Review: जहीर इकबाल के कंधों पर ‘डर’ का बोझ और ‘ऑब्सेशन’ से तुलना का रिस्क, सोनाक्षी की ‘तू है मेरी किरण’ का ट्रेलर क्या कहता है?

Review: जहीर इकबाल के कंधों पर ‘डर’ का बोझ और ‘ऑब्सेशन’ से तुलना का रिस्क, सोनाक्षी की ‘तू है मेरी किरण’ का ट्रेलर क्या कहता है?

सोनाक्षी और जहीर की 'तू है मेरी किरण' का ट्रेलर 'डर' और हॉलीवुड फिल्म 'ऑब्सेशन' के खतरनाक जोन में ले जाता है. जानिए जहीर इकबाल के रोल पर क्यों है सबसे बड़ा रिस्क.

Tu Hai Meri Kiran: बॉलीवुड के रियल-लाइफ कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल की शादी के बाद पहली बार बड़े पर्दे पर एक साथ वापसी हो रही है, लेकिन इस बार ये ऑनस्क्रीन सफर कोई खुशनुमा लव स्टोरी नहीं, बल्कि खौफ, स्टॉकिंग और सनक से भरी एक साइकोलॉजिकल जंग है. सारेगामा और विशाल राणा के बैनर तले करण रावल के निर्देशन में बनी फिल्म ‘तू है मेरी किरण’ का ट्रेलर 6 अक्टूबर को रिलीज हुआ. फिल्म 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. 2 मिनट 16 सेकंड के इस ट्रेलर ने रिलीज होते ही दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा छेड़ दी है. इसकी सबसे बड़ी वजह है फिल्म का वो डार्क जोन, जो न सिर्फ 90 के दशक की कल्ट क्लासिक शाहरुख खान की ‘डर’ की याद दिलाता है, बल्कि हॉलीवुड की चर्चित साइकोलॉजिकल थ्रिलर ‘ऑब्सेशन’ के जॉनर से भी प्रेरित नजर आता है.

ट्रेलर की शुरुआत में ही जहीर इकबाल का किरदार एक अजीब से ठहराव और बेचैनी के साथ अपने प्यार की बात करता है. लेकिन अगले ही पल वो प्यार एक डरावने ऑब्सेशन में बदल जाता है, “आई लव यू किरण, अगर ये एकतरफा प्यार हुआ तो टूट जाएगा…तुम्हें मुझसे प्यार करना होगा किरण!”

जहीर इकबाल के कंधों पर कल्ट बेंचमार्क का बोझ

हिंदी सिनेमा के इतिहास में जब भी ‘किरण’ नाम के इर्द-गिर्द कोई सनकी आशिक मंडराता है, तो दर्शकों के जेहन में 1993 की ब्लॉकबस्टर ‘डर’ और शाहरुख खान के राहुल मेहरा वाले खौफनाक किरदार की तस्वीर अपने आप बन जाती है. ट्रेलर में जहीर का टोन, उनका जबरन प्यार थोपना और खुद को सही ठहराने की जिद सीधे तौर पर ‘डर’ के उस भारी बोझ की याद दिलाती है. ऐसे में जहीर इकबाल के कंधों पर उस कल्ट बेंचमार्क के सामने खुद को साबित करने का सबसे बड़ा रिस्क साफ नजर आ रहा है.

हॉलीवुड फिल्म ‘ऑब्सेशन’ की झलक

सिर्फ बॉलीवुड की ‘डर’ ही नहीं, बल्कि फिल्म का जो विजुअल ट्रीटमेंट और नैरेटिव है, वो हॉलीवुड की मशहूर साइकोलॉजिकल-थ्रिलर फिल्म ‘ऑब्सेशन’ के सांचे से भी काफी हद तक प्रेरित लगता है. हॉलीवुड थ्रिलर्स की तर्ज पर यहां भी एक साइकोपैथिक लवर है, जो किसी की निजी जिंदगी में घुसपैठ करता है, उसे हर कदम पर स्टॉक करता है और उसके पूरे वजूद को अपने कंट्रोल में लेना चाहता है.

ट्रेलर में जब किरण (सोनाक्षी सिन्हा) चीखते हुए कहती है, “आज के बाद तुम मुझे कभी फॉलो नहीं करोगे…मुझे अकेला छोड़ दो,” तो जहीर का बेहद ठंडा जवाब आता है, “अकेला ही तो नहीं छोड़ सकता”. इतना ही नहीं, कहानी में चोट के निशान का अचानक गायब हो जाना और “जो होने वाला था, वो अब होगा नहीं” जैसे सीन्स किसी साइकोलॉजिकल माइंड-कंट्रोल की तरफ इशारा करते हैं. सोनाक्षी का ये कहना कि तुम सिर्फ सिचुएशन कंट्रोल कर सकते हो, मेरी फीलिंग्स नहीं. सीधे तौर पर वेस्टर्न थ्रिलर्स के उस क्लासी कैट-एंड-माउस गेम की याद दिलाता है.

क्या जबरदस्त छाप छोड़ पाएंगे जहीर इकबाल?

जहीर इकबाल ने अपनी लवर-बॉय वाली इमेज को किनारे रखकर एक ऐसे नेगेटिव, सनकी और अनप्रिडिक्टेबल किरदार को चुना है, जो किसी भी अभिनेता के लिए दोधारी तलवार साबित हो सकता है. एक तरफ भारतीय दर्शकों के दिलों में बैठी ‘डर’ की तुलना है, तो दूसरी तरफ हॉलीवुड की ‘ऑब्सेशन’ जैसी इंटेंस थ्रिलर फिल्मों का वो जॉनर, जहां एक्टिंग में जरा सी भी चूक किरदार को मेलोड्रामैटिक बना देती है.

ये भी पढ़ें-

अब KING में शाहरुख खान से भिड़ेंगे विलेन बने अभिषेक बच्चन, सुपरस्टार को बताया बड़ा भाई, किस जिम्मेदारी की कही बात?

बॉबी देओल की बढ़ी टेंशन! आश्रम 4 की शूटिंग पर लगा ब्रेक, क्यों लोकेशन बदलने पर मजबूर हुए मेकर्स?

सोनाक्षी सिन्हा एक असहाय लेकिन पलटकर जवाब देने वाली मजबूत लड़की के किरदार में बेहद कन्विंसिंग लग रही हैं. वहीं जहीर का आखिरी डायलॉग “गुड बाय किरण, ख्याल रखूंगा तुम्हारा…हमेशा के लिए” दिल में एक सिहरन छोड़ जाता है. अब देखना यह होगा कि क्या 23 अक्टूबर को रिलीज होने वाली ‘तू है मेरी किरण’ इन दोनों कल्ट तुलनाओं के भारी दबाव को झेलते हुए बॉक्स ऑफिस पर अपनी एक अलग पहचान बना पाती है या नहीं.

सोनाली नाईक
सोनाली नाईक

सोनाली करीब 15 सालों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रहार न्यूज पेपर से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी. इस न्यूज पेपर में बतौर रिपोर्टर काम करते हुए सोनाली ने एंटरटेनमेंट बीट के साथ-साथ सीसीडी (कॉलेज कैंपस और ड्रीम्स) जैसे नए पेज पर काम किया. उन्होंने वहां 'फैशनेरिया' नाम का कॉलम भी लिखा. इस दौरान एलएलबी की पढ़ाई भी पूरी की, लेकिन पत्रकारिता के जुनून की वजह से इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने के इरादे से 2017 में टीवी9 से सीनियर कोरेस्पोंडेंट के तौर पर अपनी नई पारी शुरू की. टीवी9 गुजराती चैनल में 3 साल तक एंटरटेनमेंट शो की जिम्मेदारी संभालने के बाद सोनाली 2020 में टीवी9 हिंदी डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम में शामिल हुईं. सोनाली ने टीवी9 के इस सफर में कई ब्रेकिंग, एक्सक्लूसिव न्यूज और ऑन ग्राउंड कवरेज पर काम किया है. हिंदी के साथ-साथ गुजराती, मराठी, इंग्लिश भाषा की जानकारी होने के कारण डिजिटल के साथ-साथ तीनों चैनल के लिए भी उनका योगदान रहा है. रियलिटी शोज और ग्लोबल कंटेंट देखना सोनाली को पसंद है. नई भाषाएं सीखना पसंद है. संस्कृत भाषा के प्रति खास प्यार है. नुक्कड़ नाटक के लिए स्क्रिप्ट लिखना पसंद है. सोनाली के लिखे हुए स्ट्रीट प्लेज 'पानी', 'मेड इन चाइना' की रीडिंग 'आल इंडिया रेडियो' पर सोशल अवेयरनेस के तौर पर की जा चुकी है.

Read More