जब उत्तर और दक्षिण मिले, पर बॉक्स ऑफिस पर बत्ती हुई गुल! वो 5 फिल्में जिनका हुआ बंटाधार
साउथ और बॉलीवुड के कॉम्बिनेशन को आज पैन-इंडिया हिट का फॉर्मूला माना जाता है, लेकिन हर बार यह दांव काम नहीं करता. जानिए उन 5 बड़ी फिल्मों के बारे में, जहां करोड़ों का बजट भी फ्लॉप होने से नहीं बचा सका.
बाहुबली’, ‘आरआरआर’ और ‘केजीएफ’ जैसी फिल्मों की बंपर कमाई ने पूरे देश में पैन-इंडिया फिल्मों का एक नया बुखार चढ़ा दिया है. अब मेकर्स को लगता है कि अगर साउथ का एक बड़ा हीरो ले लो, साथ में बॉलीवुड की कोई टॉप हीरोइन और बड़े विलेन को जोड़ दो, तो फिल्म अपने आप 500 करोड़ कमा लेगी. यश की हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘टॉक्सिक’ में भी जब हुमा कुरैशी और कियारा आडवाणी जैसे नामों की एंट्री हुई, तब इसके पीछे भी यही सीधा गणित नजर आया. लेकिन हकीकत ये है कि बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ बड़े चेहरों को मिला देने से जादू नहीं चलता.
अगर फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले कमजोर हो, तो चाहे आप उत्तर और दक्षिण के कितने भी बड़े सितारों को एक साथ खड़ा कर दें, दर्शक फिल्म को पहले ही दिन नकार देते हैं. आज हम आपको ऐसी ही 5 बड़ी फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां साउथ और बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारे एक साथ नजर आए और पानी की तरह पैसा बहाया गया, लेकिन इसके बावजूद थिएटर्स में इन फिल्मों को देखने कोई नहीं पहुंचा.
1. कंगुवा
तमिल सिनेमा के सुपरस्टार सूर्या की इस पीरियड-एक्शन ड्रामा को पैन-इंडिया लेवल पर ले जाने के लिए मेकर्स ने बॉलीवुड के ‘लॉर्ड बॉबी’ यानी बॉबी देओल को खूंखार विलेन बनाया और ग्लैमर के लिए दिशा पाटनी को जोड़ा गया. करीब 350 करोड़ के भारी-भरकम बजट में बनी इस फिल्म से उम्मीद थी कि यह उत्तर से दक्षिण तक रिकॉर्ड तोड़ेगी. लेकिन रिलीज होते ही लाउड बैकग्राउंड स्कोर, उलझी हुई टाइमलाइन और कमजोर स्क्रीनप्ले के चलते फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर दम फूल गया. भारी बजट के मुकाबले फिल्म अपनी आधी लागत भी थिएटर्स से वसूल नहीं कर पाई और इसे बड़ा झटका लगा.
2. राधे श्याम
‘बाहुबली’ के बाद प्रभास का पैन-इंडिया स्टारडम चरम पर था. 1970 के दशक के यूरोप की पृष्ठभूमि पर बुनी गई इस भव्य रोमांटिक ड्रामा फिल्म में उनके अपोजिट बॉलीवुड और साउथ दोनों जगह एक्टिव पूजा हेगड़े को लिया गया, साथ ही भाग्यश्री जैसे बॉलीवुड चेहरों को भी जोड़ा गया. फिल्म पर 300 करोड़ से ज्यादा का बजट पानी की तरह बहाया गया. शानदार विजुअल्स और विदेशी लोकेशंस के बावजूद, दर्शकों को फिल्म की धीमी रफ्तार और बिना इमोशन वाली प्रेम कहानी बिल्कुल रास नहीं आई. नतीजा यह रहा कि फिल्म दुनिया भर में बमुश्किल 150 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन कर पाई और भारी घाटे के साथ सिमट गई.
3. आदिपुरुष
रामायण पर आधारित इस 500-600 करोड़ के महाबजट प्रोजेक्ट में बॉलीवुड डायरेक्टर ओम राउत ने प्रभास को राघव, कृति सेनन को जानकी और सैफ अली खान को लंकेश बनाया था. उत्तर और दक्षिण के इस सबसे बड़े संगम से उम्मीदें सातवें आसमान पर थीं. लेकिन रिलीज होते ही खराब वीएफएक्स, अजीबोगरीब कैरेक्टर डिजाइन और टपोरी जैसे डायलॉग्स को लेकर देशभर में भारी आक्रोश फैल गया. भारी प्री-बुकिंग के चलते शुरुआती दो दिनों में पैसे तो बटोरे, लेकिन पहले सोमवार को ही फिल्म औंधे मुंह गिरी और विवादों के बीच भारी वित्तीय नुकसान के साथ थिएटर्स से उतर गई.
4. साहो
बाहुबली 2 के तुरंत बाद प्रभास की पहली डायरेक्ट पैन-इंडिया एक्शन फिल्म थी ‘साहो’. बॉलीवुड दर्शकों को लुभाने के लिए श्रद्धा कपूर को लीड रोल में लिया गया और साथ में जैकी श्रॉफ, चंकी पांडे, नील नितिन मुकेश और मंदिरा बेदी जैसे बॉलीवुड एक्टर्स की पूरी फौज खड़ी कर दी गई. करीब 350 करोड़ के भारी बजट में बनी इस फिल्म ने हिंदी बेल्ट में अपने एक्शन के दम पर कुछ कमाई जरूर की, लेकिन साउथ राज्यों में कमजोर और उलझी हुई कहानी के चलते इसे बहुत बड़ा झटका लगा. अपने विशाल बजट और डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स की ऊंची कीमतों की वजह से फिल्म कई सर्किट्स में भारी घाटे का सौदा साबित हुई.
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5. कबाली
थलाइवा रजनीकांत की फिल्म का इंतजार हर सिनेमा प्रेमी को रहता है. ‘कबाली’ में जब रजनीकांत के अपोजिट बॉलीवुड की संजीदा एक्ट्रेस राधिका आप्टे को कास्ट किया गया, तो हिंदी बेल्ट में भी फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्सुकता बन गई थी. फिल्म का टीजर तूफान की तरह वायरल हुआ और टिकटों की ऐतिहासिक एडवांस बुकिंग हुई. लेकिन जब फिल्म परदे पर उतरी, तो आम दर्शकों को रजनीकांत के ट्रेडमार्क स्वैग की जगह एक सुस्त और खिंची हुई गैंगस्टर कहानी देखने को मिली. शुरुआती ओपनिंग के बाद दर्शकों की निराशा के चलते फिल्म की कमाई तेजी से गिरी और यह उम्मीदों के मुताबिक पैन-इंडिया ब्लॉकबस्टर साबित नहीं हो सकी.
इन 5 फिल्मों का हश्र ये साफ साबित करता है कि दर्शक अब इतने समझदार हो चुके हैं कि वे सिर्फ ‘कास्टिंग कूप’ देखकर सिनेमाघरों में पैसे नहीं लुटाते. चाहे आप नॉर्थ से बड़ा नाम ले आएं या साउथ का सुपरस्टार खड़ा कर दें, अगर कहानी और स्क्रीनप्ले में जान नहीं है, तो 500 करोड़ का बजट भी फिल्म को गर्त में जाने से नहीं बचा सकता.




