कोस्ट गार्ड में महिलाओं को परमानेंट कमीशन न देने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, तर्क को बताया गलत

इंडियन कोस्ट गार्ड (तटरक्षक बल) में महिला अधिकारियों को परमानेंट कमीशन न देने पर सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार से नाराज नजर आया. कोर्ट ने कहा कि अगर आप स्थायी कमीशन का प्रावधान नहीं करेंगे तो फिर कोर्ट को करना होगा. मामले की अगली सुनवाई एक मार्च को होगी.
सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन कोस्ट गार्ड (तटरक्षक बल) में महिला अधिकारियों को परमानेंट कमीशन न देने पर सख्त रवैया अपनाया है. कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार इस बात को सुनिश्चित करें कि इंडियन कोस्ट गार्ड में महिलाओं को परमानेंट कमीशन दिया जाए.
चीफ जस्टिस ने कहा कि महिलाओं को परमानेंट कमीशन देने के मसले को पीछे नहीं छोड़ा जा सकता है. कोर्ट ने सरकार से सख्त लहजे में कहा कि अगर आप इंडियन कोस्ट गार्ड में महिलाओं का परमानेंट कमीशन नहीं करेंगे तो फिर हम करेंगे. मामले की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने एक मार्च की तारीख भी तय कर दी है.
महिलाओं को पीछे नहीं छोड़ा जा सकता
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच के सामने सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमनी ने कहा कि शॉर्ट सर्विस कमीशन से परमानेंट कमीशन देने में कुछ ऑपरेशनल दिक्कतें हैं. इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि 2024 में इस तरह की बातों का कोई मतलब नहीं रह गया है. महिलाओं को पीछे नहीं छोड़ा जा सकता है. अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमनी ने कहा कि ICG इस बारे में जल्द ही हलफनामा दायर करेगा, उन्होंने कहा कि कोस्ट गार्ड की नौकरी नेवी और आर्मी से अलग है, इस बारे में विचार हो रहा है.
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प्रियंका त्यागी ने याचिका दायर की थी
इंडियन कोस्ट गार्ड (तटरक्षक बल) में 14 साल की सर्विस कर चुकी अधिकारी प्रियंका त्यागी ने परमानेंट कमीशन न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा कि नारी शक्ति कि जहां आप बात कर रहे है वहीं आपको निष्पक्षता सुनिश्चित करनी चाहिए. कोर्ट ने कहा कि केंद्र को ऐसी पॉलिसी लानी चाहिए जो महिलाओं को निष्पक्ष तरीके से देखे.
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने बबीता पुनिया का हवाला भी दिया, उन्होंने कहा क्या आपने बबीता पुनिया का जजमेंट नहीं देखा. कोर्ट ने कहा नेवी से लेकर सीमा तक महिलाएं हर जगह रक्षा में लगी हुई है, तो कोस्ट गार्ड में पर क्यों नहीं. बबीता पुनिया फैसले में, शीर्ष अदालत ने माना था कि शॉर्ट सर्विस कमीशन की महिला अधिकारी स्थायी कमीशन की हकदार हैं.