Pradeep Rawat Death: ‘महाभारत’ के अश्वत्थामा और ‘गजनी’ के विलेन प्रदीप रावत का निधन, कैंसर से हार गए जिंदगी की जंग

Pradeep Rawat Death: ‘महाभारत’ के अश्वत्थामा और ‘गजनी’ के विलेन प्रदीप रावत का निधन, कैंसर से हार गए जिंदगी की जंग

Pradeep Rawat Death: 'लगान' के देवा और 'गजनी' के खूंखार विलेन प्रदीप रावत अब हमारे बीच नहीं रहे. एक्टर यशपाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर उनके निधन की दुखद खबर साझा की है.

Pradeep Rawat Passed Away: ‘लगान’, ‘सरफरोश’ और ‘गजनी’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में अपनी दमदार एक्टिंग से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले मशहूर एक्टर प्रदीप रावत अब इस दुनिया में नहीं रहे. 74 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर की पुष्टि उनके सह-कलाकार और करीबी मित्र यशपाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर की है. प्रदीप रावत काफी समय से जानलेवा बीमारी कैंसर से जंग लड़ रहे थे. शुरुआत में उनका इलाज मुंबई के अंधेरी स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में चल रहा था, लेकिन बाद में गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद वे जिंदगी की जंग हार गए.

मध्य प्रदेश के जबलपुर में 21 जनवरी 1952 को जन्मे प्रदीप रावत ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1980 के दशक की थी. उन्हें असली पहचान और घर-घर में लोकप्रियता बीआर चोपड़ा के पौराणिक सीरियल ‘महाभारत’ से मिली. इस शो में उन्होंने गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र ‘अश्वत्थामा’ का अमर और प्रभावशाली किरदार निभाया था. उनकी दमदार आवाज और पर्सनालिटी ने दर्शकों पर ऐसी छाप छोड़ी कि वे रातों-रात इंडस्ट्री के बड़े चेहरों में शामिल हो गए.

‘लगान’ के देवा से लेकर ‘गजनी’ के विलेन तक का सफर

प्रदीप रावत उन गिने-चुने अभिनेताओं में से एक थे, जिन्होंने हिंदी सिनेमा के साथ-साथ साउथ इंडस्ट्री (तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम) में भी खलनायक के रूप में राज किया. आमिर खान की फिल्म ‘सरफरोश’ (1999) में उन्होंने सुल्तान का रोल निभाकर हीरो के छक्के छुड़ाए, तो आशुतोष गोवारिकर की ‘लगान’ (2001) में उनके देवा सिंह सोढी के कैरेक्टर को आज भी फैंस भूल नहीं पाए हैं.

यशपाल शर्मा का पोस्ट

मशहूर फिल्म डायरेक्टर एसएस राजामौली की तेलुगु फिल्म ‘सई’ (Sye) से उन्होंने साउथ में कदम रखा और इस फिल्म के लिए उन्हें ‘सर्वश्रेष्ठ खलनायक’ का फिल्मफेयर और नंदी अवॉर्ड भी मिला. एआर मुरुगादॉस की तमिल ‘गजनी’ में उन्होंने डबल रोल निभाया. बाद में उन्होंने 2008 में आमिर खान वाली हिंदी ‘गजनी’ में मुख्य विलेन बनकर भी सबको डराया था.

ये भी पढ़ें-

रणबीर कपूर की रामायण के सीक्वल का कितना काम हो गया? पार्ट 1 की रिलीज से पहले ही धांसू अपडेट आया

Netflix से हटने वाली हैं ये 2 फीमेल-सेंट्रिक फिल्में, नहीं देखीं तो बस इतने दिन का है वक्त

मल्टी-लिंग्वल सिनेमा के पैन-इंडिया विलेन

बहुत कम लोग जानते हैं कि प्रदीप रावत ने सिर्फ हिंदी और तेलुगु ही नहीं, बल्कि कन्नड़, मलयालम, बंगाली, भोजपुरी और नेपाली फिल्मों तक में अपनी एक्टिंग का कमाल दिखाया है. उन्होंने लगभग 4 दशकों के लंबे करियर में दर्जनों यादगार किरदार निभाए. पर्दे पर उनकी एंट्री होते ही विलेन का जो खौफ और दबदबा पैदा होता था, उसकी बराबरी करना किसी भी नए एक्टर के लिए आज भी बेहद मुश्किल है.

सोनाली नाईक
सोनाली नाईक

सोनाली करीब 15 सालों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रहार न्यूज पेपर से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी. इस न्यूज पेपर में बतौर रिपोर्टर काम करते हुए सोनाली ने एंटरटेनमेंट बीट के साथ-साथ सीसीडी (कॉलेज कैंपस और ड्रीम्स) जैसे नए पेज पर काम किया. उन्होंने वहां 'फैशनेरिया' नाम का कॉलम भी लिखा. इस दौरान एलएलबी की पढ़ाई भी पूरी की, लेकिन पत्रकारिता के जुनून की वजह से इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने के इरादे से 2017 में टीवी9 से सीनियर कोरेस्पोंडेंट के तौर पर अपनी नई पारी शुरू की. टीवी9 गुजराती चैनल में 3 साल तक एंटरटेनमेंट शो की जिम्मेदारी संभालने के बाद सोनाली 2020 में टीवी9 हिंदी डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम में शामिल हुईं. सोनाली ने टीवी9 के इस सफर में कई ब्रेकिंग, एक्सक्लूसिव न्यूज और ऑन ग्राउंड कवरेज पर काम किया है. हिंदी के साथ-साथ गुजराती, मराठी, इंग्लिश भाषा की जानकारी होने के कारण डिजिटल के साथ-साथ तीनों चैनल के लिए भी उनका योगदान रहा है. रियलिटी शोज और ग्लोबल कंटेंट देखना सोनाली को पसंद है. नई भाषाएं सीखना पसंद है. संस्कृत भाषा के प्रति खास प्यार है. नुक्कड़ नाटक के लिए स्क्रिप्ट लिखना पसंद है. सोनाली के लिखे हुए स्ट्रीट प्लेज 'पानी', 'मेड इन चाइना' की रीडिंग 'आल इंडिया रेडियो' पर सोशल अवेयरनेस के तौर पर की जा चुकी है.

Read More