलर्ट में काम किया। उसके बाद न्यूज 24, इंडिया टीवी में सेवाए दी और टीवी 9 भारतवर्ष के साथ सफर जारी है।

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