पहली फिल्म में अजय देवगन के हाथों मिली थी ‘दृश्यम’ के गायतोंडे को मौत, जानिए कमलेश सांवत के बारे में

पहली फिल्म में अजय देवगन के हाथों मिली थी ‘दृश्यम’ के गायतोंडे को मौत, जानिए कमलेश सांवत के बारे में

अजय देवगन की फिल्म 'दृश्यम 3' इस वक्त हर तरफ छाई हुई है. फिल्म में कमलेश सावंत ने पुलिस इंस्पेक्टर गायतोंडे का किरदार निभाया है, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया. चलिए जानते हैं उनके बारे में.

Who Is Kamlesh Sawant: अजय देवगन की ब्लॉकबस्टर फिल्म दृश्यम का अब तीसरा पार्ट भी आ गया है. 2 अक्टूबर को ‘दृश्यम 3’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई है. फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स का भरपूर प्यार मिल रहा है. फिल्म में कुछ नए किरदारों की एंट्री हुई है. लेकिन कुछ किरदार ऐसे हैं जो पहली फिल्म से अब तक बरकरार हैं. इसी में से एक किरदार है पुलिस इंस्पेक्टर गायतोंडे का, जिसे एक्टर कमलेश सावंत ने निभाया है. गायतोंडे का किरदार भले ही फिल्म में बहुत लंबे समय तक नजर नहीं आया, लेकिन उसकी सख्त पुलिस अफसरी और विजय सलगांवकर के परिवार के साथ उसका टकराव दर्शकों के जेहन में रह गया.

खास बात यह है कि पहली दृश्यम में गायतोंडे का अंत अजय देवगन के किरदार विजय के हाथों होता है, जिससे यह किरदार कहानी का एक अहम हिस्सा बन जाता है. दृश्यम 3 में भी कमलेश इसी किरदार में वापस आए हैं. इस किरदार ने उन्हें खूब पॉपुलैरिटी दिलाई. चलिए आज उनके बारे में जानते हैं.

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कौन हैं कमलेश सावंत?

कमलेश सावंत का जन्म साल 1974 में 12 जून को महाराष्ट के मुंबई में हुआ था. कमलेश को बचपन से ही फिटनेस और अनुशासन का माहौल मिला. उनके पिता तुकाराम सावंत भारती रेलवे में क्लर्क और स्पोर्ट्स सेक्रेटरी के तौर पर काम करते थे. पिता तुकाराम ने ही कमलेश और उनके भाई को बॉडीबिल्डिंग के लिए प्रेरित किया था. इसी ट्रेनिंग ने कमलेश में अनुशासन और फिटनेस की मजबूत आदत डाली, जो आगे चलकर उनके अभिनय करियर में भी काफी काम आई.

मराठी सिनेमा से शुरु किया एक्टिंग करियर

कमलेश सावंत ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत मराठी सिनेमा से की थी. उन्होंने मराठी फिल्म एक क्रांतिवीर: वासुदेव बलवंत फड़के से डेब्यू किया था. ये फिल्म साल 2007 में आई थी. इसके बाद वह रिंगा रिंगा (2010), लालबाग परेल (2010) और दगड़ी चॉल (2015) जैसी फिल्मों में नजर आए. अपने दमदार अभिनेय की वजह से कमलेश मराठी इंडस्ट्री के जाने-माने कलाकार बन गए.

‘दृश्यम’ से मिली असली पहचान

कमलेश सावंत ने मराठी टेलीविजन पर भी काम किया है और लक्ष्य सीरियल से उन्हें खास पहचान मिली. इसके अलावा वह थिएटर से भी लंबे समय से जुड़े रहे हैं. हालांकि, उनके करियर के सबसे यादगार किरदारों में इंस्पेक्टर गायतोंडे का नाम सबसे ऊपर आता है, जिसे उन्होंने दृश्यम की तीनों फिल्मों में निभाया है. उनके इस किरदार को दर्शकों ने काफी पसंद किया है.

इन बॉलीवुड फिल्मों में भी आ चुके हैं नजर

कमलेश ने बॉलीवुड में अपना डेब्यू फिल्म खाकी से किया था, जो 2004 में आई थी. इस फिल्म में भी उन्होंने पुलिस कॉन्स्टेबल का किरदार निभाया था. इसके बाद वह मुंबई मेरी जान (2008), राइट या रॉन्ग (2010), फोर्स (2011) और भूतनाथ रिटर्न्स (2014) जैसी फिल्मों में नजर आए. इन फिल्मों में उन्होंने पुलिस और कानून-व्यवस्था से जुड़े अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और कभी अलग रैंक तो कभी अलग अंदाज में वर्दी वाले किरदारों को पर्दे पर उतारा.

कहकशा परवीन
कहकशा परवीन

टीवी 9 डिजिटल हिंदी में बतौर सब एडिटर काम कर रहीं कहकशा परवीन को मीडिया इंडस्ट्री में 6 साल का अनुभव है. इन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया है और इलेक्ट्रोनिक मीडिया एंड टीवी प्रोडक्शन में डिप्लोमा किया है. कहकशा ने अपने करियर की शुरुआत बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद नवोदया टाइम्स में मनोरंजन सेक्शन में कंटेंट लिखना और सेलिब्रेटिजी के इंटरव्यू लेती रही हैं. एबीपी नेटवर्क में भी कहकशा बतौर सब एडिटर मनोरंज की खबरें लिखती रही हैं. इन्हें ट्रैवल, फैशन, लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट में लिखने और पढ़ने का शौक है.

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