जज कैश कांड की जांच तेज, कमेटी ने दर्ज किया पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा का बयान

इस मामले की जांच के लिए सीजेआई ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और कर्नाटक हाईकोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस अनु शिवरमन की तीन सदस्यीय आंतरिक जांच समिति गठित की थी.
दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के अधिकारिक आवास में लगी आग बुझाने के दौरान कथित तौर पर भारी मात्रा में नकदी मिलने की जांच कर रही समिति के सामने दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने शुक्रवार को अपना बयान दर्ज कराया. इसके अलावा नई दिल्ली जिले के डिप्टी कमिश्नर देवेश महाल का भी बयान दर्ज किया गया.
सूत्रों के मुताबिक मामले की जांच के लिए देश के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) संजीव खन्ना ने तीन जजों की समिति की गठन किया है. जिसके सामने बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा शुक्रवार की शाम करीब पौने छह बज चाणक्यापुरी स्थित हरियाणा सरकार के गेस्ट हाउस पहुंचे थे.
संजय अरोड़ा का बयान सबसे महत्वपूर्ण
बयान दर्ज कराने के बाद पुलिस कमिश्नर वहां से करीब 8 बजे निकले. सूत्रों ने बताया कि इस दौरान समिति के सामने उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया और सदस्यों ने भी उनसे कई सवाल किए. संजय अरोड़ा का बयान इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने ही जस्टिस वर्मा के घर लगी आग बुझाने के दौरान सबसे पहले दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय को फोन पर जानकारी दी थी.
नकदी मिलने की तस्वीरें और वीडियो
बाद में, पुलिस कमिश्नर ने यशवंत वर्मा के आवास पर आग बुझाने के दौरान नकदी मिलने की तस्वीरें और वीडियो भेजी थी. सूत्रों ने बताया कि कमिश्नर ने समिति को पुलिस के उन अधिकारियों के नाम भी बताएं हैं, जिन्होंने जस्टिस वर्मा के घर आग बुझाने के दौरान नकदी मिलने की जानकारी, तस्वीरें और वीडियो उन्हें भेजी थी.
इससे पहले, नई दिल्ली जिला के डिप्टी कमिश्नर देवेश महाला भी बयान दर्ज कराने दिन में 3 बजे पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि डिप्टी कमिश्नर ने भी अपना बयान दर्ज कराया और करीब 5 घंटे बाद शाम 8 बजे वहां से निकले.
तीन जजों की समिति का गठन
इस मामले की जांच के लिए सीजेआई ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और कर्नाटक हाईकोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस अनु शिवरमन की तीन सदस्यीय आंतरिक जांच समिति गठित की थी. सूत्रों ने बताया कि समिति जल्द ही अब जस्टिस वर्मा को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाएगी.