‘देश छोड़कर भाग जाएगा’, सैफ पर हमले के केस में आरोपी की जमानत याचिका खारिज

‘देश छोड़कर भाग जाएगा’, सैफ पर हमले के केस में आरोपी की जमानत याचिका खारिज

पुलिस ने कहा कि आरोपी शरीफुल का अपराध बहुत गम्भीर है और उसके खिलाफ पुख्ता सबूत उपलब्ध हैं. अगर आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाता है, तो ऐसी संभावना है कि शिकायतकर्ता और गवाहों को लालच दिया जा सकता है या प्रभावित किया जा सकता है.

अभिनेता सैफ अली खान पर हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद की जमानत अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया है. कोर्ट में सरकारी वकील ने कहा कि शरीफुल देश छोड़कर भाग सकता है या गवाहों-सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है. बता दें कि कोलकर मुंबई पुलिस ने अपने जवाब में जमानत का विरोध करते हुए कहा है कि जांच से पता चला है कि आरोपी एक बांग्लादेशी नागरिक है और भारत में अवैध रूप से रह रहा है. इसलिए, अगर गिरफ्तार आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाता है तो इस बात की प्रबल संभावना है कि वह बांग्लादेश भाग जाएगा.

पुलिस ने कहा कि आरोपी शरीफुल का अपराध बहुत गम्भीर है और उसके खिलाफ पुख्ता सबूत उपलब्ध हैं. अगर आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाता है, तो ऐसी संभावना है कि शिकायतकर्ता और गवाहों को लालच दिया जा सकता है या प्रभावित किया जा सकता है. इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि वह बार-बार ऐसे अपराध करेगा.

आरोपी के खिलाफ मिले सबूत

मुंबई पुलिस ने कोर्ट को बताया कि अभिनेता सैफ अली खान पर बांद्रा स्थित उनके घर में हुए हमले के दौरान उनकी रीढ़ की हड्डी के पास फंसा चाकू का टुकड़ा और घटनास्थल पर मिला एक हिस्सा आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम के पास से बरामद हथियार से मेल खाता है.आरोपी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए पुलिस ने कहा कि तीनों टुकड़े उसी हथियार के थे, जिसका इस्तेमाल अभिनेता पर हमला करने के लिए किया गया था.

सैफ के घर में घुसकर हमला

दरअसल 16 जनवरी को बांद्रा में सैफ अली खान के 12वीं मंजिल के अपार्टमेंट में एक घुसपैठिए ने उनपर चाकू से कई वार किए थे.हमले के बाद सैफ (54) की रीढ़ की हड्डी के पास फंसा चाकू का टुकड़ा निकालने के लिए लीलावती अस्पताल में इमरजेंसी सर्जरी की गई थी. उन्हें पांच दिन बाद छुट्टी दे दी गई थी. बांग्लादेशी नागरिक शरीफुल इस्लाम को दो दिन बाद हिरासत में लिया गया था.

एफएसएल की रिपोर्ट का हवाला

पुलिस ने जमानत याचिका के लिखित जवाब में फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट का हवाला दिया. पुलिस के लिखित जवाब में कहा गया है कि आरोपी के पास से बरामद चाकू का टुकड़ा, अपराध स्थल पर मिला एक टुकड़ा और खान की रीढ़ के पास फंसा तीसरा टुकड़ा जांच के लिए एक चिकित्सा अधिकारी के पास भेजा गया था. जवाब में कहा गया है अधिकारी की ओर से पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार चाकू के टुकड़े एक दूसरे से मेल खाते हैं और एक ही हथियार के हैं.

9 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई

आरोपी ने वकील अजय गवली के माध्यम से दायर अपनी जमानत याचिका में दावा किया कि प्राथमिकी पूरी तरह से झूठी है और उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया है. जमानत याचिका में कहा गया है कि मामले की जांच व्यावहारिक रूप से पूरी हो चुकी है और केवल आरोपपत्र दाखिल किया जाना बाकी है.याचिका के अनुसार आरोपी ने जांच में सहयोग किया है और उसे हिरासत में नहीं रखा जाना चाहिए.मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को होगी.