Dhurandhar 2 में अतीक अहमद, दाऊद इब्राहिम और नोटबंदी भी, क्या है कहानी से कनेक्शन?

Dhurandhar 2 में अतीक अहमद, दाऊद इब्राहिम और नोटबंदी भी, क्या है कहानी से कनेक्शन?

Dhurandhar the revenge: रणवीर सिंह की धुरंधर 2 में दिखाए गए कुछ प्रसंग काफी चर्चा में हैं. यह कहानी जसकीरत सिंह के बदले और अजय सान्याल के मिशन की है लेकिन इसी बहाने पाकिस्तान और हिंदुस्तान के कुछ चेहरे बेनकाब भी होते हैं.

रणवीर सिंह की धुरंधर 2 रिलीज हो गई और इसी के साथ फिल्म की कहानी भी अब रिवील हो गई. फैन्स का उत्साह अनुमान से बढ़कर देखने को मिल रहा है और कहानी कल्पना से परे है. सच और कल्पना का मसाला मिक्सचर. सिनेमा हॉल खचाखच भरे हुए हैं. रणवीर के एक्शन और आर माधवन के तेवर भरे डायलॉग पर दर्शक सीटियां और तालियां बजा रहे हैं. लेकिन इसी दौरान जब दर्शक यूपी के नेता और गैंगस्टर के तौर पर कुख्यात अतीक अहमद, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम, फेक करंसी रैकेट और नोटबंदी के ऐलान देखते हैं, तो सभी दंग रह जाते हैं. आदित्य धर ने अपनी इस फिल्म की कहानी में इन्हें जिस सलीके से और जिस मकसद से शामिल किया है, उस पर चर्चा और बहस लाजिमी है.

फिल्म की पूरी कहानी क्या है और इसे देखने के दौरान पर्दे पर क्या-क्या घटित होता है, ये तो विस्तार से तभी पता चलेगा जब आप सिनेमा घरों में खुद भी जा सकेंगे. लेकिन पाकिस्तान, आतंकवाद, नकली नोट, आईएसआई की साजिश, भारतीय खुफिया एजेंसी की ताकीद, खनानी ब्रदर्स की कारगुजारी, जमील जमाली की चालाकी और हमजा अली मजारी के मिशन आदि अनेक प्रसंगों के जरिए बीच-बीच में अतीक अहमद, दाऊद इब्राहिम और जाली नोट के साथ नोटबंदी का जिक्र आना बहुत ही दिलचस्प और चौंकाने वाला है.

अतीक अहमद किरदार का काला कारोबार

गौर करने वाली बात ये है कि फिल्म में अतीक अहमद को यूपी के नेता के तौर पर नहीं किया गया है. हालांकि वह पॉलिटिकल पावर से लैस जरूर दिखता है. वह सफेद कपड़े पहनता है लेकिन बातें हमेशा गैंगस्टर जैसी ही करता है- फेक करंसी, ड्रग्स या फिर हथियार सप्लाई आदि पर जोर है. उसे फोन पर हमेशा इन्हीं चीज़ों की डील और सप्लाई की बातें करते देखा जाता है. इस तरह उसका कनेक्शन ना केवल यूपी और प्रयागराज बल्कि नेपाल के रास्ते पाकिस्तान और दुबई तक है. वह यूपी की सत्ता में खासी दखल रखता है. इस रोल को सलीम सिद्दीकी ने निभाया है.

धुरंधर 2 की जब शुरुआत होती है तो सबसे पहले रणवीर सिंह की बैक स्टोरी दिखाई जाती है. वह युवा है, फौज में भर्ती होने जा रहा है, लेकिन जरूरतों के आगे लाचार है. ऐसे में उसे सबसे पहले अतीक अहमद के गैंग में शामिल कराने के लिए इलाहाबाद लेकर जाया जाता है. फिल्म में अतीक का नाम आतिफ अहमद दिया गया है, लेकिन उसका हुलिया पूरी तरह से अतीक जैसा है. पहली ही मुलाकात में जसकीरत सिंह को वह अपने काले कारोबार के इरादे के बारे में बताता है और टास्क देता है. लेकिन आतिफ अहमद का असली खेल करीब-करीब इंटरवल के आस-पास देखने को मिलता है.

बेड पर पड़ा बूढ़ा दाऊद भी रच रहा साजिश

धुरंधर 2 की रिलीज से पहले ‘बडे़ साहब’ की बहुत चर्चा थी. आईएसआई प्रमुख बने मेजर इकबाल यानी अर्जुन रामपाल बार-बार फोन पर ‘बडे़ साहब’ से बातें करते हुए दिखाई देते हैं. हमजा अली यानी रणवीर सिंह को समझ नहीं आता कि आखिर आईएसआई हेड से ऊपर भी ये बड़े साहब कौन हैं. जब अर्जुन रामपाल बड़े साहब से उसकी मुलाकात करवाते हैं, तब रणवीर सिंह को पता चलता है कि ये तो दाऊद इब्राहिम है. दाऊद के रोल को दानिश इकबाल ने बखूबी निभाया है.

वैसे फिल्म में दाऊद इब्राहिम को बहुत ही लाचार लेकिन नफरती गुस्से से लैस दिखाया गया है. दाऊद फिल्म में बूढ़ा हो चुका है. वह अस्पताल के बेड पर है. खांस रहा है लेकिन भारत के खिलाफ उसके दिलो दिमाग की नसों में अब भी जहर है. वह आईएसआई और अपने गुर्गे को भारत के अंदर ऊथल-पुथल मचाने की सीख देता रहता है. और इसके लिए उसके पास दो प्लान है. एक- पंजाब में नशीले पदार्थों की सप्लाई, दूसरे- नेपाल के रास्ते नकली नोटों की सप्लाई.

दाऊद जहां बिस्तर पर लेटा है वहां उसके सिरहाने के ऊपर दीवार पर जवानी के दिनों के असली दाऊद की वह फोटो लगी है, जिसे हममें से तमाम लोगों ने अनगिनत बार देखी होगी. फिल्म में बेड पर लेटे और खांसते दाऊद को देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वह बुढ़ापे में कैसा दिखता होगा.

भारत में नकली नोट भेजने का बड़ा षडयंत्र

आपको याद होगा धुरंधर पार्ट 1 में खनानी ब्रदर्स का जिक्र आया था और उसके नकली नोटों के छापेखाने को भी दिखाया गया था. दूसरे पार्ट नें खनानी ब्रदर्स के जावेद खनानी की भूमिका बढ़ गई है. दाऊद के जरिए उसे भारत में हजारों करोड़ के नकली नोटों की सप्लाई का ठेका दिया जाता है. मुद्दा यूपी का चुनाव है. आईएसआई, दाऊद, खनानी मिलकर ये मंत्रणा करते हैं कि यूपी में सत्ता का परिवर्तन रोकने के लिए आतिफ अहमद ही सबसे बड़ा जरिया साबित हो सकता है. उसे दाऊद और आईएसआई का बहुत ही भरोसेमंद दिखाया गया है.

लेकिन यूपी में चुनाव से पहले आतिफ अहमद तक हजारों करोड़ का नकली नोट आखिर पहुंचेगा कैसे, तो इसके लिए नेपाल स्थित याकूब अंसारी का नाम सामने आता है, जो कि आतिफ तक फेक करंसी पहुंचा सकता है. लेकिन ये सबकुछ होता उससे पहले ही भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी की घोषणा कर दी जाती है.

नोटबंदी की घोषणा से पाक आतंकी पसोपेश में

फिल्म यह बताती है कि नोटबंदी की घोषणा देश को अस्थिर करने वाली गतिविधियों और साजिशों की आशंका के आधार पर ही किया गया था. फिल्म के मुताबिक पाकिस्तान भेजे गए भारत के अंडरकवर एजेंट के इनपुट से पता चला था कि सीमा पार के आतंकवादी आईएसआई के इशारे पर भारत में करीब साठ हजार करोड़ नकली नोट भेजने की फिराक में थे. और फेक करंसी की यह बड़ी सप्लाई उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले होनी थी लेकिन उससे पहले ही नोटबंदी हो गई और सारे के सारे 500 और 2000 के नोट महज कागज के टुकड़े रह गए.

धुरंधर 2 में यह दिखाया गया है कि नोटबंदी के ऐलान से ना केवल पाकिस्तान में नकली नोटों की छपाई करने वाले जावेद खनानी बल्कि आईएसआई चीफ मेजर इकबाल, दुबई में पड़ा दाऊद और भारत की जेल में बंद अतीक अहमद भी परेशान हो गए थे. उनके मंसूबे पर पानी फिर गया. तभी फिल्म में एक जगह पर एक डायलॉग आता है- भई, हिंदुस्तान में अब हवा बदल गई है.

सबसे अव्वल तो ये कि फिल्म में आतिफ अहमद को उसी तरह से गोली मारते दिखाया गया है, जैसे कि अतीक अहमद को भरी सुरक्षा और मीडिया के बीच मारा गया था.

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