साईं बाबा पर निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर ने ये क्या कह दिया? मचा बवाल
मध्य प्रदेश के उज्जैन में निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद पुरी महाराज की श्रीमद् भागवत कथा चल रही है. इसी बीच उन्होंने साईं बाबा पर एक बयान दिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो वायरल होने के बाद उनके बयान को लेकर बवाल खड़ा हो गया है.
“अगर आप साईं बाबा की पूजा करते रहे हैं तो कोई बात नहीं, लेकिन अब आप जाग जाइए. साईं बाबा मुसलमान हैं, अगर आपके पास उनकी मूर्ति है तो उसे कुएं में डाल दो और फोटो है तो उसे आग लगा दो. हमें किसी भी ईर पीर की पूजा नहीं करना है, हमें सिर्फ 84 करोड़ देवताओं को ही पूजना है….” यह विवादित बयान निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद पुरी महाराज ने उज्जैन में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान दिया, जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.
बयान का वीडियो वायरल होने के बाद बवाल मच गया है. इन दिनों मध्य प्रदेश के उज्जैन में निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद पुरी महाराज की श्रीमद् भागवत कथा चल रही है. श्रीमद् भागवत कथा के दौरान महाराज जी भगवान श्री कृष्ण की अनेक लीलाओं का वर्णन कर रहे हैं, लेकिन कथा के दौरान उनके साईं बाबा पर दिए गए एक बयान ने बवाल मचा दिया.
कथा के दौरान दिया बयान
महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद ने श्रीमद् भागवत कथा के दौरान यह बयान दिया. कथा के दौरान महामंडलेश्वर प्रेमानंदपुरी महाराज ने कहा कि मंदिरों में प्रवेश के लिए हिंदू कार्ड बनाए जाना चाहिए, जिससे कि सिर्फ हिंदुओं को ही मंदिरों में प्रवेश दिया जा सके. उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में दुकानों पर लगे बोर्ड के साथ उनके मालिकों के नाम भी लिखे हैं, जिससे लोगों को दुकान के मालिक के धर्म की जानकारी लग जाती है.
सरकारीकरण से मुक्त हो मंदिर
महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह मांग की है कि मंदिरों को सरकारीकरण से मुक्त करना चाहिए और उनकी व्यवस्था पहले की तरह ही अखाड़े को सौंप देना चाहिए. महाकालेश्वर मंदिर महानिर्वाणी अखाड़े का है, जिसका सालों तक महानिर्वाणी अखाड़ा ही संचालन करता रहा है. इसकी व्यवस्थाएं फिर अखाड़े को सौंप देनी चाहिए. उन्होंने भी कहा कि तेलंगाना क्षेत्र में तो मंदिरों के रूपयों से ही खाने की व्यवस्था चल रही है. हमें भी मंदिरों को सरकारीकरण से मुक्त करवाने के लिए पुरजोर आंदोलन करना होगा.
“पूजन के योग्य नहीं साईं की प्रतिमा”
महामंडलेश्वर प्रेमानंदपुरी महाराज ने कथा के दौरान कहा, “साईं की प्रतिमा पूजन करने के योग्य नहीं है इसे जल्द से जल्द हटा देना चाहिए. हमारे महाराज शांति स्वरूपानंद जी जीवन भर साईं बाबा का विरोध करते रहे हैं और अब उनका शिष्य होने के नाते में भी साईं का विरोध करता हूं.”



