शबाना आजमी के ‘मुस्लिम किरदार’ वाले बयान पर राजकुमार संतोषी बोले- मुझे ये समझ नहीं आता
सनी देओल की बंटवारा 1947 बड़े बजट की होने के बाद भी वर्ल्डवाइड करीब 54 करोड़ ही कमा पाई है. इस बीच शबाना आजमी का एक बयान चर्चा में आ गया. अब निर्देशक राजकुमार संतोषी ने उस पर रिएक्ट किया.
Raj Kumar Santoshi On Shabana Azmi: सनी देओल, प्रीति जिंटा, अली फजल, शबाना आजमी और करण देओल स्टारर फिल्म ‘बंटवारा 1947’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक बिज़नेस नहीं कर पाई. सनी देओल जैसा बड़ा स्टार होने के बाद भी फिल्म फ्लॉप हो गई. हाल ही में शबाना आजमी ने फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर पिटने को लेकर बात की. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि दर्शकों ने सनी देओल को मुस्लिम कैरेक्टर में स्वीकार नहीं किया. अब शबाना के इस बयान पर फिल्म के निर्देशक राजकुमार संतोषी ने रिएक्शन दिया है.
राजकुमार संतोषी ने वैरायटी इंडिया से बातचीत में शबाना आजमी के बयान पर कहा, “मुझे ये बिल्कुल समझ नहीं आता. अमिताभ बच्चन ने ‘कुली’ में मुस्लिम हीरो का किरदार निभाया था. मनमोहन देसाई की कई फिल्मों में मुस्लिम हीरो होते थे. क्या हम उस मोड़ पर आ गए हैं कि जहां हम दूसरे समुदाय के हीरो को स्वीकार नहीं कर सकते? हम समझदार, अच्छे और पढ़े-लिखे लोग हैं. फिर ये लोग कैसे कह रहे हैं कि फिल्म में बड़ी गलती है?”
‘लज्जा’ फिल्म का किया जिक्र
इस दौरान राजकुमार संतोषी ने अपनी फिल्म ‘लज्जा’ के रामायण पर आधारित सेगमेंट का जिक्र किया. वो कहते हैं, वो कहते हैं, “एक समाज के तौर पर हम बेहद कम सहनशील और समावेशी हो गए हैं. आपको फिल्ममेकर के इरादे को देखना चाहिए और ये समझना चाहिए कि लेखक क्या कहना चाहता है. मैं एक हिंदू हूं. मैं मंदिर जाता हूं. मेरे बेटे का नाम राम है. मैं किसी मजहब के खिलाफ नहीं. पर मैं हर मजहब की अच्छी चीजों को लेना चाहता हूं. संतों ने आस्था के बारे में जो भी कहना चाहा है, वो हमेशा बराबरी की बात ही रही है. हिंदू धर्म हमेशा सबको साथ लेकर चलने वाला रहा है, न कि किसी को बाहर रखने वाला.”
शबाना आजमी ने क्या कहा था?
जूम को दिए इंटरव्यू में शबाना आजमी ने फिल्म के फ्लॉप होने पर हैरानी जाती. वो कहती हैं, “बंटवारा के बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिटने से मैं काफी हैरान हूं. क्योंकि मैं ऐसे लोगों से घिरी हुई थी जिन्होंने कहा कि उन्हें ये फिल्म बहुत पसंद आई. लोगों ने मुझसे कहा कि उन्हें संदेश बहुत अच्छा लगा. फिल्म ने उन्हें एहसास कराया कि आप नफरत से उठकर मानवता की बात कर रहे हैं. इस माहौल में उसकी इतनी अहमियत है. दूसरी तरफ लोग थिएटर में गए ही नहीं. और जो गए उनके रिएक्शन बहुत कन्फ्यूज्ड हैं.”
शबाना आगे कहती हैं, “मतलब सनी देओल को आप मुसलमान स्वीकार नहीं कर सकते हैं. क्यों? कुली और इतनी सारी फिल्में थीं, जिसमें अमिताभ बच्चन बहुत आराम से मुस्लिम कैरेक्टर्स प्ले करते थे. दीवार में वो 786 लगा लेते थे और उसको बिल्कुल स्वीकार किया जाता था. तो इसको हम क्या समझें कि ऐसा माहौल बनाया जा रहा है हमारे यहां, जिसमें इस तरह की बंटवारा जानबूझकर हो रहा है? क्या है? मेरी समझ में नहीं आ रहा है. मुझे इस बात पर हैरत है कि लोगों को इस बात का ऐतराज़ है कि सनी देओल मुसलमान क्यों प्ले कर रहा है. ये हिंदुस्तान-पाकिस्तान का ऐसा सब्जेक्ट है, जिसे आप हिंदी सिनेमा में छू नहीं सकते हैं, जो कि काफी निराशाजनक है.”
इन दिनों क्या कर रहे हैं संतोषी?
राजकुमार संतोषी ‘बंटवारा 1947’ के बाद सनी देओल के साथ फिल्म ‘घातक’ बनाने पर विचार कर रहे हैं. उन्होंने इस दौरान ये भी बताया कि वो एक म्यूजिकल कॉमेडी पर भी काम कर रहे हैं. वो कहते हैं, “मैं एक म्यूजिकल कॉमेडी पर काम कर रहा हूं. ‘अदा अपनी अपनी’. ये अंदाज़ अपना अपना वाले जॉनरा की फिल्म है. स्क्रिप्ट पूरी हो गई है.”




