उज्जैन में दर्दनाक हादसा: होटल के वेस्ट चैंबर की सफाई के दौरान 4 कर्मचारियों की मौत, बचाने उतरे 2 अन्य गंभीर
उज्जैन में देवास रोड स्थित होटल के वेस्ट चेंबर की सफाई के दौरान चार लोगों की मौत हो गई, जबकि बचाव के लिए अंदर गए दो अन्य लोगों की खराब हो गई.
मध्य प्रदेश के उज्जैन में देवास रोड स्थित होटल श्री गंगा में शनिवार रात एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है. यहां होटल के वेस्ट चैंबर की सफाई करने उतरे चार कर्मचारियों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई. वहीं, उन्हें बचाने के प्रयास में अंदर गए दो अन्य लोगों की भी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
बता दें कि शनिवार रात करीब 10:30 बजे होटल के दायीं ओर बने वेस्टेज चैंबर की सफाई का काम चल रहा था. इस टैंक में मिष्ठान्न, डेयरी उत्पाद और खाने का बचा हुआ कचरा डाला जाता है. जिला कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक (SP) प्रदीप शर्मा के अनुसार, शुरुआत में दो लोग सफाई के लिए टैंक के अंदर उतरे थे.
टैंक में जहरीली गैस के रिसाव और फिसलन के कारण वे अंदर ही बेहोश होकर गिर गए. उन्हें बाहर न आता देख, एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में दो और कर्मचारी भी अंदर उतरे और वे भी गैस की चपेट में आ गए. हादसे के दौरान जब चार लोग अंदर फंस गए, तो उन्हें निकालने गए दो अन्य लोगों का भी दम घुटने लगा और उनकी तबीयत खराब हो गई.
कटर मशीन से काटकर निकाले गए शव
घटना की सूचना मिलते ही माधव नगर थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे. चैंबर का गेट आसानी से न खुलने के कारण पास की कंस्ट्रक्शन साइट से कटर मशीन मंगवाई गई और गेट को काटकर करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद चारों को बाहर निकाला गया. पुलिस कर्मियों ने मौके पर ही सीपीआर (CPR) देकर उन्हें पुनर्जीवित करने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया. इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक सब-इंस्पेक्टर भी घायल हुए हैं.
प्रशासन और पुलिस की जांच शुरू
पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है. पुलिस और प्रशासन की टीमें इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि कर्मचारियों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण और गाइडलाइंस के चैंबर में उतरने की अनुमति किसने दी थी? क्या होटल प्रबंधन द्वारा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया गया था? अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि सुरक्षा मानकों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या चूक पाई जाती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.



