Supaul News: कोसी में बड़ा नाव हादसा, 22 लोगों से भरी नाव नदी में पलटी; 4 की हालत गंभीर
सुपौल जिले के भपटियाही थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह कोसी नदी में 20-22 लोगों से भरी नाव पलट गई. हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें सदर अस्पताल रेफर किया गया है. स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन एक बार फिर नाव सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं.
Supaul News: कोसी नदी एक बार फिर जानलेवा साबित होते-होते बची. सुपौल जिले के भपटियाही थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह कोसी नदी में यात्रियों से भरी एक नाव पलट गई. हादसे के समय नाव पर करीब 20 से 22 ग्रामीण सवार थे, जो बनेनिया घाट से नदी पार पलार क्षेत्र में मूंग तोड़ने जा रहे थे. नाव के पलटते ही नदी में चीख-पुकार मच गई और कई लोग तेज धारा में बहने लगे. गनीमत रही कि स्थानीय लोगों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन चार लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
सबसे बड़ा सवाल यह है कि कोसी और सीमांचल क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे नाव हादसों के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही है? हर साल क्षमता से अधिक यात्रियों को ढोने वाली नावें लोगों की जान जोखिम में डालती हैं, लेकिन हादसे के बाद कुछ दिनों की कार्रवाई और फिर वही पुरानी स्थिति देखने को मिलती है.
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ग्रामीणों ने बचाई नाव सवार लोगों की जान
प्रत्यक्षदर्शियों और हादसे में बची महिलाओं के अनुसार, नाव पर उसकी क्षमता से कहीं अधिक लोग सवार थे. नदी के बीच पहुंचते ही नाव का संतुलन बिगड़ गया और देखते ही देखते नाव पलट गई. कई लोग पानी में गिर गए. घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया. लोगों ने नदी में कूदकर डूब रहे यात्रियों को बाहर निकाला. ग्रामीणों की बहादुरी की वजह से बड़ी संख्या में लोगों की जान बच सकी.
4 गंभीर, सदर अस्पताल रेफर
हादसे में घायल लोगों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भपटियाही पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया. गंभीर रूप से घायल चार लोगों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है. वहीं अन्य घायलों का इलाज सरायगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है.
फिलहाल प्रशासन की ओर से किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. हालांकि घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई है और नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा गया है. अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
नदी पार करने का नाव ही सहारा
कोसी नदी के किनारे बसे इलाकों में नाव लोगों की मजबूरी है. खेती, मजदूरी, बाजार और रोजमर्रा के कामों के लिए हजारों लोगों को नाव के सहारे नदी पार करनी पड़ती है, लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने, लाइफ जैकेट की व्यवस्था नहीं रहने और ओवरलोडिंग पर नियंत्रण नहीं होने से हर साल हादसे सामने आते हैं. सवाल यह है कि आखिर कितने हादसों के बाद प्रशासन स्थायी समाधान निकालेगा? क्या हर बार ग्रामीणों की बहादुरी के भरोसे लोगों की जान बचती रहेगी, या फिर नाव संचालन को लेकर सख्त नियम लागू किए जाएंगे?




