‘अपनी बेगुनाही साबित करने में 14 साल लगे’, जिया खान केस पर सूरज पंचोली ने कही दिल की बात
Actor Sooraj Pancholi: एक्टर सूरज पंचोली को जिया खान सुसाइड केस पर लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी थी. 14 साल के कोर्ट ट्रायल के बाद उन्हें राहत मिली. लेकिन अभी भी एक्टर को इस केस से कुछ लोग जोड़कर देखते हैं. अब इसपर एक्टर ने अपनी चुप्पी तोड़ी है.
Sooraj Pancholi on Jiah Khan Case: बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली का जिया खान सुसाइड केस में नाम आया था. जिसके बाद से एक्टर को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था और कुछ समय जेल में भी बिताना पड़ा था. वैसे तो ये केस साल 2023 में ही बंद हो गया था और स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने उन्हें सबूतों के आभाव पर बरी कर दिया था. लेकिन इसके बाद भी यदा-कदा एक्टर को इस केस की वजह से ट्रोल होना पड़ता है. अब हाल ही में एक्टर ने इसपर रिएक्ट किया है और इस केस पर विस्तार से बात की है.
सूरज पंचोली ने जिया खान केस के बारे में बात करते हुए इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर करते हुए लिखा- सभी मीडिया पेजेस से मैं ये पूछना चाहता हूं कि वे मुझे बताएं कि जिया खान केस में ऐसा क्या है जिसका जवाब अभी नहीं मिला है. लेकिन साथ में आप इस बात को लेकर भी निश्चिंत होने चाहिए कि आपके तथ्य सटीक हों. इस केस के दौरान मुझे 14 साल के ट्रायल से गुजरना पड़ा. लेकिन इस केस का निर्णय, तथ्यों और कानून के माध्यम से ही निकाला गया. मुझे अपराधमुक्त करार दिया गया और इस मामले में लीगल प्रॉसिडिंग्स के दौरान कई भी उलझे सवाल नहीं थे.
बॉलीवुड एक्टर सूरज ने आगे कहा- किसी को भी अगर इस मामले में कोई शक है तो इस केस से जुड़े रिकॉर्ड्स और ट्रायल प्रोसिडिंग्स की डिटेल पब्लिक हैं और इसमें किसी भी राय तक पहुंचने से पहले आप फैक्ट चेक कर सकते हैं. जब ये दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ उस दौरान मेरी उम्र 20 साल की थी. मुझे उससे मिले अभी 4 महीने ही हुए थे और मुझे इस बात का कोई भी आइडिया नहीं था कि वो मानसिक तौर पर किन परिस्तिथियों का सामना कर रही है. उस उम्र में मैं ये सब समझने के लिए बहुत यंग था कि किसी के मन में इतनी सारी बातें हो सकती हैं. जो कुछ भी हुआ उसने मेरा पूरा जीवन बदलकर रख दिया.
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मैं 14 साल तक खुद को साबित करता रहा…
आगे सूरज पंचोली ने लिखा- मैं 14 साल तक अपने आप को बेकुसूर साबित करने में लगा रहा. ये वो साल थे जब मुझे अपना करियर बनाना था. लेकिन मेरे ऊपर ट्रायल्स का भार था जिसकी वजह से मेरा पूरा 20s निकल गया और आधे से ज्यादा 30s भी. मुझे ही पता था कि मेरे अपने दिल और दिमाग में हर दिन क्या चल रहा था. सिर्फ अदालत ही एक ऐसा जरिया था जहां पर मैं खुद को साबित कर सकता था. मैंने न्यायिक प्रक्रिया पर अपना भरोसा इन 14 सालों तक बनाए रखा. लेकिन इसके बाद भी जनता अगर मुझे दोषी मान रही है तो इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कर सकता हूं.
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मैं जिया की प्राइवेसी चाहता था…
अंत में अपनी बात खत्म करते हुए सूरज ने कहा कि- मैं जिया की प्राइवेसी चाहता था. इसलिए मैंने जिया के जीवन से जुड़ी बातों को लेकर चुप्पी साधी. मैंने कभी भी इस बारे में पब्लिकली बात नहीं की कि वो किन तरहों के पर्सनल ट्रामा से होकर गुजर रही थी. बस इसके बादले में मैंने सच्चाई और सम्मान चाहा. आपमें से ज्यादा लोगों के लिए ये एक कहानी या एक हैडलाइन होगी. लेकिन मेरे लिए ये पूरा जीवन रहा है. कोई भी लापरवाही से लिखी गई हैडलाइन, कोई भी मिसलीडिंग वीडियो और किसी रिपोर्ट का कोई भी झूठा नैरेटिव एक नया चैप्टर खोल देता है. मेरा बस यही कहना है कि अपना काम ईमानदारी, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए. अगर आप मेरी कहानी बताना चाहते हैं तो प्लीज पूरी कहानी बताइए.




