Ghooskhor Pandat Controversy: FIR के बाद नेटफ्लिक्स ने हटाया घूसखोर पंडत का टीजर, नीरज पांडे ने कहा- ‘ये काल्पनिक है, किसी धर्म-समुदाय से वास्ता नहीं’

Ghooskhor Pandat Controversy: FIR के बाद नेटफ्लिक्स ने हटाया घूसखोर पंडत का टीजर,  नीरज पांडे ने कहा- ‘ये काल्पनिक है, किसी धर्म-समुदाय से वास्ता नहीं’

Ghooskhor Pandat Film Update: बॉलीवुड फिल्म घूसखोर पंडत के टीजर रिलीज के बाद से ही इसे लेकर बवाल उठना शुरू हो गया था. हाल ही में इस मामले में लखनऊ में FIR भी दर्ज की गई थी. अब इस फिल्म को लेकर नया अपडेट भी आ गया है. जहां एक तरफ नेटफ्लिक्स ने फिल्म के टाइटल के विरोध के बाद टीजर वापिस ले लिया गया है. इसके अलावा राइटर नीरज पांडे ने अब इसपर सफाई भी दे दी है.

Ghooskhor Pandat Film Neeraj Pandey Reaction: बॉलीवुड एक्टर मनोज बाजपेयी की फिल्म घूसखोर पंडत का अभी टीजर आया नहीं और इस फिल्म को लेकर पहले से बवाल मच गया. पिछले कुछ दिनों से फिल्म के टाइटल को लेकर विरोध देखने को मिला और इसे विषेश जाति के विरोध में जोड़कर देखा गया. फिल्म के टाइटल को लेकर हाल ही में लखनऊ में FIR भी दर्ज की गई और अब इस मामले पर मेकर्स और डिस्ट्रिब्यूटर्स द्वारा बड़ा फैसला ले लिया गया है. सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से इस फिल्म के टीजर और सारे प्रमोशनल कंटेंट को हटा दिया गया है. साथ ही मामले में फिल्म के राइटर नीरज पांडे का रिएक्शन भी आ गया है.

मामले की बात करें तो कमिश्नरेट लखनऊ के थाना हजरतगंज में ये कार्रवाई की गई. फिल्म के शीर्षक और कथित सामग्री को लेकर ब्राह्मण समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों में भारी बवाल देखने को मिला. आरोप है कि घूसखोर पंडत का टाइटल विशेष रूप से ब्राह्मण समुदाय को लेकर है और अपमानजनक है. जिसमें ‘पंडत’ पंडित शब्द को भ्रष्टाचार से जोड़कर एक पूरे वर्ग की छवि खराब करने की कोशिश की गई है. अब इस मामले में बड़ा एक्शन ले लिया गया है और नीरज पांडे ने भी फिल्म के टाइटल पर अपनी सफाई दे दी है.

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नीरज पांडे ने क्या कहा?

फिल्म के मेकर नीरज पांडे ने कहा कि- हमारी फिल्म पूरी तरह से एक फिक्शनल कॉप ड्रामा है और इसमें पंडत शब्द का उपयोग किसी विशेष वर्ग को ठेस पहुंचाने की मंशा से नहीं लिया गया है बल्कि ये फिक्शनल कैरेक्टर के लिए कैजुअली इस्तेमाल किया गया है. ये फिल्म एक व्यक्ति विशेष की कृत और उसकी प्राथमिकताओं को फोकस करती है और किसी भी धर्म-जाति या समुदाय को केंद्रित नहीं करती है. एक फिल्ममेकर होने के नाते मैं अपने काम के प्रति जिम्मेदारी का एहसास रखता हूं और ऐसी कहानियां बताने की कोशिश करता हूं जो सम्मानजनक और प्रेरणादायक हों. मेरी पिछली फिल्मों की तरह ही ये फिल्म भी पूरी गंभीरता से बनाई गई है और इसका मकसद सिर्फ लोगों का मनोरंजन करना है.

Manoj Statement

एक्टर मनोज बाजपेयी ने क्या कहा?

एक्टर मनोज बाजपेयी ने भी इस मामले में अपनी चुप्पी तोड़ी है और सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए अपने विचार जाहिर किए हैं. उन्होंने कहा- मैं लोगों की साझा की गई भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करता हूं. और मैं उन्हें गंभीरता से लेता हूं. जब आप किसी चीज का हिस्सा होते हैं और उससे कुछ लोगों को ठेस पहुंचती है. तो वह आपको रुकने और सुनने पर मजबूर कर देता है. एक अभिनेता के तौर पर मैं उस किरदार और कहानी के माध्यम से फिल्म से जुड़ता हूं, जिसे मैं निभा रहा हूं. मेरे लिए, यह एक गलत व्यक्ति के चित्रण और उसके सेल्फ रियलाइजेशन की जर्नी के बारे में था. इसका मतलब किसी भी समुदाय के बारे में कोई टिप्पणी करना नहीं था. नीरज पांडे के साथ काम करने के मेरे एक्सपीरियंस में, उन्होंने अपनी फिल्मों के लिए हमेशा गंभीरता और सावधानी बरती है. सार्वजनिक भावनाओं को देखते हुए फिल्म मेकर्स ने प्रमोशनल मटेरियल को हटाने का फैसला लिया है. जो दिखाता है कि चिंताओं को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है.