संभल: नवरात्रि के पहले दिन चामुंडा देवी मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, पृथ्वी राज चौहान से है मंदिर का संबंध

संभल: नवरात्रि के पहले दिन चामुंडा देवी मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, पृथ्वी राज चौहान से है मंदिर का संबंध

उत्तर प्रदेश के संभल स्थित चामुंडा देवी मंदिर में नवरात्रि के पहले दिन भक्तों की भारी भीड़ रही. 1500 वर्ष पुराने इस मंदिर को पृथ्वीराज चौहान द्वारा स्थापित माना जाता है. इस मंदिर में नवरात्रि के दौरान हिमाचल प्रदेश के ज्वाला देवी मंदिर से दिव्य ज्योति लाई जाती है. इसके दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ती है.

नवरात्रि शुरू होते ही देश भर के देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. ऐसा ही एक देवी मंदिर उत्तर प्रदेश के संभल में भी है. मोहल्ला हल्लू सराय स्थित चामुंडा देवी मंदिर के नाम से प्रतिष्ठित इस मंदिर की स्थापना करीब डेढ़ हजार साल पहले पृथ्वी राज चौहान ने कराई थी. मान्यता है कि चामुंडा देवी चौहान राजवंश की कुलदेवी हैं. हर नवरात्रि हिमाचल प्रदेश के ज्वाला देवी मंदिर से दिव्य ज्योति यहां लाई जाती है. इस दिव्य ज्योति और माता के विग्रह को देखने तथा पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है.

इस बार भी नवरात्रि के पहले दिन रविवार की सुबह से ही माता के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतार लग गई. इनमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल थे. हालांकि दूसरे जिलों से भी काफी लोग नवरात्रि में माता के दर्शन-पूजन और अनुष्ठान के लिए पहुंचे थे. इस दौरान बड़ी संख्या में ऐसे भी भक्त पहुंचे थे, जिनकी माता की कृपा से मनौतियां पूरी हुई थी. इस मौके पर मंदिर के बाहर प्रसाद के अलावा माता के श्रृंगार के सामान की दुकानें भी सज गई है. मान्यता है कि इस मंदिर में माता के दर्शन पूजन से भक्तों की सभी मुरादें पूरी हो जाती हैं.

पृथ्वीराज चौहान की कुलदेवी का मंदिर

मंदिर के महंत मुरली सिंह के मुताबिक यह मंदिर सम्राट पृथ्वीराज चौहान की कुलदेवी का है. यह एक सिद्ध पीठ है और संभल शहर की स्थापना के समय से ही यहां मौजूद है. इस मंदिर में दिव्य ज्योति जलती रहती है. यह दिव्य ज्योति हर साल चैत्र और शारदीय नवरात्र के वक्त हिमाचल प्रदेश में विराजमान मां ज्वाला देवी के मंदिर से यहां लाई जाती है. उन्होंने बताया कि इस मंदिर में वैसे तो रोजाना सैकड़ों भक्त दर्शन पूजन के लिए आते रहते हैं, लेकिन नवरात्रि के दिनों में भक्तों की लंबी कतार लगती है.

छोटे कपड़े पहनकर आने पर रोक

मंदिर प्रबंधन ने भक्तों से आग्रह किया है कि यहां कोई भी छोटे एवं अमर्यादित कपड़े पहन कर ना आए. इस संबंध में मंदिर परिसर में जगह जगह पोस्टर भी लगाए गए हैं. इसमें साफ तौर लिखा गया है कि मंदिर में पारंपरिक वस्त्र पहन कर ही आएं. साथ ही छोटे कपड़े पहन कर आने वालों को एंट्री नहीं दिए जाने की बात कही गई है. बता दें कि यह मंदिर संभल की पहचान के रूप में वर्णित तीर्थों में से एक है. इस समय संभल प्रशासन पहचान के रूप में वर्णित इन तीर्थों और कूपों की तलाश कर रहा है.