डायरेक्टर सिंगीथम श्रीनिवास राव का 94 की उम्र में निधन, कमल हासन-डॉक्टर राजकुमार संग की फिल्में, जीते 2 नेशनल अवॉर्ड

डायरेक्टर सिंगीथम श्रीनिवास राव का 94 की उम्र में निधन, कमल हासन-डॉक्टर राजकुमार संग की फिल्में, जीते 2 नेशनल अवॉर्ड

साउथ फिल्मों के दिग्गज निर्देशक सिंगीथम श्रीनिवास राव इस दुनिया में नहीं रहे. 94 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया. उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में एक्सपेरिमेंटल डायरेक्टर के तौर पर जाना जाता है.

Singeetham Srinivasa Rao Death: साउथ फिल्म इंडस्ट्री को एक बड़ा झटका लगा है. दिग्गज फिल्ममेकर सिंगीथम श्रीनिवास राव का निधन हो गया है. वे 94 साल के थे. चेन्नई के कउवरे हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था जहां उन्होंने अंतिम सांस ली. वे बढ़ती उम्र से जुड़ी बीमारियों की वजह से दिक्कत में थे और कउवरे हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था. उनके अंदर फिल्में बनाने का अपार जुनून था. 94 साल की उम्र में ही उन्होंने पर्दे के पीछे वापसी की थी और अपने मिजाज की एक एक्सपेरिमेंटल म्यूजिकल कॉमेडी फिल्म सिंग गीथम बनाई थी.

इससे वे विश्व सिनेमा के दूसरे सबसे बुजुर्ग फिल्ममेकर बनने का मुकाम भी हासिल कर चुके थे. कल्कि के डायरेक्टर नाग अश्विन भी उनकी इस फिल्म के साथ जुड़े थे. उन्होंने अपने करियर के दौरान कई भाषाओं की फिल्मों में काम किया और दिग्गज अभिनेताओं संग कोलाबोरेट किया. उनके निधन से साउथ फिल्म इंडस्ट्री में जो शून्य पैदा हुआ है उसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती है.

6 दशक लंबा रहा सिंगीथम का करियर

सिंगीथम के करियर की ओर रुख करें तो उनका करियर 6 दशक से भी ज्यादा लंबा रहा. इस दौरान उन्होंने तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम और हिंदी भाषा की फिल्में बनाईं. उन्हें फिल्मों में एक्सपेरिमेंट करना बहुत अच्छा लगता था. उनकी आखिरी फिल्म भी एक एक्सपेरिमेंटल मूवी ही थी. इसके अलावा उन्होंने ही कमल हासन और अमाला के साथ मिलकर पुष्पक नाम की साइलेंट ब्लैक कॉमेडी फिल्म बनाई थी जिसमें कोई भी डायलॉग नहीं थे. इस फिल्म को विदेशों में भी काफी पसंद किया गया था. उन्हें एक विजिनरी फिल्ममेकर के तौर पर जाना जाता था क्योंकि वे लीग से अलग हटकर काम करने में विश्वास रखते थे.

किन फिल्मों में श्रीनिवास ने किया काम?

श्रीनिवास ने अपने करियर के दौरान सिर्फ एक डायरेक्टर ही नहीं बल्कि एक प्रोड्यूसर, एक स्क्रीनराइटर, एक एक्टर और एक कंपोजर के तौर पर भी काम किया और उनके काम को काफी सपोर्ट भी किया गया. विदेशों में भी उनके काम की सराहना हुई. उनकी कुछ नामी फिल्मों में 1987 में आई साइलेंट फिल्म पुष्पक, 1991 में आई टाइम ट्रेवल साई-फाई फिल्म आदित्य 369, कमल हासन के साथ आईं ब्लॉकबस्टर फिल्में अपूर्व सहोदरर्गल और मैथिल मधना कामराजन जैसी फिल्में शामिल है. इस फिल्म में कमल हासन ने 4 अलग-अलग रोल्स प्ले किए थे. मशहूर डांसर सुधा चंद्रन के जीवन पर आधारित फिल्म मयूरी के लिए भी उन्हें जाना जाता है. 1994 में नंदमुरी बालकृष्ण के साथ आई उनकी फिल्म भैरव द्वीपम को भी काफी पसंद किया जाता है.

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श्रीनिवास ने जीते कई अवॉर्ड्स

इसके अलावा डॉक्टर राजकुमार के साथ उन्होंने हालू जेनु, चालिसुवा मोदगालु, श्रावण बंथु और ज्वालामुखी जैसी फिल्में शामिल हैं. कमल हासन और डॉक्टर राजकुमार उनके पसंदीदा एक्टर्स में से एक रहे. डॉक्टर राजकुमार संग सिंगीथम ने 7 ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं. फिल्मों में लगातार एक्सपेरिमेंट करते रहना उन्हें पसंद था. उनकी आखिरी फिल्म सिंग गीथम भी एक एक्सपेरिमेंटल फिल्म ही साबित हुई. उन्हें करियर में कई अवॉर्ड्स भी मिले. उन्हें उनके यूनिक काम के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. वहीं इसके अलावा उन्हें 2 नशनल अवॉर्ड, 5 नंदी अवॉर्ड, 3 करनाटक फिल्म अवॉर्ड और 3 फिल्मफेयर साउथ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.

पुनीत उपाध्याय
पुनीत उपाध्याय

पत्रकारिता जगत में 7 साल पूरे कर चुके पुनीत उपाध्याय रायबरेली से ताल्लुक रखते हैं. वे टीवी 9 के डिजिटल विंग में साल 2022 से सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. कला, संगीत, सिनेमा, साहित्य पर लिखने का शौक रखते हैं. साथ ही इससे जुड़ी हर छोटी, बड़ी और रोचक खबरें पाठकों तक पहुंचाते हैं. इसके अलावा वे अन्य बीट्स में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. पुनीत मानते हैं कि कला सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि उससे इतर अंतरमन से जुड़ने और समाज से रूबरू होने का एक सार्थक जरिया भी है. CSJM कानपुर युनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद पुनीत ने ITMI (इंडिया टुडे मीडिया इंस्टिट्यूट) से मास कॉम्युनिकेशन में पीजी डिप्लोमा का कोर्स किया है. पुनीत की पहली जॉब आज तक में थी जहां उन्होंने 4 साल सब एडिटर की पोस्ट पर काम किया और मनोरंजन बीट के लिए अपनी सेवाएं दीं. पुनीत की रुचि लिखने में है और वे कलम की धार से समाज में बदलाव लाने में विश्वास रखते हैं. इसके अलावा उनकी रुचि आध्यात्म, साहित्य, गायन, दर्शन, क्रिकेट और मनोविज्ञान में है.

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