कोलकाता: करोड़ों का कर्जा, रात में की मीटिंग, सुबह मिली थीं तीन लाशें… बच्चे का भी दबाया था तकिया से मुंह, बचने पर खोले कई राज
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कोलकाता के टांगरा इलाके के एक मकान में तीन शव मिलने से सनसनी फैल गई थी. पुलिस जांच में सामने आया कि कर्जा होने की वजह से पूरे परिवार ने आत्महत्या का प्लान बनाया था. इसके लिए परिवार के सभी सदस्यों ने रात में मीटिंग की थी.
कोलकाता के टांगरा इलाके में 19 फरवरी को एक मकान में तीन लाशें मिलने से सनसनी फैल गई थी. यह शव दो महिलाओं और एक लड़की के थे. मृतक महिलाएं आपस में जेठानी और देवरानी थीं. वहीं लड़की एक मृत महिला की बेटी थी. आशंका जताई जा रही थी कि तीनों ने सुसाइड किया था. इस घटना से कुछ ही घंटे पहले इसी परिवार के तीन अन्य सदस्य एक कार एक्सीडेंट में घायल मिले थे. वह शहर के एक मेट्रो पिलर से टकरा गए थे. अब इस केस मे नया खुलासा हुआ है. परिवार कर्ज में डूबा हुआ था, सभी परिजनों ने सामूहिक आत्महत्या का प्लान बनाया था.
इस घटना में जिंदा बचे नाबालिग ने चौंकाने वाला बयान दिया है. बच्चे को खीर में नींद की गोली दी गई थी. नींद की गोली का उस पर कोई असर नहीं हुआ. बच्चे ने बताया कि उसके चाचा ने उसे तकिए से दबाकर मारने की कोशिश की थी. नाबालिग ने सांस रोककर मरने का नाटक किया और अपनी जान बचाई. पुलिस इस नाबालिग बच्चे के बयान के आधार पर मामले की जांच कर रही है. वहीं, बाल सुरक्षा आयोग इस नाबालिग के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने में जुट गया है.
25 साल पहले आकर बसा था परिवार
कोलकाता के टांगरा इलाके के अटल सुर लेन में प्रणय डे अपनी पत्नी सुदेषणा और बेटे प्रतीप डे के साथ रहते थे. इसी घर में उनके छोटे भाई प्रसून कुमार डे भी अपनी पत्नी रोमी और बेटी प्रियंवदा के साथ रहते थे. तकरीबन 25 साल पहले, डे परिवार क्रिस्टोफर रोड से टांगरा आकर बस गया था. उनके पिता ने यहां एक प्लॉट खरीदकर अपना मकान बनवया था, जहां दोनों भाइयों के परिवार एक साथ रहते थे.
कोविड में हुआ नुकसान
पड़ोसियों के मुताबिक, परिवार के सदस्यों के बीच कभी कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया. प्रणय और प्रसून एक साथ चमड़े के उत्पादों के निर्माण और निर्यात का कारोबार करते थे, जिसकी फैक्ट्री कोलकाता के सील लेन में स्थित थी. कोविड-19 महामारी के समय उनके व्यापार को भारी नुकसान हुआ, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ा था.
करोड़ो रुपये का हुआ कर्ज
पुलिस जांच के बाद घटना की हकीकत सामने आई. नाबालिग के परिजनों के ऊपर करोड़ों रुपये का कर्जा हो गया था, जिसके दबाव में परिजनों ने मरने का फैसला लिया. बच्चे ने बताया घटना से दो दिन पहले पापा ने चाचा से कहा था कर्जदार हमारे पीछे पड़े हुए हैं. अब हमारे पास मरने के अलावा कोई रास्ता नहीं है. उसने यह भी बताया कि घटना से पहले घर में बड़ों की एक बैठक हुई थी, लेकिन मुझे वहां से हटा दिया गया था.
मरे हुए मिले मां, चाची और बहन
लड़के का दावा है कि उसकी बहन की तरह उसे भी खीर में नींद की गोली खिलाई गई थी, लेकिन योग और जिम करने की वजह से उसमें मिली दवा का उस पर कोई असर नहीं हुआ. उसने बताया, चाचा ने तकिए से मेरा गला दबाकर मारने की कोशिश की. लेकिन मैंने सांस रोककर मरने का नाटक किया. इसके बाद चाचा और पापा छत पर आत्महत्या करने चले गए. मैं जब दूसरी मंजिल पर गया तो देखा मां, चाची और बहन मृत पड़ी थीं.