बॉलीवुड के इतिहास का वो मनहूस टाइटल जिसके नाम से 9 फिल्में आईं मगर कोई हिट नहीं हुई, डिप्रेशन में चले गए थे ऋषि कपूर
बॉलीवुड में कई घटनाएं ऐसी हैं जो कल्पना से परे हैं. इसमें कुछ अच्छी घटनाएं भी हैं तो कुछ बुरी भी हैं. बॉलीवुड में एक ऐसा शब्द रहा है जिसे जब भी टाइटल में शामिल किया गया फिल्मों का बेड़ागर्क हो गया.
Karz Title Unlucky: किसी भी फिल्म को बनाते वक्त कई चीजों का विशेष ध्यान रखा जाता है. जब सबसे पहले किसी फिल्म की शूटिंग शुरू की जाती है तो उसका शुभ मुहूर्त रखा जाता है और फिल्म के सेट पर पूजा की जाती है. इसके बाद किसी फिल्म का टाइटल उसके गाने कई चीजों पर न्यूमिरोलॉजी का भी इस्तेमाल किया जाता है. खुद एक्टर अपनी निजी जिंदगी में ऐसा करते हैं. एकता कपूर खुलेतौर पर कहती हैं कि वे न्यूमेरोलॉजी और एस्ट्रोलॉजी में विश्वास रखती हैं. लेकिन जरा सोचिए अगर कोई शब्द ही इंडस्ट्री के लिए ऐसा मनहूस बन गया हो कि उसके नाम से निरंतर फिल्में आईं लेकिन कोई नहीं चलीं. तो ऐसे में भला क्या किया जा सकता है.
ऐसा ही एक मनहूस शब्द बॉलीवुड में है ‘कर्ज’. इस नाम से फिल्म इंडस्ट्री में 9 फिल्में अब तक आ चुकी हैं. या तो किसी फिल्म का ही नाम कर्ज रहा है या तो फिल्म के टाइटल में कर्ज नाम आया है. लेकिन ये हमेशा ही बॉक्स ऑफिस के लिहाज से मनहूस साबित हुआ है. आइए जानते हैं तथ्यों के साथ कि इससे जुड़ा बॉक्स ऑफिस का इतिहास कैसा रहा है.
गाने हिट लेकिन फ्लॉप रही थी ऋषि कपूर की कर्ज
इसकी शुरुआत होती है साल 1980 में आई ऋषि कपूर की फिल्म कर्ज से. इस फिल्म में ऋषि कपूर लीड रोल में थे. वहीं सिमी ग्रेवाल और टीना अंबानी उनके अपोजिट नजर आई थीं. फिल्म के गानों को तो अपार सफलता मिली थी लेकिन फिल्म को वैसे परिणाम नहीं मिले थे जिसकी कल्पना की गई थी. फिल्म बिलो एवरेज रही थी और कॉमर्शियली अनसक्सेसफुल मानी गई थी. हालांकि इसके गाने ओम शांति ओम और एक हसीना थी को अपार सफलता मिली थी. वहीं बाद में फिल्म की कहानी को भी सराहा गया था और इसे आज भी एक कल्ट क्लासिक मूवी माना जाता है.

डिप्रेशन में चले गए थे ऋषि कपूर
कर्ज गाने की विफलता के बाद ऋषि कपूर को गहरा सदमा लगा था और वे डिप्रेशन में चले गए थे. वे इस फिल्म की असफलता से काफी आहत हुए थे. उन्होंने अपनी आत्मकथा खुल्लम खुल्ला में इस बात का जिक्र भी किया था. फिल्म का निर्देशन सुभाष घई ने किया था. इसके बाद इसी नाम से हिमेश रेशमिया ने भी एक फिल्म बनाई थी और कर्ज के गानों को रीक्रिएट किया था. गानों को तो थोड़ी सफलता भले ही मिली हो लेकिन कर्जजजज नाम से आई हिमेश की फिल्म भी बड़ी फ्लॉप रही थी. रिपोर्ट्स की मानें तो 24 करोड़ की लागत में ये फिल्म 16 करोड़ ही कमा सकी थी.
बाकी 7 फिल्मों का भी हश्र रहा बुरा
इसके बाद कर्ज नाम के टाइटल से कुल 7 फिल्में आई थीं. लेकिन इन 7 फिल्मों का हाल भी बुरा ही रहा था. कर्ज द बर्डन ऑफ ट्रुथ मूवी में सनी देओल ने अहम रोल प्ले किया था. वहीं फिल्म में सुनील शेट्टी और शिल्पा शेट्टी भी थे. ये फिल्म भी सिनेमाघरों में अच्छा परफॉर्म नहीं कर सकी थी और 11 करोड़ के बजट के मुकाबले 15 करोड़ ही कमा सकी थी और एवरेज रही थी. इसके अलावा कर्ज तेरे खून का नाम की टीवी फिल्म का निर्देशन मदन कुमार ने किया था. इस फिल्म को भी फ्लॉप करार दिया गया था. फिल्म में भारत भूषण लीड रोल में थे.
इसके बाद जैकी श्रॉफ और नीलम की फिल्म दूध का कर्ज सिनेमाघरों में 1990 में आई थी. इस फिल्म ने 2.5 करोड़ के बजट के मुकाबले 3 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था और ये फिल्म एक बिलो एवरेज मूवी साबित हुई थी. कहीं-कहीं इसे फ्लॉप कहकर भी संबोधित किया जाता है. वहीं दूध का कर्ज नाम से ही साल 2016 में भी एक लो बजट की फिल्म आई थी जो फ्लॉप साबित हुई थी.

बड़े स्टार्स वाली फिल्में भी निकलीं फुस्स
सिनेमाघरों में साल 1990 में ही प्यार का कर्ज नाम की एक मल्टीस्टारर मूवी आई थी. इस फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती, धर्मेंद्र, विनोद मेहरा, कादर खान, मिनाक्षी शेषाद्री, नीलम, शक्ति कपूर और असरानी जैसे कलाकार मौजूद थे. लेकिन ये फिल्म भी सिनेमाघरों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी थी और एवरेज रही थी. वहीं साल 1991 में कर्ज चुकाना है टाइटल से एक फिल्म आई थी. इस फिल्म में गोविंदा, राज किरण, नीलम और कादर खान जैसे कलाकार थे. लेकिन ये फिल्म बड़ी स्टारकास्ट के बाद भी फ्लॉप साबित हुई थी. वहीं शाहरुख खान की एक शॉर्ट फिल्म महान कर्ज भी सिनेमाघरों में अच्छा परफॉर्म नहीं कर सकी थी और इसका बंटाधार हो गया था.
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कोई भला क्यों मोल लेना चाहेगा ऐसा ‘कर्ज’?
कुल मिलाकर देखा जाए तो ऊपर 9 ऐसी फिल्मों का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के साथ जिक्र हुआ जिसके टाइटल में कर्ज नाम का उपयोग किया गया था. लेकिन इनमें से कोई भी फिल्म एवरेज से ऊपर नहीं जा सकी. मतलब हिट नहीं हो सकी. वहीं ज्यादातर फिल्में तो फ्लॉप ही साबित हुईं. इस दौरान ऐसा भी देखा गया कि कुछ फिल्मों में अव्वल दर्जे के कलाकारों ने काम किया और लीड रोल प्ले किए. वहीं कुछ फिल्मों में गाने इतने सुपरहिट रहे कि आज भी सुने जाते हैं. लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फिल्मों की परफॉर्मेंस लचर रही. है ना ये अजीब इत्तेफाक. शायद यही वजह है कि हाल-फिलहाल के दिनों में ऐसी कोई भी फिल्म नहीं आई है जिसके टाइटल में कर्ज नाम हो. अब भला इतने सबूत देखने-जानने के बाद कोई भी ये ‘कर्ज’ क्यों मोल लेना चाहेगा जो जीवन भर के लिए घाव दे जाए.




