Adani के ड्रीम प्रोजेक्ट को झटका, फ्रेंच कंपनी के साथ होनी थी बड़ी डील

Adani के ड्रीम प्रोजेक्ट को झटका, फ्रेंच कंपनी के साथ होनी थी बड़ी डील

जून 2022में, ANIL और TotalEnergies ने अगले 10 वर्षों में ग्रीन H2 मैन्यूफैक्चरिंग कैपेसिटी का 2.5 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (mmtpa) स्थापित करने के लिए 50 बिलियन डॉलर के कैपिटल एक्सपेंडिचर की रूपरेखा तैयार की थी.

Adani Group News : हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद Gautam Adani को लगातार झटके लग रहे हैं. पहले शेयर बाजार में कंपनियों के शेयरों में लगातार गिरावट है. उसके बाद विदेशी बैंकों ने भी रेटिंग गिरानी शुरू की है. इस बार आंच गौतम अडानी के ड्रीम प्रोजेक्ट (Gautam Adani Dream Project) पर आ गई है. फ्रेंच कंपनी TotalEnergies के साथ उनके सबसे बड़े Green Hydrogen Project को ग्रहण लग सकता है.

जानकारों की मानें तो टोटल एनर्जी ने अडानी ग्रुप के साथ ग्रीन हाइड्रोजन बिजनेस में 4 बिलियन डॉलर के इंवेस्टमेंट को रोकने के फैसले के बाद प्रोजेक्ट ग्रोथ फंडिंग को प्रभावित करेगा, क्योंकि फ्रेंच कंपनी को इस प्रोजेक्ट फंडिंग के आधे हिस्से की गारंटी भी देनी थी. आपको बता दें कि 2030 तक 1 डॉलर प्रति किलोग्राम पर ग्रीन हाइड्रोजन के प्रोडक्शन का सपना देखने वाले गौतम अडानी के इस बिजनेस की डेडलाइन के लिए बड़ा झटका हो सकता है.

डील में कोई जल्दबाजी नहीं

पिछले हफ्ते, टोटल एनर्जी ने कहा था कि वह अपने नए बिजनेस के साथ कोई जल्दबाजी करने के मूड में नहीं है. जिसमें अडानी इंटरप्राइजेज की सहायक कंपनी अडानी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड (एएनआईएल) में 25 फीसदी हिस्सेदारी लेना शामिल है. पिछले साल जून में, ANIL और TotalEnergies ने अगले 10 वर्षों में ग्रीन H2 मैन्यूफैक्चरिंग कैपेसिटी का 2.5 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (mmtpa) स्थापित करने के लिए 50 बिलियन डॉलर के कैपिटल एक्सपेंडिचर की रूपरेखा तैयार की थी, जिसमें 2030 से पहले 1.0 mmtpa का पहला फेज पूरा होने की उम्मीद थी.

कुछ ऐसी थी प्लानिंग

जानकारों के अनुसार, इस बात तो पब्लिकली नहीं किया गया था कि डील में टोटल एनर्जी ने हाइड्रोजन बिजनेस के लिए कुल 10 बिलियन डॉलर की फंडिंग करनी थी, प्रोजेक्ट के लोन के 50 फीसदी के लिए गारंटर के रूप में खड़ा होना था, जो करीब 6 बिलियन डॉलर होता. डील अभी तक लॉक होना बाकी है. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार 9 फरवरी को TotalEnergies और अडानी ग्रुप से सवाल किए गए थे, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है.

अभी लॉक नहीं होगी डील

TotalEnergies के मुख्य कार्यकारी पैट्रिक पॉयने ने बुधवार को पत्रकारों से कहा था कि इस प्रोजेक्ट की घोषणा की गई थी, लेकिन कुछ भी हस्ताक्षर नहीं किया गया है … और अभी के लिए इस पर हस्ताक्षर नहीं किया जाएगा. जब तक पूरी तरह से क्लैरिटी नहीं हो जाती है. अडानी के साथ टोटल का 3 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश है, जिसमें गैस डिस्ट्रीब्यूशन और सोलर प्रोजेक्ट्स शामिल हैं. पॉयने ने कहा था कि अडानी को अभी काफी चीजों से निपटना है, ऐसे में ऑडिट आगे बढ़ने तक इसे रोकना बेहतर होगा. उन्होंने कहा कि टोटल एनर्जीज अडानी ग्रुप के फाइनेंशियल हेल्थ इंचार्ज नहीं है.

सस्ता मिल सकता था कर्ज

मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा कि 50 फीसदी गारंटी एलिमेंट अडानी के लिए फंड जुटाने का एक बड़ा फायदा था क्योंकि टोटल को काफी बेहतर क्रेडिट रेटिंग मिली हुई है. वेंचुरा सिक्योरिटीज लिमिटेड ने पिछले साल जुलाई में अडानी ग्रुप पर एक रिपोर्ट में कहा था कि टोटल एनर्जीज की एए रेटिंग से एएनआईएल को ग्लोबल मार्केट से कम लागत वाली शुरुआती फंडिंग बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है, जिससे ब्याज लागत में 150-200 आधार अंक (बीपीएस) की बचत होगी.

यूरोप में एक्सपोर्ट पर मिलती मदद

TotalEnergies यूरोप में कई H2-सपोर्टिड और प्रोफेशनल यूनियंस का एक सक्रिय सदस्य है. कंपनी 1.5 बिलियन यूरो के क्लीन एच2 इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की एंकर स्पॉन्सर भी है, जो यूरोप में ब्लू एच2 इकोसिस्टम बनाता है. रिपोर्ट के अनुसार एएनआईएल अपने ग्रीन एच2 के निर्यात के लिए यूरोपीय बाजार को टारगेट कर रहा है, जो हाई मार्जिन फॉरेक्स इनकम जेनरेट करेगा. वेंचुरा की रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरोप में TotalEnergies के रणनीतिक सहयोग से ANIL को यूरोपीय मार्केट में में अपने ग्रीन H2 को एक्सपोर्ट करने में मदद मिल सकती है.