50 रुपए देकर दारोगा ने खंगाला पूरा रेडलाइट एरिया, फिर ऐसे बचाई युवती की जान; 3 लाख में हुआ था सौदा

50 रुपए देकर दारोगा ने खंगाला पूरा रेडलाइट एरिया, फिर ऐसे बचाई युवती की जान; 3 लाख में हुआ था सौदा

मोतिहारी में प्रेमी युवक ने शादी का सपना दिखाकर युवती को घर से बुलाया और 2 लाख रुपए में बेच दिया. मां की शिकायत पर पुलिस टीम ने करीब 500 किलोमीटर दूर पहुंचकर फिल्मी अंदाज में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया.

Motihari News: प्यार, शादी का सपना और फिर धोखा… बिहार के मोतिहारी में एक युवती अपने पड़ोस में रहने वाले युवक के प्यार में घर छोड़कर निकली, लेकिन उसे क्या पता था कि जिस शख्स पर वह भरोसा कर रही है, वही उसे धोखे के जाल में फंसा देगा. युवती को पहले दो लाख रुपए में बेचा गया और फिर पश्चिम बंगाल के रेडलाइट एरिया में तीन लाख रुपए में उसका सौदा कर दिया गया. वहां उसे जबरन देह व्यापार में धकेलने की कोशिश की गई.

इसी बीच युवती ने किसी तरह अपनी मां को फोन कर मदद मांगी. बेटी की आवाज सुनते ही मां ने पुलिस से गुहार लगाई. इसके बाद केसरिया पुलिस ने करीब 500 किलोमीटर दूर पांजीपाड़ा पहुंचकर ऐसा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, जिसकी कहानी किसी फिल्मी सीन से कम नहीं है. पुलिस के एक दारोगा ने महज 50 रुपए देकर रेडलाइट एरिया की गलियां छानीं और आखिरकार युवती तक पहुंचने में कामयाब रहे.

पड़ोसी युवक ने शादी का सपना दिखाकर बुलाया

पुलिस के मुताबिक, युवती ने बताया कि उसके पड़ोस में रहने वाले रोहित से उसकी जान-पहचान थी. धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और रोहित ने उससे शादी करने का वादा किया. इसी भरोसे में युवती घर छोड़ने के लिए तैयार हो गई. रोहित ने उसे मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर मिलने के लिए बुलाया. युवती तय समय पर स्टेशन पहुंच गई, लेकिन वहां रोहित खुद नहीं आया. उसकी जगह दो युवक पहुंचे. दोनों ने बताया कि रोहित ने उन्हें उसे लेने के लिए भेजा है. प्रेमी का नाम सुनकर युवती उनके साथ चली गई. यही उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा धोखा साबित हुआ.

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2 लाख में बेचा, फिर 3 लाख में हुआ सौदा

रोहित के दोनों दोस्त उसे मुजफ्फरपुर से पूर्णिया ले गए. वहां जीरो माइल कब्रिस्तान टोला की रहने वाली रानी नाम की महिला के हवाले कर दिया. दोनों दोस्तों ने युवती को रानी के पास दो लाख रुपए में बेच दिया. रानी ने युवती को भरोसा दिलाया कि अगले दिन उसकी रोहित से शादी करा दी जाएगी. उसे खाना खिलाया गया, लेकिन रात में खाना खाने के बाद वह बेहोश हो गई. जब होश आया तो खुद को पश्चिम बंगाल के रेडलाइट एरिया में पाया. रानी ने उसे पांजीपाड़ा में लक्की नाम की महिला को तीन लाख रुपए में बेच दिया. इसके बाद उस पर जबरन देह व्यापार करने का दबाव बनाया जाने लगा.

बेटी की एक कॉल ने मां को पहुंचाया थाने

पांजीपाड़ा में फंसी युवती ने किसी तरह अपनी मां को फोन किया. उसने बताया कि उसे जबरन गलत काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है. वह मां से मदद मांग रही थी, लेकिन इससे पहले कि वह अपनी पूरी बात बता पाती, फोन कट गया. बेटी की आवाज सुनकर मां घबरा गई. उसे यह तक पता नहीं था कि बेटी किस जगह पर है और किन लोगों के कब्जे में है. उसके पास सिर्फ बेटी का मोबाइल नंबर था. आखिरकार वह केसरिया थाने पहुंची और पुलिस को पूरी जानकारी देकर बेटी को बचाने की गुहार लगाई.

मोबाइल लोकेशन से मिला पश्चिम बंगाल का सुराग

मां की शिकायत पर थानाध्यक्ष राहुल ने मामले को गंभीरता से लिया. उन्होंने दारोगा मनोज ठाकुर, राजकुमार राजू, सोनू कुमार और महिला पुलिसकर्मी सुनीता कुमारी की विशेष टीम बनाई. पुलिस ने युवती के मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच कराई. लोकेशन पश्चिम बंगाल के पांजीपाड़ा रेडलाइट एरिया में मिली. इसके बाद पुलिस टीम युवती के पिता को साथ लेकर पश्चिम बंगाल रवाना हो गई. वहां पहुंचने के बाद स्थानीय पुलिस की मदद ली गई, लेकिन चुनौती यह थी कि रेडलाइट एरिया में युवती की पहचान कैसे की जाए और उसे बिना किसी खतरे के बाहर कैसे निकाला जाए.

50 रुपए देकर दारोगा ने खंगालीं रेडलाइट एरिया की गलियां

पुलिस ने युवती को बचाने के लिए खास रणनीति बनाई. दारोगा मनोज ठाकुर सादे कपड़ों में इलाके में पहुंचे. इसी दौरान एक अधेड़ व्यक्ति उनके पास आया और पूछा कि कैसी लड़की चाहिए? उसने 50 रुपए लेकर पूरा बाजार घुमाने की बात कही. दरोगा ने उसे 50 रुपए दिए और उसके साथ रेडलाइट एरिया की गलियों में घूमने लगे. दलाल उन्हें एक के बाद एक कई गलियों में ले गया. तीसरी गली पार करने के बाद दारोगा ने एक युवती की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्हें वही लड़की चाहिए. इसके बाद वह उन्हें कोठे की संचालिका लक्की के पास ले गया.

2 हजार से शुरू हुआ सौदा, एक हजार में बनी बात

कोठे की संचालिका लक्की ने युवती को उपलब्ध कराने के बदले दो हजार रुपए मांगे. दारोगा ने 500 रुपए देने की बात कही. काफी देर तक मोलभाव हुआ और आखिरकार एक हजार रुपए में बात तय हुई. पैसे देने के बाद जब दारोगा अंदर जाने लगे तो लक्की ने उनका मोबाइल फोन जमा कराने को कहा. दारोगा ने मोबाइल देने से इनकार कर दिया. इस बात पर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई. मनोज ठाकुर ने बातचीत में लक्की को उलझाए रखा. इसी दौरान स्थानीय पुलिस की मदद से बाकी टीम भी मौके पर पहुंच गई.

पुलिस को देखते ही मची अफरा-तफरी

पुलिस की कार्रवाई शुरू होते ही रेडलाइट एरिया में अफरा-तफरी मच गई. वहां मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे. इसी बीच दारोगा मनोज ठाकुर कोठे के अंदर पहुंचे और युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. इसके बाद पुलिस टीम उसे लेकर मोतिहारी लौट आई. इस पूरे मामले में युवती के बयान के आधार पर पड़ोसी युवक रोहित और उसके दोस्तों समेत अन्य आरोपियों पर गंभीर आरोप लगे हैं. शादी का भरोसा देकर घर से बुलाने से लेकर खरीद-बिक्री और रेडलाइट एरिया तक पहुंचाने की पूरी कहानी ने मानव तस्करी के एक गंभीर मामले को सामने ला दिया है.

मोहित पंडित
मोहित पंडित

मोहित पंडित ने साल 2004 से अपनी पत्रकारिता की शुरुआत की. नई बात, सन्मार्ग, सोनभद्र जैसे अखबारों में वे अपनी सेवा दे चुके हैं. वे सीमांचल के समाचारों को सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं और स्थानीय घटनाओं को उच्च स्तर पर रिपोर्ट करने में निपुण हैं. उनकी लेखनी में संवेदनशीलता और नैतिकता झलकती है.

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