जेसीबी पर मोदी-योगी का कटआउट, एमपी में हिंदू नववर्ष पर निकली ऐसी शोभायात्रा… देखते रह गए लोग

हिन्दू नववर्ष के अवसर पर जबलपुर में नारायणी सेना ने भव्य शोभायात्रा निकाली. इस यात्रा में बुलडोजर पर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कटआउट थे, जिसने सभी लोगों को ध्यान अपनी ओर खींचा. इसके साथ शोभायात्रा में 'एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे और बंटेंगे तो कटेंगे' जैसे नारे गूंजते रहे.
हिंदू नव वर्ष के आगाज के साथ ही देश में यूं तो अनेक धार्मिक अनुष्ठान और कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, लेकिन जबलपुर में नारायणी सेना की ओर से निकाली गई एक शोभायात्रा ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. इसमें सनातन संस्कृति की भव्य झलक देखने को मिली. साथ ही शोभायात्रा में आकर्षण का केंद्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कटआउट थे, जिन्हें बुलडोजर पर लगाया गया था.
हिंदू नव वर्ष के अवशर पर मध्य प्रदेश के जबलपुर में भगवा ध्वज मंगल कलश यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिए नारे पूरे समय गूंजते रहे. कभी एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे तो कभी बंटेंगे तो कटेंगे के नारे यात्रा में शामिल लोग लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे, इसके साथ ही बुलडोजर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशाल कट आउट लगाकर भव्य शोभा यात्रा निकाली गई.
जेसीबी पर दिखे मोदी और योगी के कटआउट
जेसीबी पर पीएम मोदी और सीएम योगी के कटआउट आकर्षण का केंद्र बने रहे और उन्हें देखने के लिए इस दौरान बड़ी तादाद में लोगों की भीड़ भी जुटी रही. दरअसल, जबलपुर की नारायणी सेना ने वर्ष प्रतिपदा के मौके पर विशाल भगवा ध्वज मंगल कलश यात्रा निकाली. शहर के मिलोनीगंज इलाके से शुरू हुई इस यात्रा में शामिल लोगों ने बंटेंगे तो कटेंगे और एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे के नारे लगाए.
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यात्रा में महिला, युवा और बुजुर्ग शामिल
नारायणी सेवा के पदाधिकारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से दिए गए ये नारे आज देश के लिए बेहद जरूरी हैं. यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और संत-महात्मा शामिल हुए. शोभायात्रा में शामिल महिलाओं ने भारतीय संस्कृति के पारंपरिक परिधानों में भाग लिया और हाथों में भगवा ध्वज थामे नजर आईं. यात्रा में शामिल महिलाओं ने कहा कि देश में महिलाओं की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है और उन्हें शिक्षा तथा आत्मरक्षा के क्षेत्र में भी आगे आना चाहिए.
धर्मगुरुओं ने एकता व अखंडता का दिया संदेश
कुछ महिलाओं ने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो वे शस्त्र उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगी. उनके अनुसार, इस तरह के आयोजनों से महिलाओं में जागरूकता और आत्मनिर्भरता की भावना बढ़ती है. यात्रा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देश की जरूरत बताया गया है. इस अवसर पर कई संतों और धर्मगुरुओं ने शोभायात्रा में भाग लिया और देश की एकता व अखंडता के लिए संदेश दिए.
क्यों निकाली गई शोभायात्रा?
जगद्गुरु सुखानंद द्वाराचार्य स्वामी राघवदेवाचार्य ने कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र और विश्व गुरु बनाने का लक्ष्य प्रत्येक सनातनी का होना चाहिए. उन्होंने समाज में धार्मिक मूल्यों को बनाए रखने और हिंदू संस्कृति के संरक्षण पर भी जोर दिया. नारायणी सेना के अध्यक्ष सीताराम सेन ने इस भव्य शोभायात्रा के आयोजन के पीछे के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति को बढ़ावा देने का एक प्रयास है.
अंत में हुई धार्मिक सभा
उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और हिंदू समाज को एकजुट करने के लिए इस तरह के आयोजनों की जरूरत है. चैत्र नवरात्रि के इस पावन अवसर पर निकाली गई इस शोभायात्रा का विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया. श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर, पुष्प वर्षा कर और भजन-कीर्तन के माध्यम से यात्रा का अभिनंदन किया. अंत में, शोभायात्रा का समापन एक विशाल धार्मिक सभा के साथ हुआ, जिसमें साधु-संतों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने अपने विचार रखे.
यह आयोजन जबलपुर में न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि यह समाज में एकता, शांति और हिंदू संस्कृति के संरक्षण का भी प्रतीक बना.