बिहार: 50 लाख की फिरौती के लिए मर्डर, महानंदा नदी में फेंका था शव; 4 साल बाद दोषियों को हुई उम्रकैद
बिहार के कटिहार में शाहरुल अपहरण-हत्याकांड में अदालत ने छह दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. 50 लाख की फिरौती न मिलने पर हत्या कर शव महानंदा नदी में फेंक दिया गया था.
Katihar News: बिहार के कटिहार जिले में अपहरण कर फिरौती मांगने और फिर हत्या करने के मामले में अदालत ने छह दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. आजमनगर थाना क्षेत्र के चर्चित शाहरुल अपहरण-हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश पंचम विजेंद्र कुमार की अदालत ने यह फैसला सुनाया. दोषियों पर शाहरुल का अपहरण कर उसके परिजनों से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने और रकम नहीं मिलने पर उसकी हत्या करने का आरोप साबित हुआ है. हत्या के बाद शव को महानंदा नदी में फेंक दिया गया था.
अदालत ने इस मामले में मोहम्मद गुलजार, प्रताप सिंह, मोहम्मद इमाम, विभीषण सिंह, मिथिलेश कुमार सिंह और शेखर सिंह को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई. सभी दोषी आजमनगर थाना क्षेत्र के दिघलिया गांव के निवासी हैं.
अपर लोक अभियोजक रामविलास पासवान के अनुसार, आजमनगर निवासी मोहम्मद शकील के पुत्र शाहरुल के लापता होने के बाद 30 जनवरी 2022 को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. परिजनों ने देर शाम तक उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका. इसके बाद एक फरवरी 2022 को मामले में आगे की प्राथमिकी दर्ज कराई गई.
फोन कॉल से खुला अपहरण का राज
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि एक व्यक्ति ने फोन कर शाहरुल को मिलने के लिए बुलाया था. पुलिस ने इसी फोन कॉल को जांच का अहम सुराग बनाया और मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं. जांच के दौरान अपहरण और हत्या की वारदात में छह लोगों की संलिप्तता सामने आई. इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, शाहरुल का अपहरण करने के बाद उसके परिजनों से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी. फिरौती की रकम नहीं मिलने पर आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी और शव को महानंदा नदी में फेंक दिया.
करीब चार साल बाद आया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर छह आरोपियों को दोषी माना. करीब चार साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने सभी छह दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. फैसले के बाद शाहरुल हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया का अहम पड़ाव पूरा हुआ है. 50 लाख रुपये की फिरौती के लिए किए गए अपहरण और हत्या के इस मामले में अदालत के फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है.




