कांग्रेस का आरोप- हमारे कैंडिडेट को फर्जी मामले में फंसा सकती है AAP सरकार

आलोक शर्मा ने दावा किया कि अब जब आप को दिल्ली की जनता ने अस्वीकार कर दिया है तो इसके प्रमुख अरविंद केजरीवाल पंजाब के रास्ते संसद में पिछले दरवाजे से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने आप पर सभी गंदी चालें चलने का आरोप लगाया और दावा किया कि वह आशु को फिर से झूठे मामले में फंसा सकती है.
कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने शनिवार को आरोप लगाया कि पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) लुधियाना पश्चिम विधानसभा उपचुनाव के लिए पार्टी (कांग्रेस) के उम्मीदवार भारत भूषण आशु को मतदान से पहले झूठे मामले में फंसाने की फिर से कोशिश कर सकती है. पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, एआईसीसी सचिव आलोक शर्मा और रवींद्र दलवी, पूर्व मंत्री परगट सिंह और राकेश पांडे सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने आशु के साथ उन्हें किसी भी ऐसे मामले में फंसाने के खिलाफ आप को चेतावनी दी.
कांग्रेस ने उपचुनाव के लिए शुक्रवार को आशु को उम्मीदवार चुना था. आलोक शर्मा ने दावा किया कि अब जब आप को दिल्ली की जनता ने अस्वीकार कर दिया है तो इसके प्रमुख अरविंद केजरीवाल पंजाब के रास्ते संसद में पिछले दरवाजे से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने आप पर सभी गंदी चालें चलने का आरोप लगाया और दावा किया कि वह आशु को फिर से झूठे मामले में फंसा सकती है.
लुधियाना पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव
बता दें कि राजनीतिक पार्टियां लुधियाना पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है लेकिन इससे पहले पंजाब में 158 पंचायत समितियों और 23 जिला परिषद के चुनाव हो सकते हैं. राज्य चुनाव आयोग ने इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी है. माना जा रहा है कि मई के मध्य में आयोग पंचायत समितियों और जिला परिषद के चुनाव करवा सकता है. चुनाव करवाने को लेकर सरकार ने हाईकोर्ट को भी हलफिया बयान भी दिया हुआ है कि 31 मई से पहले चुनाव करवा दिए जाएंगे.
चुनाव में तकरीबन 1.30 करोड़ मतदाता
पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल सितंबर 2023 में खत्म हो गया था. तब से पंजाब सरकार ने चुनाव नहीं करवाए हैं. इसे लेकर कई याचिकाएं हाईकोर्ट में दायर हुई थीं. इसके बाद सरकार ने 31 मई से पहले चुनाव करवाने का हलफिया बयान दिया था. अहम बात यह हैं कि इस चुनाव में तकरीबन 1.30 करोड़ मतदाता हिस्सा लेते हैं. हर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में एक जिला परिषद है, जबकि पंचायत समितियों की संख्या करीब 158 है.