Kangana Ranaut: ‘बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा…’ प्रदर्शनकारियों पर भड़कीं कंगना रनौत, बोलीं- अब अच्छे से समझ आ जाएगा
Kangana Ranaut Post For Protestors: बॉलीवुड एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों को लेकर पोस्ट किया है. उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शनकारी सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान करेंगे, तो जनता भी उन्हें नुकसान पहुंचाएगी.
Kangana Ranaut Post For Protestors: दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन के खत्म होने के बाद मशहूर एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने प्रदर्शनकारियों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि अगर सड़क पर जनता आपको पीट रही है, तो ये तो होगा ही, क्योंकि हर एक्शन का उल्टा और बराबर रिएक्शन होता है. कंगना ने 28 जुलाई को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर प्रदर्शनकारियों को निशाने पर लेते हुए पोस्ट किया है.
कंगना रनौत ने अपने पोस्ट में लिखा, “जो प्रदर्शनकारी अपनी गंदी और अपमानजनक रील्स की वजह से सड़कों पर आम लोगों से पिट रहे हैं या अगर दुर्व्यवहार हो रहा है, तो उन्हें समझना चाहिए कि जब बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा, अगर तुम सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हो तो जनता भी तुम्हें नुकसान पहुंचाएगी.”
उनकी सुनो, जो देश से प्यार करते हैं- कंगना रनौत
कंगना रनौत ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, “अगर तुमको देश और लीडरशिप से दिक्कत है और तुमने सार्वजनिक रूप से खूब गंदी गंदी गालियां दी हैं, तो अब उनकी सुनो जो इस देश से प्यार करते हैं और इस सरकार को वोट की ताकत से लेकर आए हैं, क्योंकि बोलने का हक उनको भी है. अब रोने वाली कोई बात नहीं है. हर एक्शन का बराबर और उल्टा रिएक्शन होता है. अगर अभी पढ़ाई करके कारण और प्रभाव समझ नहीं आया तो अब आ जाएगा और बहुत अच्छे से समझ आएगा.”
कंगना रनौत ने पहले भी किया था पोस्ट
कंगना ने इससे पहले भी एक पोस्ट किया है, जिसके जरिए उन्होंने GenZ प्रदर्शनकारियों को निशाने पर लिया था. उन्होंने लिखा था, “मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक जगह इतनी बदसूरती नहीं देखी. GenZ के विरोध-प्रदर्शनों की ये रील्स देखकर तो उल्टी आ जाती है. जिस तरह से वो बात करते हैं और जैसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं, मैंने कभी किसी फ़्रेम में एक साथ इतनी अजीब और भद्दी चीजें नहीं देखी हैं. इन्हें कौन पैदा कर रहा है और पाल-पोस रहा है?”
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उन्होंने ये भी लिखा था, “भारत तो अलग-अलग तरह के खूबसूरत लोगों की जगह है, जो शालीनता और सांस्कृतिक समझ से जुड़े हैं. आप खुद को कॉकरोच कहते हैं और उन्हीं की तरह दिखते और बर्ताव भी करते हैं. इसमें कोई दो राय नहीं है, बस आप दुनिया के सामने अपनी गंदगी, कचरा और बदसूरती ही परोस रहे हैं. इन रील्स ने मुझे अंदर तक परेशान कर दिया है, अब थोड़ा ठीक होने की जरूरत है. डिजिटल डिटॉक्स.”




