India’s Top 1%: अनिल कपूर ने खोला कपूर खानदान का सबसे बड़ा सीक्रेट, ‘कृष्णा आंटी’ को याद कर हुए भावुक
India's Top 1%: 'द अनिल कपूर शो' के मंच पर कंटेस्टेंट के रेस्टोरेंट खोलने के सपने ने अनिल कपूर को कृष्णा राज कपूर की याद दिलाई. उन्होंने कपूर खानदान की मेहमाननवाजी का अनसुना किस्सा शेयर किया.
India’s Top 1%: हिंदी सिनेमा में जब भी ‘कपूर खानदान’ का नाम आता है, तो दिमाग में दो ही चीजें सबसे पहले आती हैं, वो है पहला फिल्मों के प्रति उनका दीवानापन और दूसरा, लजीज खाने और मेहमाननवाज़ी का बेजोड़ शौक. कपूर परिवार की दस्तरख्वान और वहां सजने वाले पकवानों के किस्से पूरी इंडस्ट्री में मशहूर रहे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस पूरे खानदान में खाने से भी ज्यादा तवज्जो किस बात को दी जाती है? इसका सबसे खूबसूरत और दिल छू लेने वाला खुलासा खुद अभिनेता अनिल कपूर ने अपने गेम शो के मंच पर किया है.
स्टार प्लस और जियो हॉटस्टार पर ऑन एयर हो रहे गेम शो ‘इंडिया के टॉप 1% द अनिल कपूर शो’ के दौरान ये भावुक और दिलचस्प पल तब सामने आया, जब हॉट सीट पर बैठे कंटेस्टेंट निशांत से पूछा गया कि अगर वो 1 करोड़ रुपये की बड़ी इनामी राशि जीतते हैं, तो उसका क्या करेंगे?
कंटेस्टेंट ने बताया अपना सपना
निशांत ने बेहद सादगी से जवाब देते हुए कहा कि उनकी सबसे पहली प्राथमिकता अपने सिर से ‘होम लोन’ का बोझ उतारना है. इसके बाद जो रकम बचेगी, उससे वे एक रेस्टोरेंट खोलना चाहते हैं. निशांत ने मुस्कुराते हुए कबूल किया कि उन्हें खुद खाना बनाना तो नहीं आता, लेकिन लोगों को दिल खोलकर खाना खिलाने में जो सुकून मिलता है, उसकी तुलना किसी चीज से नहीं की जा सकती. कंटेस्टेंट के मुंह से ‘खिलाने का शौक’ सुनते ही अनिल कपूर की आंखें चमक उठीं और वे पुरानी यादों के उस गलियारे में चले गए, जहां कपूर खानदान की सबसे आदरणीय शख्सियत का साया हुआ करता था.
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”कृष्णा आंटी से बेहतर होस्ट पूरी जिंदगी में नहीं देखा”
निशांत की बात ने अनिल कपूर को तुरंत स्वर्गीय राज कपूर की पत्नी यानी कृष्णा राज कपूर की याद दिला दी, जिन्हें पूरा परिवार बेहद अदब और प्यार से ‘कृष्णा आंटी’ कहकर बुलाता था. उस दौर की गर्मजोशी भरी मेहमाननवाज़ी को याद करते हुए अनिल कपूर ने कहा,”कृष्णा आंटी मेरी मां की सबसे पक्की दोस्त (बेस्ट फ्रेंड) थीं, ऋषि और रणधीर कपूर जी की मां थीं और मेरे लिए तो बिल्कुल मेरी मां के समान थीं. मैंने अपनी पूरी जिंदगी में उनसे बेहतर होस्ट कभी नहीं देखा. जब डाइनिंग टेबल पर लोग बैठते थे, तो वे खुद हर शख्स का ख्याल रखती थीं. बार-बार पूछती थीं कि खाना ठीक से खाया या नहीं, और नए-नए पकवान चखने के लिए बड़े प्यार से मनाती थीं. वो सच में बहुत बड़े दिल से सबको खाना खिलाती थीं.”
अनिल कपूर ने उस पुरानी और अनमोल सीख को दोहराते हुए आगे कहा,”खिलाने में जो असली आनंद और सुकून है, मुझे लगता है वो सिर्फ खाने में कभी नहीं हो सकता. शायद इसीलिए बड़े-बुजुर्ग कह गए हैं कि किसी के दिल का रास्ता उसके पेट से होकर ही गुजरता है.”




