‘इज्जत का तो ख्याल रखो, कोई दूसरा होता तो थप्पड़ मारते…’ सड़क पर दिग्गज एक्ट्रेसेस के बीच बहस, पुलिस ने लगाई फटकार
CINTAA का विवाद अब सड़क की लड़ाई बन चुका है. चुनाव से ठीक एक दिन पहले कागजात हटाने को लेकर इंडस्ट्री की सीनियर एक्ट्रेसेस के बीच ऐसा घमासान मचा कि पुलिस को आगे आकर समझाना पड़ा.
CINTAA Controversy: सिल्वर स्क्रीन पर तहजीब, संजीदगी और रिश्तों की मर्यादा का पाठ पढ़ाने वाले सितारे जब असल जिंदगी में कुर्सी की लड़ाई पर उतरते हैं, तो रील और रियल लाइफ का फर्क पूरी तरह मिट जाता है. पिछले कुछ दिनों से मुंबई में सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) के दफ्तर में जो कुछ देखने को मिल रहा है, उसने पूरे फिल्म इंडस्ट्री को हैरान कर दिया है. पूनम ढिल्लों, पद्मिनी कोल्हापुरे, उपासना सिंह और कुनिका सदानंद अब संस्था के आधिकारिक दस्तावेजों और एसोसिएशन पर कब्जे को लेकर आपस में इस कदर उलझ गईं कि मौके पर मौजूद मुंबई पुलिस को बीच में आकर उन्हें मर्यादा का पाठ पढ़ाना पड़ गया. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियोज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे इस खींचतान ड्रामे का रूप ले लिया.
विवाद की चिंगारी तब सुलगी जब एक्ट्रेस कुनिका सदानंद और उपासना सिंह के गुट ने आरोप लगाया कि CINTAA के अहम और गोपनीय दस्तावेज चोरी-छिपे पूनम ढिल्लों की निजी गाड़ी और एक टैंपो में भरकर बाहर भेजे जा रहे हैं. एक वीडियो में कुनिका फोन से रिकॉर्डिंग करते हुए पद्मिनी कोल्हापुरे से सवाल करती दिखती हैं कि वो इन कागजातों को बाहर क्यों ले जा रही हैं. इस पर पद्मिनी कोल्हापुरे पलटवार करते हुए कहती हैं कि समिति के भंग होने का आधिकारिक पत्र दिखाइए. साथ ही वो आरोप जड़ देती हैं कि उनका डेटा चुराया गया है. वहीं दूसरे वीडियो में पूर्व अध्यक्ष पूनम ढिल्लों अपनी गाड़ी की चेकिंग किए जाने पर बेहद नाराज नजर आ रही हैं और रिकॉर्डिंग करने पर कुनिका से उनकी तीखी झड़प हो जाती है.
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पुलिस ने लगाई कड़ी फटकार
कलाकारों के बीच ये तू-तू का मामला पुलिस के समझाने के बाद भी नहीं थमा. वायरल वीडियो में एक महिला पुलिस अधिकारी इन एक्ट्रेसेस के गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर उखड़ते नजर आती हैं. पुलिसकर्मी ने उनकी क्लास लगाते हुए कहा, “मुझे इस तरह बात करते हुए खुद बुरा लग रहा है. हम गली में रहने वालों से भी इस तरह बात नहीं करते. कम से कम अपनी इज्जत और प्रतिष्ठा का तो ख्याल रखिए, लोग आपको देख रहे हैं. आप सिर्फ अपने आरोपों पर अड़े हैं और हमारी बात नहीं सुन रहे हैं. दूसरा कोई रहता तो थप्पड़ ही मारते. हम आपको इज्जत दे रहे हैं, लेकिन उसकी भी एक सीमा होती है.”
जब उपासना सिंह ने पुलिस से उन कागजातों को तुरंत वापस मंगाने की मांग की, तो अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया कि ये उनका काम नहीं है, यदि दस्तावेजों में कोई हेराफेरी हुई है तो लेबर कमिश्नर या कोर्ट इसकी जांच कराएगा.
क्या है CINTAA का असल विवाद?
इस हंगामे की जड़ें अगस्त के महीने से जुड़ी हैं, जब 21 सदस्यीय कार्यकारिणी समिति के 8 निर्वाचित प्रतिनिधियों समेत कुल 11 सदस्यों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया था. इन सदस्यों ने पूनम ढिल्लों और तत्कालीन लीडरशिप पर मनमाने तरीके से फैसला लेने और संविधान की अनदेखी करने का खुला आरोप लगाया था. उपासना सिंह का कहना था कि जब 50% से ज्यादा प्रतिनिधि हट चुके हैं, तो कमेटी खुद-ब-खुद भंग हो गई. इसके बाद फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने 12 सितंबर को नए सिरे से चुनाव कराने का ऐलान कर दिया. पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे के खेमे ने चुनाव पर रोक लगाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अदालत ने याचिका खारिज करते हुए चुनाव की प्रक्रिया को जारी रखने की हरी झंडी दे दी.
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बस इसी अदालती झटके और चुनाव से ठीक पहले रात के अंधेरे में फाइलों को बाहर ले जाने के आरोपों ने आग में घी डालने का काम किया. उपासना सिंह ने अब इस पूरे मामले को लेकर वर्सोवा पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज करा दी है. स्क्रीन पर मर्यादा की मिसाल पेश करने वाले सितारों की यह जमीनी जंग फिलहाल पूरे बॉलीवुड में चर्चा और फजीहत का कारण बनी हुई है.




