फिल्म टैक्स फ्री होने पर दर्शकों को कितना फायदा? ‘हनुमान अंश’ के टिकट के दाम इतने घट जाएंगे

फिल्म टैक्स फ्री होने पर दर्शकों को कितना फायदा? ‘हनुमान अंश’ के टिकट के दाम इतने घट जाएंगे

नीम करोली बाबा पर बनी 'हनुमान अंश' 140 करोड़ पार कर चुकी है. उत्तराखंड में टैक्स-फ्री होने और यूपी-झारखंड में मांग उठने के बाद जानिए आम दर्शक को टिकट पर कितने रुपये की सीधी बचत होगी.

सिर्फ कुछ लाख रुपयों की ओपनिंग से सिनेमाघरों में शुरुआत करने वाली फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा चमत्कार कर दिखाया है, जिसने बड़े-बड़े कॉर्पोरेट बैनर्स के होश उड़ा दिए हैं. कलयुग में हनुमान जी का अंश माने जाने वाले परम पूज्य संत नीम करोली बाबा के जीवन और कैंची धाम की आध्यात्मिक यात्रा पर बनी ये फिल्म भारत में 140 करोड़ रुपये से ज्यादा का नेट कारोबार कर चुकी है. बॉक्स ऑफिस पर इस सुनामी के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद देहरादून के थिएटर में कैबिनेट मंत्रियों के साथ फिल्म देखी और राज्य में इसे आधिकारिक तौर पर टैक्स-फ्री करने का बड़ा ऐलान कर दिया. उधर, फिल्म की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद मेकर्स और स्टारकास्ट ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की, जिसके बाद यूपी में भी इसे टैक्स-फ्री करने की सुगबुगाहट तेज हो गई है. वहीं झारखंड में भी सरकार से इसे टैक्स छूट देने की सिफारिश की गई है.

लेकिन इस राजनीतिक और आध्यात्मिक चर्चा के बीच आम सिनेमा प्रेमी के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि ‘फिल्म टैक्स-फ्री होने से हमारी जेब पर कितना फर्क पड़ेगा?’ क्या टिकट सच में आधी कीमत का हो जाता है या सिर्फ चंद रुपयों की छूट मिलती है? आइए समझते हैं इसका पूरा टैक्स गणित. फिल्म से जुड़े टैक्स का गणित समझाते हुए फिल्म और ट्रेड जर्नलिस्ट लिपिका वर्मा ने बताया कि जीएसटी (GST) लागू होने के बाद पूरे देश में मूवी टिकट्स के लिए एक समान टैक्स स्लैब तय है.सिनेमा टिकट पर लगने वाले टैक्स के दो हिस्से होते हैं,

CGST (सेंट्रल जीएसटी): जो केंद्र सरकार के खाते में जाता है.

SGST (स्टेट जीएसटी): जो राज्य सरकार के खाते में जाता है.

जब कोई राज्य सरकार (जैसे उत्तराखंड) किसी फिल्म को ‘टैक्स-फ्री’ घोषित करती है, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं होता कि पूरा टैक्स खत्म हो गया राज्य सरकार सिर्फ अपने हिस्से का स्टेट जीएसटी (SGST) माफ करती है, जबकि केंद्र का हिस्सा (CGST) टिकट पर बरकरार रहता है.

टिकट पर कितना लगता है टैक्स? (टैक्स स्लैब)

सिनेमाघरों में टिकट की कीमतों के हिसाब से दो मुख्य स्लैब काम करते हैं,

100 तक के टिकट पर: कुल 5% GST लगता है (2.5% CGST + 2.5% SGST).

100 से अधिक के टिकट पर: कुल 18% GST लगता है (9% CGST + 9% SGST).

कैलकुलेशन: आपकी जेब को कितने रुपये का फायदा होगा?

अगर आप उत्तराखंड के किसी मल्टीप्लेक्स या सिंगल स्क्रीन में ‘हनुमान अंश’ देखने जा रहे हैं (या आने वाले दिनों में यूपी-झारखंड में ये लागू होता है), तो अगर टिकट का बेस प्राइस 100 है, तो सामान्य दिनों में 5% टैक्स यानी 5 रुपये जोड़कर टिकट 105 का मिलता है. टैक्स-फ्री होने के बाद राज्य सरकार का 2.5% (2.5) हट जाएगा. यानी आपको अब ये टिकट 102.50 का पड़ेगा. आपको सीधी 2.5 रुपये की बचत होगी और अगर मिलती टिकट का बेस प्राइस 200 है, तो इस पर 18% टैक्स (36) लगता है, जिससे टिकट 236 का बिकता है.

टैक्स-फ्री होने पर राज्य का 9% SGST (18 रुपये) माफ हो जाएगा. यानी दर्शक को अब टिकट के लिए 218 देने होंगे. यहां आपकी जेब में 18 रुपये की सीधी बचत होगी. 300 रुपये का रिक्लाइनर या प्राइम टिकट 300 के बेस प्राइस पर 18% यानी 54 टैक्स लगता था (27 केंद्र + 27 राज्य). राज्य के टैक्स-फ्री करते ही 27 रुपये की छूट मिल जाएगी और यह टिकट आपको 273 रुपये का पड़ेगा.

उत्तर भारत में क्यों मची है फिल्म को लेकर होड़?

उत्तराखंड के नैनीताल स्थित ‘कैंची धाम’ आज पूरी दुनिया में आस्था का बहुत बड़ा केंद्र बन चुका है। विराट कोहली-अनुष्का शर्मा से लेकर एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स और फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग तक नीम करोली बाबा के दरबार में शीश नवा चुके हैं. शुरुआत में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स द्वारा रिजेक्ट की गई इस फिल्म ने माउथ पब्लिसिटी के दम पर जो आंधी खड़ी की है, उसी का नतीजा है कि अब नॉर्थ इंडिया के गलियारों में भी इसका डंका बज रहा है.

सोनाली नाईक
सोनाली नाईक

सोनाली करीब 15 सालों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रहार न्यूज पेपर से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी. इस न्यूज पेपर में बतौर रिपोर्टर काम करते हुए सोनाली ने एंटरटेनमेंट बीट के साथ-साथ सीसीडी (कॉलेज कैंपस और ड्रीम्स) जैसे नए पेज पर काम किया. उन्होंने वहां 'फैशनेरिया' नाम का कॉलम भी लिखा. इस दौरान एलएलबी की पढ़ाई भी पूरी की, लेकिन पत्रकारिता के जुनून की वजह से इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने के इरादे से 2017 में टीवी9 से सीनियर कोरेस्पोंडेंट के तौर पर अपनी नई पारी शुरू की. टीवी9 गुजराती चैनल में 3 साल तक एंटरटेनमेंट शो की जिम्मेदारी संभालने के बाद सोनाली 2020 में टीवी9 हिंदी डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम में शामिल हुईं. सोनाली ने टीवी9 के इस सफर में कई ब्रेकिंग, एक्सक्लूसिव न्यूज और ऑन ग्राउंड कवरेज पर काम किया है. हिंदी के साथ-साथ गुजराती, मराठी, इंग्लिश भाषा की जानकारी होने के कारण डिजिटल के साथ-साथ तीनों चैनल के लिए भी उनका योगदान रहा है. रियलिटी शोज और ग्लोबल कंटेंट देखना सोनाली को पसंद है. नई भाषाएं सीखना पसंद है. संस्कृत भाषा के प्रति खास प्यार है. नुक्कड़ नाटक के लिए स्क्रिप्ट लिखना पसंद है. सोनाली के लिखे हुए स्ट्रीट प्लेज 'पानी', 'मेड इन चाइना' की रीडिंग 'आल इंडिया रेडियो' पर सोशल अवेयरनेस के तौर पर की जा चुकी है.

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